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10 महीने से नहीं हुआ बिजली ठेकेदार को भुगतान, कारिंदों ने छोड़ा काम, अंधेरे में शहर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 19 Apr 2022 12:33 AM IST
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Electricity contractor was not paid for 10 months, the servants left the work, the city in the dark
स्ट्रीट लाइट बंद होने से अंधेरे डूबी गली। संवाद - फोटो : Bhiwani
भिवानी। 10 महीने से नगर परिषद की स्ट्रीट लाइट रिपेयरिंग का ठेका लेने वाले ठेकेदार को भुगतान नहीं हुआ, जिस कारण पिछले चार माह से 30 कारिंदों को भी वेतन नहीं मिला। वेतन नहीं मिलने से परेशान कारिंदों ने सोमवार को काम छोड़ दिया। इस कारण शहर में स्ट्रीट लाइट ही चालू नहीं की गईं और पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। कॉलोनियों में लोग परेशान रहे और निवर्तमान पार्षद, पूर्व पार्षद ठेकेदार को फोन मिलाते रहे। ठेकेदार ने जवाब दिया कि 10 महीने से डेढ़ करोड़ रुपये का भुगतान नहीं हुआ है। कारिंदों को वेतन कहां से दूं।
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नगर परिषद ने शहर की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का ठेका दिया हुआ है। विकास नामक ठेकेदार ने स्ट्रीट लाइटों की रिपेयरिंग, रात को जलाने, सुबह बंद करने का ठेका लिया हुआ है। 30 कारिंदे उसके शहर में काम करते हैं। पिछले दिनों शहर दूधियां रोशनी के कारण काफी चर्चा में रहा। सीएम कार्यक्रम के दौरान भी शहर जगमगाया। सोमवार को पूरा शहर अंधेरे में डूब गया। कारण था 30 कारिंदों ने वेतन नहीं मिलने के कारण काम छोड़ दिया और लाइटें ही चालू नहीं की। जिस कारण पूरे शहर में हड़कंप मच गया। गलियों, कॉलोनियों, मुख्य रास्तों पर अंधेरा होने के कारण लोग अधिकारियों, ठेकेदार, पूर्व और निवर्तमान पार्षदों के पास फोन करने लगे। मगर कहीं से भी लाइट जलाने बाबत संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
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न बाइक में तेल, न खाने के पैसे कैसे करें काम
काम छोड़ने वाले कारिंदों का कहना है कि शहर की स्ट्रीट लाइटें चालू करने के लिए बाइक से हरेक प्वाइंट पर जाना पड़ता है। ठेकेदार ने काफी महीनों से वेतन नहीं दिया तो कैसे काम चलाएं। अब न बाइक में तेल और न जेब में पैसे। खाने तक के पैसे नहीं है। समझ नहीं आ रहा कि घर खर्च कैसे चलाएं। पहले उधार सामान खरीदते थे, अब वो भी बंद हो गया। मुश्किल से 10 हजार रुपये मासिक मिलते हैं और वे भी काफी महीनों से नहीं मिले।
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कारिंदों ने काम छोड़ दिया
सफाई का ठेका मेरे पास है। 30 कारिंदे काम करते हैं। सीएम के भिवानी आगमन के समय सभी कारिंदों ने बेहतर कार्य किया और भिवानी शहर लाइटों से जगमगा उठा। इस दौरान काफी लाइटें नई लगाई गईं तो काफी बदली गई। काफी की रिपेयरिंग की गई। मेरे नगर परिषद पर डेढ़ करोड़ रुपये बकाया हैं। 10 माह से राशि नहीं दी जा रही। ऐसे में कैसे काम चले। आज कारिंदों ने काम छोड़ दिया तो व्यवस्था बिगड़ गई है।
- विकास, ठेकेदार।
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