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Bhiwani News: अब भिवानी, सिवानी, लोहारू और बवानीखेड़ा में जल्द सुधरेगा पेयजल और सीवरेज सिस्टम
Sat, 20 May 2023 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 20 May 2023 01:46 AM IST
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पुराना जलघर में बना पंप हाउस चैंबर दो।
भिवानी। अब भिवानी शहर के साथ-साथ कस्बा सिवानी, लोहारू और बवानीखेड़ा में भी पेयजल और सीवरेज सिस्टम सुधरेगा। जिसके लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अकले भिवानी शहर में 50 किलोमीटर दायरे में नए पेयजल पाइप लाइन डाली जाएगी। पुराने जलघर की 50 साल पुरानी मुख्य पेयजल लाइन को भी बदला जाएगा। यानी पुराने जलघर का नया पेयजल आपूर्ति सिस्टम तैयार किया जाएगा। इतना ही नहीं अकेले भिवानी शहर की पेयजल आपूर्ति पर करीब डेढ़ सौ करोड़ का बजट खर्च आएगा।
भिवानी शहर के महम रोड स्थित पुराने जलघर की मुख्य पेयजल लाइन से पुराने शहर की करीब 40 से अधिक बड़ी कॉलोनियों व इलाकों में पेयजल आपूर्ति हो रही है। ये लाइन अब काफी जर्जर हो चुकी है। 50 साल पुरानी इस 20 इंची मुख्य पेयजल लाइन को बदलकर नए सिरे से पाइप डाला जाएगा। इसी तरह घंटाघर पानी की टंकी से घंटाघर, कृष्ण कॉलोनी, सराय चौपटा व बिचला बाजार तक की पेयजल आपूर्ति की मुख्य पुरानी लाइन को भी बदलेंगे। ये लाइन करीब 35 साल पुरानी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आकलन के अनुसार पूरे भिवानी शहर की बाहरी कॉलोनियों में 20 किलोमीटर नई पेयजल लाइन डाली जाएगी जबकि पुराने शहर में करीब 30 किलोमीटर दायरे की पुरानी पाइप लाइन बदली होगी।
कस्बों में भी होगा पेयजल आपूर्ति और गंदे पानी की निकासी में सुधार
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर के अलावा कस्बा सिवानी, लोहारू, बवानीखेड़ा में भी पुरानी पेयजल लाइनों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें बदलेगा। जबकि कस्बा में नई कॉलोनियां आबाद हुई हैं, उनके अंदर भी नई पेयजल और सीवरेज लाइनें डाली जाएंगी। जिसका खाका जल्द ही तैयार किया जाएगा। सर्वेक्षण के बाद पेयजल और सीवरेज लाइनों की वास्तविक स्थिति साफ हो जाएगी। जिसके बाद ही सरकार से बजट मांगकर उन पर काम शुरू कराया जाएगा।
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पुरानी पेयजल लाइनें नहीं झेल पा रही पानी का दबाव
शहर के अंदर दायरा बढ़ने के साथ नए बूस्टर भी बने हैं और पानी की डिमांड और खपत भी बढ़ गई है। इसी लिहाज से पुराने जलघर से लाइनों पर पानी का दबाव भी बढ़ा हैं, मगर 50 साल पुरानी पेयजल लाइनें बढ़े हुए दबाव को नहीं झेल पा रही हैं। यही वजह है कि जगह-जगह से लीक हो रही हैं। इसके अलावा पुरानी पेयजल लाइनों में अधिकांश निजी पेयजल कनेक्शन भी लीक हैं, जिनमें सीवरेज का गंदा पानी भी मिक्स होकर घरों के अंदर पहुंच रहा है। जिसे पीने से लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है। इसी लिए विभाग द्वारा इन पुरानी लाइनों को बदलना बहुत जरूरी हो गया है।
अकेले भिवानी शहर के अंदर करीब 50 किलोमीटर दायरे में पेयजल लाइनों पर काम होगा। इसमें करीब 20 किलोमीटर पेयजल लाइनें तो बाहरी कॉलोनियों और करीब 30 किलोमीटर पुरानी पेयजल लाइनें बदली जाएंगी। ये कार्य सर्वेक्षण पूरा होने के बाद शुरू हो जाएगा।
