फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Drona raised an army of boxers, victory flags are flying in the world

Bhiwani News: द्रोण ने खड़ी की मुक्केबाजों की फौज, दुनिया में लहरा रहे विजय ध्वज

Sat, 02 Mar 2024 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sat, 02 Mar 2024 10:57 PM IST
विज्ञापन
Drona raised an army of boxers, victory flags are flying in the world
भिवानी। पिछले दो दशक से भिवानी बॉक्सिंग खेल अकादमी (बीबीसी) ने अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाजों की फौज खड़ी कर भिवानी को मिनी क्यूबा की पहचान दिलाई है। भिवानी के मुक्के का दम हर विश्वस्तरीय स्पर्धा में दिखा है। यहां द्रोणाचार्य अवार्डी गुरु हैं तो शिष्यों में भी अर्जुन-भीम की कमी नहीं है। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, एशियन खेलों में भिवानी बॉक्सिंग अकादमी के मुक्केबाजों ने न केवल बेहतर प्रदर्शन किया, बल्कि कामयाबी का जश्न मनाकर भारत का नाम भी रोशन किया है। 2010 में चाइना में हुए एशियन खेलों में भिवानी बॉक्सिंग अकादमी विश्व स्तर की एक ऐसी अकादमी का खिताब भी पा चुकी है, जिसके मुक्केबाजों ने दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता था। गुरु द्रोण की पारखी निगाहों का ही असर है कि यहां के 110 मुक्केबाज अंतरराष्ट्रीय की स्पर्धाओं की तैयारी में जुटे हुए हैं। सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीबीसी के छह मुक्केबाजों को प्रदेश का सबसे बड़ा खेल सम्मान भीम अवार्ड भी मिल चुका है तो अर्जुन अवार्डियों की भी लंबी फेहरिस्त है।
विज्ञापन

भिवानी के सेक्टर 13 के समीप स्थित भिवानी बॉक्सिंग अकादमी की स्थापना 17 फरवरी 2003 को हुई थी। बीबीसी उस दौर में खुली थी जब भिवानी में मुक्केबाजी का क्रेज बढ़ने लगा था। अकादमी में मुक्केबाजी के कोच जगदीश ने खिलाड़ियों को जीतोड़ मेहनत के लिए प्रेरित किया और उन पर खेल के दौरान सख्ती भी बरती। उन खिलाड़ियों ने जितना पसीना अकादमी में खेल अभ्यास के दौरान बहाया, उतना ही निखार उनकी विश्व स्तरीय स्पर्धाओं और पदकों में दिखी। एक के बाद एक विश्व स्तरीय स्पर्धाओं में बीबीसी के मुक्केबाजों की जीत का डंका बजने के साथ ही भिवानी का नाम भी मुक्केबाजी में चमकने लगा। भिवानी मिनी क्यूबा के नाम से जाने जाना लगा। यहां का बच्चा-बच्चा मुक्केबाज बनने का सपना जीने लगा। भिवानी बॉक्सिंग अकादमी से अंतरराष्ट्रीय मुक्केबाज बिजेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, सुनील, विकास कृष्ण यादव, सोनिया चहल, कविता चहल, नीतू घनघस, साक्षी ढांडा जैसे बेहतरीन मुक्केबाजों ने प्रतिद्वंद्वियों को रिंग में भिवानी के मुक्के का दम भी दिखा विश्व स्तरीय मुकाबालों में जीत हासिल की। बीबीसी के अंतरराष्ट्रीय बाक्सर बिजेंद्र सिंह, दिनेश कुमार, कविता चहल, विकास कृष्ण यादव उर्फ विकास कृष्णन को अर्जुन अवार्ड भी मिल चुका है।
विज्ञापन

नशा से दूर रख जगाई बीबीसी ने युवाओं में खेलों की ललक : कमल प्रधान
भिवानी बॉक्सिंग अकादमी के अध्यक्ष एवं युवा कल्याण संगठन भिवानी के संरक्षक कमल प्रधान ने बताया कि बीबीसी ने युवाओं को नशाखोरी से दूर रखकर उनके अंदर खेल की ललक जगाने का काम किया है। खिलाड़ियों को जमीन से तैयार कर उन्हें आसमान की ऊंचाईयों तक पहुंचाया। आज भिवानी के मुक्केबाज देश-दुनिया में पदक जीत जीत रहे हैं। उपलब्धियों के दम पर अच्छे-अच्छे पदों को सुशोभित कर रहे हैं। इसमें भिवानी बॉक्सिंग अकादमी में खिलाड़ियों को मिले बेहतर माहौल का अहम योगदान है। बीबीसी के मुक्केबाजों को अर्जुन और भीम अवार्ड मिल चुका है। ये सभी खिलाड़ी द्रोणाचार्य अवार्डी जगदीश सिंह के सानिध्य में विश्व स्तर तक पहुंचे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

विश्व स्तर पर दिलाई है मुक्केबाजों ने अकादमी और जिले को पहचान: जगदीश सिंह
द्रोणाचार्य अवार्डी मुक्केबाजी कोच जगदीश सिंह ने बताया कि बीबीसी की स्थापना के बाद यहां के मुक्केबाजों ने विश्व स्तर पर अकादमी और जिले को पहचान दिलाई है। हर खिलाड़ी का सपना होता है कि वो विश्व स्तरीय स्पर्धाओं में बेहतर प्रदर्शन करे। यहां के मुक्केबाजों ने अपने सपनों को भी साकार किया है। फिलहाल बीबीसी में 110 अंतर राष्ट्रीय महिला और पुरुष खिलाड़ी खेल कौशल को निखार रहे हैं। ये खिलाड़ी भी यहां से विश्व स्तर के मुक्केबाजों की तरह ही अपनी पहचान बनाने को आतूर हैं। भिवानी में मुक्केबाजी का काफी क्रेज बढ़ा है। यहां के युवाओं में खेल का जजबा है।
मैं गांव में खेतीबाड़ी करता हूं। भिवानी बॉक्सिंग अकादमी ने मेरी बेटी साक्षी ढांडा को अंतर राष्ट्रीय महिला मुक्केबाज के तौर पर दुनिया में पहचान दिलाई है। ये मेरे और मेरे परिवार के लिए बड़े गर्व की बात है। मुझे अपनी बेटी पर गर्व है। इसके साथ ही मुझे अकादमी के मुक्केबाजी प्रशिक्षक द्रोणाचार्य अवार्डी जगदीश सिंह पर भी नाज है, जिनके सानिध्य में खेल जगत को कई अर्जुन अवार्डी मिले हैं।

-मनोज कुमार अंतर राष्ट्रीय महिला मुक्केबाज साक्षी ढाडा का पिता।

मेरी भतीजी नीतू घनघस ने विश्व महिला मुक्केबाजी में नाम कमाया है। जिस पर पूरे परिवार को वर्ग है। भिवानी बॉक्सिंग अकादमी विश्व स्तर की अकादमी में शुमार है जिसने अनगिनत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी दिए हैं। अकादमी में अब भी भविष्य के अर्जुन और भीम अवार्ड पाने की ललक लेकर युवा खिलाड़ी खूब पसीना बहा रहे हैं।
-रणबीर प्रधान नीतू घनघस के ताऊ।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article