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Bhiwani News: नहरी पानी की किल्लत से सुंदर ग्रुप में 671 और मिताथल फीडर में 183 क्यूसेक पानी, जूई फीडर में फिलहाल बंद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 18 Dec 2023 11:09 PM IST
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Due to shortage of canal water, 671 cusecs of water in Sundar Group and 183 cusecs of water in Mitathal feeder, currently closed in Jui feeder.
भिवानी। पानी की किल्लत के बीच सुंदर ग्रुप में 671 क्यूसेक पानी पहुंचा है। वहीं मिताथल फीडर में 183 क्यूसेक पानी पहुंचा। जबकि पानी की कमी से जूई फीडर फिलहाल बंद है। सिंचाई विभाग ने 2230 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी थी, मगर नहरों में मात्र 854 क्यूसेक पानी ही पहुंचा है।
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सोमवार को दूसरे दिन भी नहरों में पानी बहुत कम पहुंचा। इससे जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अधिकारियों को जलघर के टैंक भरना तो दूर टैंकों तक पानी पहुंचाना भी मुश्किल हो गया। हालांकि पिछले कुछ अर्से से शहर में एक दिन छोड़कर एक दिन पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। नहरों में कम पानी आने से शहर को जलसंकट से निजात मिलने की उम्मीद भी नहीं नजर आ रही है। क्योंकि जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने 20 दिसंबर तक ही राशनिंग का शेड्यूल जारी किया था, मगर इस दौरान जलघर के टैंक भरना मुश्किल है। ऐसे में शहरवासियों को पानी की राशनिंग अभी और झेलनी पड़ेगी।
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सिंचाई विभाग ने 2230 क्यूसेक नहरी पानी की डिमांड की थी, मगर लगातार दूसरे दिन भी सुंदर नहर में 671 क्यूसेक और मिताथल में 183 क्यूसेक पानी ही पहुंचा। जबकि विभाग ने सुंदर नहर के लिए 950 क्यूसेक और मिताथल फीडर के लिए 380 क्यूसेक पानी की डिमांड भेजी थी। इसी तरह जूई फीडर में भी 900 क्यूसेक पानी चलना था, मगर कम पानी आने की वजह से जूई नहर को बंद करना पड़ा। जबकि दोनों नहरों में भी पानी का स्तर बहुत कम बना रहा। अब सबसे बड़ी चुनौती तो जलघर के टैंकों को भरना है। क्योंकि पिछले 30 दिन से नहरों में पानी नहीं आया है। ऐसे में अब ग्रामीण क्षेत्र के टैंक भी जवाब देने लगे हैं, जबकि पुराने शहर के जलघर को सप्ताह भर पहले से ही खाली पड़े हैं।
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किसानों की भी पानी को लेकर बढ़ गई परेशानी
इस समय किसानों की रबी सीजन की फसल सिंचाई का इंतजार कर रही है, मगर नहरों के पानी के स्तर को देखकर नहीं लग रहा कि किसानों के खेत गीले भी हो पाएंगे। किसानों के लिए इस समय फसल की सिंचाई करना बेहद जरूरी इसलिए भी है, क्योंकि अब पाला की मार फसल पर पड़ने की संभावना अधिक बनेगी। धुंध में फसल की बढ़वार तभी होगी जब खेतों में पर्याप्त सिंचाई हो पाएगी। जिले में करीब साढ़े छह लाख एकड़ से अधिक में गेहूं और सरसों की बिजाई हो चुकी है। वहीं नहरों में पानी चोरी की घटनाएं भी अब बढ़ जाएंगी।
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बुटाना ग्रुप में मिलेगा जूई फीडर को आठ दिन पानी
सिंचाई विभाग अधिकारियों ने कम नहरी पानी को इसलिए भी सुंदर और मिताथल में मैनेज करना जरूरी समझा, क्योंकि जूई को बुटाना ग्रुप में पानी चलने के दौरान भी आठ दिन पानी मुहैया कराया जाएगा। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारी इन दो दिनों में कम नहरी पानी पहुंचने पर अतिरिक्त पानी की डिमांड भी मुख्यालय को भेज चुके हैं। क्योंकि इन दो दिनों में पानी का स्तर बेहद ही कम रहा है।
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हमारी पेयजल सप्लाई पूरी तरह से नहरी पानी पर निर्भर है। जब तक टैंकों में पानी का पर्याप्त भंडारण नहीं होगा तब तक शहर में राशनिंग खत्म नहीं हो पाएगी। जैसे ही टैंकों में पानी का स्तर संतोषजनक होगा तो शहर में पूरे प्रेशर से नियमित रूप से पानी की आपूर्ति सुचारु करा दी जाएगी।

-सूरज प्रकाश जैन, एसडीओ सिंचाई विभाग भिवानी।
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सुंदर ग्रुप की नहरों में डिमांड के मुकाबले काफी कम पानी पहुंचा है। पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ेगा। हमारी प्राथमिकता जलघर के टैंकों को भरना रहेगी। वहीं किसानों को भी सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। दो दिनों तक बेहद कम पानी नहरों में पहुंचा है। इसलिए हम मुख्यालय से अतिरिक्त पानी चलाने की भी गुजारिश कर रहे हैं।
-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।

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