-सचिव तलेजा, कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी, सिवानी, लोहारू और सिवानी में पेयजल और सीवरेज सिस्टम को सुधारने की दिशा में काम करेगा। इसके लिए सर्वेक्षण एजेंसी की रिपोर्ट भेजी गई है। सर्वे होने के बाद इन कार्यों के अनुमानित बजट की मांग की जाएगी। जिसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।
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भिवानी शहर के महम रोड स्थित पुराने जलघर की मुख्य पेयजल लाइन से पुराने शहर की करीब 40 से अधिक बड़ी कॉलोनियों व इलाकों में पेयजल आपूर्ति हो रही है। ये लाइन अब काफी जर्जर हो चुकी है। 50 साल पुरानी इस 20 इंची मुख्य पेयजल लाइन को बदलकर नए सिरे से पाइप डाला जाएगा। इसी तरह घंटाघर पानी की टंकी से घंटाघर, कृष्ण कॉलोनी, सराय चौपटा व बिचला बाजार तक की पेयजल आपूर्ति की मुख्य पुरानी लाइन को भी बदलेंगे। ये लाइन करीब 35 साल पुरानी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के आकलन के अनुसार पूरे भिवानी शहर की बाहरी कॉलोनियों में 20 किलोमीटर नई पेयजल लाइन डाली जाएगी जबकि पुराने शहर में करीब 30 किलोमीटर दायरे की पुरानी पाइप लाइन बदली होगी।
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कस्बों में भी होगा पेयजल आपूर्ति और गंदे पानी की निकासी में सुधार
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहर के अलावा कस्बा सिवानी, लोहारू, बवानीखेड़ा में भी पुरानी पेयजल लाइनों का सर्वेक्षण कराकर उन्हें बदलेगा। जबकि कस्बा में नई कॉलोनियां आबाद हुई हैं, उनके अंदर भी नई पेयजल और सीवरेज लाइनें डाली जाएंगी। जिसका खाका जल्द ही तैयार किया जाएगा। सर्वेक्षण के बाद पेयजल और सीवरेज लाइनों की वास्तविक स्थिति साफ हो जाएगी। जिसके बाद ही सरकार से बजट मांगकर उन पर काम शुरू कराया जाएगा।
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पुरानी पेयजल लाइनें नहीं झेल पा रही पानी का दबाव
शहर के अंदर दायरा बढ़ने के साथ नए बूस्टर भी बने हैं और पानी की डिमांड और खपत भी बढ़ गई है। इसी लिहाज से पुराने जलघर से लाइनों पर पानी का दबाव भी बढ़ा हैं, मगर 50 साल पुरानी पेयजल लाइनें बढ़े हुए दबाव को नहीं झेल पा रही हैं। यही वजह है कि जगह-जगह से लीक हो रही हैं। इसके अलावा पुरानी पेयजल लाइनों में अधिकांश निजी पेयजल कनेक्शन भी लीक हैं, जिनमें सीवरेज का गंदा पानी भी मिक्स होकर घरों के अंदर पहुंच रहा है। जिसे पीने से लोगों की सेहत भी बिगड़ रही है। इसी लिए विभाग द्वारा इन पुरानी लाइनों को बदलना बहुत जरूरी हो गया है।
अकेले भिवानी शहर के अंदर करीब 50 किलोमीटर दायरे में पेयजल लाइनों पर काम होगा। इसमें करीब 20 किलोमीटर पेयजल लाइनें तो बाहरी कॉलोनियों और करीब 30 किलोमीटर पुरानी पेयजल लाइनें बदली जाएंगी। ये कार्य सर्वेक्षण पूरा होने के बाद शुरू हो जाएगा।
-सचिव तलेजा, कनिष्ठ अभियंता शहरी पेयजल शाखा भिवानी।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी, सिवानी, लोहारू और सिवानी में पेयजल और सीवरेज सिस्टम को सुधारने की दिशा में काम करेगा। इसके लिए सर्वेक्षण एजेंसी की रिपोर्ट भेजी गई है। सर्वे होने के बाद इन कार्यों के अनुमानित बजट की मांग की जाएगी। जिसकी प्रक्रिया तेजी से चल रही है।
-सुनील कुमार रंगा, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग भिवानी।