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नकली पीपीई किट बनाने का खेल बेधड़क जारी, ठिकानों की पहचान में जुटा प्रशासन

Sun, 19 Apr 2020 11:00 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2020 11:00 PM IST
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duplicate ppe kit bhiwani news
कांग्रेस नेता किरण चौधरी द्वारा अमर उजाला की खबर पर किया गया ट्वीट। - फोटो : Bhiwani
हाइजेनिक मापदंडों की धज्जियां उड़ाकर नकली पीपीई किट के काले धंधे में पकड़े जाने और इससे किसी डॉक्टर्स व स्वास्थ्य कर्मी की जान चले जाने पर दो साल से लेकर उम्रकैद और जुर्माने की सजा का प्रावधान हैं, लेकिन फिर भी दलालों का भिवानी में घरों के अंदर नकली पीपीई किट बनाने का काला धंधा बेधड़क जारी है। अब जिला प्रशासन द्वारा गठित की गई टीमें दलालों के गुप्त ठिकानों की टोह में जुट गई हैं और सोमवार से अधिकारियों की टीम छापामारी भी करेगी।
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कोविड-19 महामारी कानून की धज्जियां उड़ाकर जिला प्रशासन की नाक तले तिरपाल और नॉन वुवन कपड़े से बिना किसी निर्धारित मापदंड और हाइजेनिक नियमों की अनदेखी कर घरों के अंदर गंदगी के माहौल में तैयार हो रही नकली पीपीई किट कोरोना के योद्धाओं के लिए भी जानलेवा हो सकती है। अगर इस किट के इस्तेमाल से किसी भी डॉक्टर्स व स्वास्थ्य कर्मी की जान पर संकट या खतरा मंडराता है तो उसका जिम्मेवार आखिर कौन होगा। भिवानी शहर की हर गली और मोहल्ले में नकली पीपीई किट बनवाने के दलालों का जाल फैला हुआ है। मगर अभी तक जिला प्रशासन और पुलिस विभाग शिकायत मिलने के इंतजार में बैठा है। हालांकि इस मामले में काफी लिखित शिकायतें और सीएमओ व पीएमओ आफिस तक ये मामला पहुंच चुका है।
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सांसद धर्मबीर सहित तोशाम से कांग्रेस विधायिका एवं पूर्वमंत्री किरण चौधरी भी अपने ट्वीटर हैंडल से पीएमओ को इस गंभीर मामले से अवगत करा चुके हैं। इसके बावजूद भी भिवानी का पूरा सरकारी सिस्टम और सरकार सोई हुई है। उन्हें इंतजार है तो बस किसी बड़ी अनहोनी का। दो कोरोना पॉजिटिव ठीक होने के बाद भिवानी सुरक्षित जोन में आ गया था। लेकिन अब एक जेल वार्डर फिर से कोरोना पॉजिटिव आ चुका है। उसका पूरा परिवार भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी में हैं, जिनकी रिपोर्ट आने का इंतजार हो रहा है। ऐसे में अगर भिवानी के डॉक्टर्स व स्वास्थ्य कर्मी भी इन नकली पीपीई किट के सहारे उनके इलाज की गलती कर बैठेंगे तो निश्चित तौर पर उनकी सेहत पर भी इस गंभीर बीमारी का खतरा बढ़ जाएगा।
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अधिकारी भी मान रहे घरों में इस तरह का धंधा गैर कानूनी, फिर भी कार्रवाई से गुरेज
अमर उजाला पड़ताल में अब तक संबंधित विभागों के सभी अधिकारियों व इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों ने भी घरों के अंदर दलालों के ऑर्डर पर मास्क पर रबड़ लगाना और बिना प्रमाणिक पीपीई किट तैयार कराया जाना गैर कानूनी और गलत है। लेकिन इसके बावजूद संबंधित विभागों के अधिकारी ऐसे गोरखधंधे में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई करने से भी गुरेज कर रहे हैं। ऐसा किसी राजनीति दबाव की वजह से हो रहा है या फिर इन अधिकारियों की भूमिका ही संदेह के घेरे में है।
लॉकडाउन में धड़ल्ले से खुल रही तिरपाल की दुकानें
रविवार को लॉकडाउन में भी धड़ल्ले से सराय चौपटा से गोशाला मार्केट शिक्षा मार्ग पर तिरपाल की दुकानें खुली रही। पुलिस प्रशासन ने भी इन्हें बंद कराने की जहमत नहीं उठाई। ग्राहक भी कंधों पर उठाकर तिरपाल ले जाते नजर आए।
एक्सपर्ट व्यू
अधिवक्ता अजय वर्मा ने बताया कि महामारी कानून सबसे छोटा एक्ट हैं, जिसमें केवल चार सेक्शन हैं। अगर महामारी फैल जाती है या फैलने की आशंका है तो सरकार महामारी कानून को लागू कर सकती है। इसका फायदा यह होता है कि अधिकारियों को लीगल सिक्योरिटी मिल जाती है, सामाजिक, धार्मिक या अन्य आयोजनों पर सरकार तुरंत रोक लगा सकती है, किसी भी व्यक्ति की उसकी इच्छा के विपरित भी उसका मेडिकल चेकअप करके इलाज कर सकती है और महामारी फैलाव को रोकने के लिए प्रशासन जरूरी कदम उठा सकता है। धारा-188 आईपीसी के तहत आदेश मनवाने के लिए अधिकारियों को स्पेशल पावर दी जा सकती है। नकली पीपीई किट के कारण यदि महामारी फैलती है और डॉक्टर्स, नर्स या मरीज की मौत होती है तो उस सूरत में आईपीसी की धारा 304 के तहत 10 साल से लेकर उम्रकैद तक सजा हो सकती है। यदि नकली पीपीई किट से महामारी का फैलाव होता है तो धारा 269, 270, 405, 406, 415, 417 आईपीसी के तहत दो साल तक कैद या जुर्माना या दोनों हो सकते है। जबकि धारा 188 आईपीसी के तहत छह महीने की सजा या जुर्माने दोनों हो सकते है।

पूर्वमंत्री एवं कांग्रेस नेता किरण चौधरी ने भी किया ट्वीटर हैंडल पर ये ट्वीट
अमर उजाला की पड़ताल पर हरियाणा की पूर्वमंत्री एवं तोशाम से कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने अपने ट्वीटर हैंडल पर इस मामले में सीएमओ हरियाणा और कांग्रेस हाईकमान को ट्वीट के जरिए मामले में कड़ी टिप्पणी भेजी है। किरण चौधरी ने अपने ट्वीट में लिखा- साहब, इन मुनाफाखोरों को मानवता से ज्यादा अपने मुनाफे की पड़ी है। क्या आप इनके खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करेंगे? क्या इनको समाज और कानून का दोषी करार करना नहीं चाहिए? इसके माध्यम से इस गोरखधंधे में शामिल लोगों की जल्द धरपकड़ करने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की भी पैरवी की है।
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