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ऑनलाइन आवेदन में उलझे पात्र, महज 37 फीसदी ने मांगी सहायता राशि

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 07 Mar 2022 12:11 AM IST
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Eligible entangled in online application, only 37 percent asked for help
नवनीत शर्मा
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भिवानी। कोरोना महामारी के प्रकोप की चपेट में हजारों परिवार आए हैं। कोरोना संक्रमण ने अप्रैल 2020 में जिले में दस्तक दी थी। करीब दो साल के अंतराल में जिले में 665 संक्रमितों ने अपनी जान गंवाई है। जान गंवाने वाले परिवारों को सरकार सहायता देगी। सिर्फ 37 फीसदी मृतकों के परिजनों ने ही इसके लिए ऑनलाइन आवेदन किए हैं।
सरकार मृतक के परिजनों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा दे रही है। जिले में अब तक 243 आवेदन किए हैं, जिनमें से स्वास्थ्य विभाग ने 228 के आवेदनों का वेरिफिकेशन किया है, जबकि 15 आवेदनों में त्रुटि मिलने की वजह से उन्हें लंबित किया है।
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दो लहरों में मिले 22 हजार से अधिक मिले संक्रमित
कोरोना की पहली और दूसरी लहर में कोरोना के 22414 मरीज मिले थे, जिनमें से 21758 मरीज स्वस्थ हुए है, जबकि 654 ने जान गंवाई है। जिले में पहली लहर में से अधिक दूसरी लहर का अधिक संक्रमण रहा है। दूसरी लहर में सबसे अधिक मई में संक्रमित सामने आए थे।
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तीसरी लहर में 4004 संक्रमित, 11 ने गंवाई जान
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर ने जनवरी में दस्तक दी थी। जिले में जनवरी में तीसरी लहर का सबसे अधिक प्रकोप रहा है। तीसरी लहर में अब तक 4004 संक्रमित मिले चुके हैं, जिनमें से 3949 मरीज स्वस्थ हो चुके है, जबकि 11 की मौत हुई है। जिले में कोरोना के फिलहाल 44 सक्रिय मरीज हैं। (संवाद)

सरल पोर्टल पर करें आवेदन
कोरोना संक्रमण से जिनकी मौत हुई है, उनके परिजनों को सरकार की ओर से 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसके लिए पात्र सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रशासन की ओर से कोरोना संक्रमण से हुई मौत की पुष्टि की जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की दी है, जिसके लिए तीन चिकित्सकों की कमेटी का गठन किया हुआ है। इसके जो भी पात्र हैं वे समय पर आवेदन करें, ताकि इसका लाभ मिल सके।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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