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जिला उद्योग केंद्र से नहीं किसी को अनुमति, फिर भी बनाई जा रही है नकली पीपीई किट
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नया बाजार क्षेत्र से होकर जाती नॉन वुवन कपड़े के बंडलों से लदी एक गाड़ी।
- फोटो : Bhiwani
बिना किसी अनुमति और हाईजेनिक मापदंड पूरे किए बगैर घरों के अंदर चल रहे नकली पीपीई किट के खेल में दलालों का नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा है। दिल्ली से कच्चा माल मंगवा उसी से घरों के अंदर महिलाओं व बच्चों से नकली पीपीई किट तैयार कराई जा रही है। भारी मात्रा में इस अवैध माल के स्टॉक को भी रिहायशी इलाकों में अवैध रूप से बनाए गए गुप्त गोदामों में कालाबाजारी के लिए रखा गया है। शहर के अंदर काफी ऐसे ठिकानें हैं जहां से तैयार की गई नकली पीपीई किट का माल लॉकडाउन के बावजूद गाड़ियों में भरकर रात के अंधेरे में फैक्ट्रियों तक पहुंचाया जा रहा है। सोमवार से जिला प्रशासन द्वारा गठित संबंधित अधिकारियों की टीम भी हरकत में आ सकती है। इसके संकेत मिले हैं।
कोविड-19 महामारी की घोषणा के बाद से ही भिवानी में नकली पीपीई किट तैयार किए जाने का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में भिवानी से घरों के अंदर तैयार कराई गई पीपीई किट भेजी जा रही हैं, जिससे कोविड के खिलाफ जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं की जान भी संकट में आ गई है। मात्र 70 रुपये में नॉन वुवन कपड़े और तिरपाल बनाने वाली प्लास्टिक से नकली पीपीई किट तैयार कराई जा रही है। जिसका बीएसएम भी कोविड के दौरान पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (पीपीई किट) के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। सबसे अहम बात तो यह भी है कि पीपीई किट केवल भारत सरकार से मान्यता लेने व अधिकृत की गई कंपनियों द्वारा ही निर्मित किया जा सकता है, लेकिन कोविड जैसी वैश्विक महामारी में नकली पीपीई किट भिवानी शहर व ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर बन रही हैं, जिन्हें शायद जिला प्रशासन और सरकार द्वारा कार्रवाई किए जाने का भी कोई खौफ तक नहीं है।
पीपीई किट का निर्माण घरों के अंदर कराया जाना गलत है। पीपीई किट बनाने की कोई अनुमति किसी को नहीं दी गई है। इस बारे में सभी इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों के साथ संबंधित अधिकारियों ने बैठक कर स्पष्ट हिदायतें जारी की है। सोमवार से जिला प्रशासन द्वारा गठित संबंधित अधिकारियों की टीम भी इस मामले की गहराई से जांच पड़ताल करेगी और इसके बाद अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। उद्योगों के लिए नियम तय किए हुए हैं, अगर कोई उद्योगपति इन नियमों की उल्लंघना में शामिल पाया जाता है तो फिर इस संबंध में प्रशासन द्वारा ही कार्रवाई भी कराई जाएगी।
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- संदीप दांगी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र भिवानी।
घरों के अंदर बनाई जा रही पीपीई किट और मास्क पूरी तरह से अवैध और नियमों के विरुद्ध हैं। सभी इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों ने इस संबंध में जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को लिखित में पत्र सौंप दिया है। विभाग छापामारी करें और इस गोरखधंधे में संलिप्त लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करे। यह भी अनुरोध किया गया है कि कोई भी उद्योग मालिक या उद्योगपति कोई भी गैर कानूनी कार्य न करें। जो भी कार्य करे वह निर्धारित मापदंडों और कानून के दायरे में रहते हुए करे।
- धर्मबीर नेहरा, प्रधान, भिवानी इंस्डस्ट्रीज एसोसिएशन।
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कोविड-19 महामारी की घोषणा के बाद से ही भिवानी में नकली पीपीई किट तैयार किए जाने का गोरखधंधा जोरों पर चल रहा है। देश के विभिन्न हिस्सों में भिवानी से घरों के अंदर तैयार कराई गई पीपीई किट भेजी जा रही हैं, जिससे कोविड के खिलाफ जंग लड़ रहे कोरोना योद्धाओं की जान भी संकट में आ गई है। मात्र 70 रुपये में नॉन वुवन कपड़े और तिरपाल बनाने वाली प्लास्टिक से नकली पीपीई किट तैयार कराई जा रही है। जिसका बीएसएम भी कोविड के दौरान पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (पीपीई किट) के मानकों पर खरा नहीं उतर रहा है। सबसे अहम बात तो यह भी है कि पीपीई किट केवल भारत सरकार से मान्यता लेने व अधिकृत की गई कंपनियों द्वारा ही निर्मित किया जा सकता है, लेकिन कोविड जैसी वैश्विक महामारी में नकली पीपीई किट भिवानी शहर व ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर बन रही हैं, जिन्हें शायद जिला प्रशासन और सरकार द्वारा कार्रवाई किए जाने का भी कोई खौफ तक नहीं है।
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पीपीई किट का निर्माण घरों के अंदर कराया जाना गलत है। पीपीई किट बनाने की कोई अनुमति किसी को नहीं दी गई है। इस बारे में सभी इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों के साथ संबंधित अधिकारियों ने बैठक कर स्पष्ट हिदायतें जारी की है। सोमवार से जिला प्रशासन द्वारा गठित संबंधित अधिकारियों की टीम भी इस मामले की गहराई से जांच पड़ताल करेगी और इसके बाद अपनी रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। उद्योगों के लिए नियम तय किए हुए हैं, अगर कोई उद्योगपति इन नियमों की उल्लंघना में शामिल पाया जाता है तो फिर इस संबंध में प्रशासन द्वारा ही कार्रवाई भी कराई जाएगी।
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- संदीप दांगी, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र भिवानी।
घरों के अंदर बनाई जा रही पीपीई किट और मास्क पूरी तरह से अवैध और नियमों के विरुद्ध हैं। सभी इंडस्ट्रीज एसोसिएशनों ने इस संबंध में जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों को लिखित में पत्र सौंप दिया है। विभाग छापामारी करें और इस गोरखधंधे में संलिप्त लोगों को पकड़कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करे। यह भी अनुरोध किया गया है कि कोई भी उद्योग मालिक या उद्योगपति कोई भी गैर कानूनी कार्य न करें। जो भी कार्य करे वह निर्धारित मापदंडों और कानून के दायरे में रहते हुए करे।
- धर्मबीर नेहरा, प्रधान, भिवानी इंस्डस्ट्रीज एसोसिएशन।