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शिक्षा, संस्कार व संस्कृति हमारे देश की पहचान : विपुल गोयल
Fri, 02 May 2025 10:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 02 May 2025 10:50 PM IST
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वैश्य महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल को सम्मानित करते विधायक घन
भिवानी। शिक्षा, संस्कार व संस्कृति हमारे देश की पहचान है। इसी को अनुसरण करते हुए विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ना चाहिए। यह बात वैश्य महाविद्यालय के वार्षिक पारितोषिक वितरण एवं पुस्तकालय ब्लॉक के उद्घाटन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कही।
उन्होंने कहा कि समाज के पुरोधाओं की ओर से लगाया गया शिक्षा रूपी पौधा आज वट वृक्ष बनकर युवाओं को उन्नति के पथ पर अग्रसर कर रहा है। उन्होंने महाविद्यालय में स्किल सेंटर की स्थापना के लिए अपने निजी कोष से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।
पुस्तकालय ब्लॉक के उद्घाटन के पश्चात वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री विपुल गोयल, समारोह अध्यक्ष वैश्य महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष अजय गुप्ता, विशिष्ट अतिथि विधायक घनश्याम सर्राफ, महासचिव डॉ. पवन बुवानी वाला, प्राचार्य डॉ संजय गोयल ने किया। समारोह में शैक्षणिक, राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी, खेलों, सांस्कृतिक गतिविधियों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले 200 विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये की नकद राशि के पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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महाविद्यालय की छात्रा छवि को बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर का अवाॅर्ड प्रदान किया गया। प्राचार्य डॉ. संजय गोयल को बाबू बनारसी दास गुप्ता अवार्ड प्रदान करते हुए ग्यारह हजार रुपए नकद, शॉल व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच का संचालन डॉ. हरिकेश पंघाल एवं डॉ. वंदना वत्स ने किया।
समिति अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि उच्च स्तर की डिग्री हासिल करवाने में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों का भी अहम योगदान होता है। युवाओं से उन्हें अनेक अपेक्षाएं होती हैं। इन अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेना चाहिए। प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने महाविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियों से सभी को अवगत करवाया।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय आज 4 हजार विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपितु सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के साथ उनके भविष्य का निर्माण भी कर रहा है। महाविद्यालय के विद्यार्थी प्रशासनिक, राजनीतिक एवं अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं।
विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि युवा वर्ग को चाहिए कि वह भारतीय सभ्यता और संस्कृति की पहचान करके भारत को उन्नत के राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका अदा करें। डॉ. पवन बुवानीवाला ने कहा कि युवा वर्ग के लिए शिक्षा केवल ज्ञान व जानकारी हासिल करने का ध्येय ही नहीं होना चाहिए बल्कि शिक्षा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होना चाहिए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई। समारोह में सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, समाजसेवी रामदेव तायल, नंदकिशोर अग्रवाल, रामनिवास सिवानी वाला, शिक्षाविद् टीसी गोयल, पवन गोयल, दीपक गुप्ता, डॉ. सतीश आर्य, जेपी शर्मा, नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप मौजूद रहे।
इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दीं प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला में छात्र ऋषित, साहिल बादल, आर्यन, आदित्य, विक्की, लखविंदर व सिद्धांत ने कव्वाली गाई। छात्रा खुशी ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुति दी। छात्र साहिल मैसी ने वृद्ध माता-पिता पर आधारित हरियाणवी कविता सुनाई। छात्र साहिल बादल ने हरियाणवी गीत गाया। वहीं छात्रा इशिका व खुशी ने हरियाणवी गीत मेरे पाच्छे पाच्छे आवन का भला कौन सा मतबल तेरा सै गाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया।
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उन्होंने कहा कि समाज के पुरोधाओं की ओर से लगाया गया शिक्षा रूपी पौधा आज वट वृक्ष बनकर युवाओं को उन्नति के पथ पर अग्रसर कर रहा है। उन्होंने महाविद्यालय में स्किल सेंटर की स्थापना के लिए अपने निजी कोष से 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।
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पुस्तकालय ब्लॉक के उद्घाटन के पश्चात वार्षिक पारितोषिक वितरण समारोह का शुभारंभ समारोह के मुख्य अतिथि मंत्री विपुल गोयल, समारोह अध्यक्ष वैश्य महाविद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष अजय गुप्ता, विशिष्ट अतिथि विधायक घनश्याम सर्राफ, महासचिव डॉ. पवन बुवानी वाला, प्राचार्य डॉ संजय गोयल ने किया। समारोह में शैक्षणिक, राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी, खेलों, सांस्कृतिक गतिविधियों में सराहनीय प्रदर्शन करने वाले 200 विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये की नकद राशि के पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
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महाविद्यालय की छात्रा छवि को बेस्ट स्टूडेंट ऑफ द ईयर का अवाॅर्ड प्रदान किया गया। प्राचार्य डॉ. संजय गोयल को बाबू बनारसी दास गुप्ता अवार्ड प्रदान करते हुए ग्यारह हजार रुपए नकद, शॉल व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मंच का संचालन डॉ. हरिकेश पंघाल एवं डॉ. वंदना वत्स ने किया।
समिति अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि उच्च स्तर की डिग्री हासिल करवाने में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों का भी अहम योगदान होता है। युवाओं से उन्हें अनेक अपेक्षाएं होती हैं। इन अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संकल्प लेना चाहिए। प्राचार्य डॉ. संजय गोयल ने महाविद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ते हुए महाविद्यालय की उपलब्धियों से सभी को अवगत करवाया।
उन्होंने कहा कि महाविद्यालय आज 4 हजार विद्यार्थियों को न केवल शिक्षा के क्षेत्र में अपितु सांस्कृतिक एवं नैतिक मूल्यों के साथ उनके भविष्य का निर्माण भी कर रहा है। महाविद्यालय के विद्यार्थी प्रशासनिक, राजनीतिक एवं अन्य क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर महाविद्यालय का नाम रोशन कर रहे हैं।
विधायक घनश्याम सर्राफ ने कहा कि युवा वर्ग को चाहिए कि वह भारतीय सभ्यता और संस्कृति की पहचान करके भारत को उन्नत के राष्ट्र निर्माण में अपनी अहम भूमिका अदा करें। डॉ. पवन बुवानीवाला ने कहा कि युवा वर्ग के लिए शिक्षा केवल ज्ञान व जानकारी हासिल करने का ध्येय ही नहीं होना चाहिए बल्कि शिक्षा से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन होना चाहिए।
इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी प्रस्तुति दी गई। समारोह में सिटी मजिस्ट्रेट अनिल कुमार, समाजसेवी रामदेव तायल, नंदकिशोर अग्रवाल, रामनिवास सिवानी वाला, शिक्षाविद् टीसी गोयल, पवन गोयल, दीपक गुप्ता, डॉ. सतीश आर्य, जेपी शर्मा, नगर परिषद चेयरपर्सन प्रतिनिधि भवानी प्रताप मौजूद रहे।
इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दीं प्रस्तुतियां
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला में छात्र ऋषित, साहिल बादल, आर्यन, आदित्य, विक्की, लखविंदर व सिद्धांत ने कव्वाली गाई। छात्रा खुशी ने भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बेहतरीन प्रस्तुति दी। छात्र साहिल मैसी ने वृद्ध माता-पिता पर आधारित हरियाणवी कविता सुनाई। छात्र साहिल बादल ने हरियाणवी गीत गाया। वहीं छात्रा इशिका व खुशी ने हरियाणवी गीत मेरे पाच्छे पाच्छे आवन का भला कौन सा मतबल तेरा सै गाकर सबको झूमने पर मजबूर कर दिया।