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चिकित्सक हड़ताल कल, गंभीर मरीजों का ही होगा इलाज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 12 Dec 2021 12:36 AM IST
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Doctors strike tomorrow, only serious patients will be treated
नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों के साथ बैठक में उपस्थित सिविल सर्जन व प्रधान चिकित्सा अधिकारी। व? - फोटो : Bhiwani
भिवानी। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन ने सरकार और स्वास्थ्य निदेशालय के अधिकारियों का सकारात्मक रवैया न होने के कारण 13 दिसंबर से ओपीडी सेवा बंद कर हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। अगर सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती तो एसोसिएशन द्वारा ओपीडी सहित सभी आपातकालीन सेवाएं और पोस्टमार्टम ड्यूटी बंद कर दी जाएगी।
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सिविल सर्जन कार्यालय में सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य और प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजू कादियान ने एसोसिएशन के चिकित्सकों के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने चिकित्सकों की मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने की बात कही और हड़ताल न करने का आह्वान किया। मगर एसोसिएशन ने उनकी बात को न मानते हुए हड़ताल करने का फैसला लिया है। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष श्योराण और महासचिव डॉ. राहुल देव ने बताया कि सरकार सीनियर मेडिकल ऑफिसर की सीधी भर्ती कर रही है। 2015 में एसोसिएशन ने विरोध करने पर भर्ती प्रक्रिया बंद कर दी गई थी। मगर अब फिर से शुरू किया जा रहा है। उनका कहा कि वरिष्ठ मेडिकल ऑफिसर को सीनियर मेडिकल ऑफिसर बनाया जाए। एसोसिएशन विशेषज्ञ चिकित्सकों का कैडर बनाने, पीजी पॉलिसी और केंद्र के समान एसीपी देने की मांग सरकार से लगातार कर रही है। साथ ही सरकार विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति प्रक्रिया में भी बदलाव कर रही है, जोकि गलत है। एसोसिएशन अपनी मांगों को लेकर कई बार सरकार को लिखित ज्ञापन सौंप चुकी है मगर सरकार ने अब तक कोई अमल नहीं किया है। पांच दिसंबर को भी सरकारी चिकित्सकों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा था। सरकार के रवैये से परेशान होकर एसोसिएशन ने हड़ताल करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर डॉ. यतिन गुप्ता, डॉ. अनिल शर्मा, डॉ. वेदपाल, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. मोनिका सांगवान, डॉ. रमेश लांबा, डॉ. रितु फौगाट, डॉ. दिव्या सांघी, डॉ. बबली, डॉ. आशीष सांगवान, डॉ. लावांशु, डॉ. विश्वास, डॉ. अमित ग्रेवाल, डॉ. प्रीति मोर, डॉ. अरुण, डॉ. मीनू, डॉ. श्वेताब उपस्थित रहे।
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नागरिक अस्पताल और ग्रामीण क्षेत्र में चिकित्सकों की कमी
नागरिक अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के कुल 66 स्वीकृत पद है, इनमें से महज 23 पर चिकित्सक तैनात है। वहीं जिले के ग्रामीण क्षेत्र में कुल 193 स्वीकृत पद है, जिनमें से 125 पर चिकित्सक तैनात है। इनमें 68 पद खाली है। वहीं अगर सीनियर मेडिकल ऑफिसर के 15 स्वीकृत पद है, जिनमें से 10 पर सीएमओ तैनात है। सभी पदों पर चिकित्सक न होने से अन्य चिकित्सकों पर काम का अधिक भार आ रहा है।
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मांगे नहीं मानी तो करेंगे आपातकालीन सेवाएं बंद : जिला प्रधान
एसोसिएशन की ओर से सरकार को बार-बार मांगों संबंधित ज्ञापन सौंपे जा चुके है। काली पट्टी बांधकर और दो घंटे की ओपीडी सेवा बंद करने भी विरोध जताया जा चुका है। बावजूद इसके सरकार का कोई सकारात्मक जवाब नहीं आया है। एसोसिएशन ने 13 दिसंबर को ओपीडी बंद कर हड़ताल करने का निर्णय लिया है अगर इसके बाद भी सरकार हमारी मांगें नहीं मानी है तो 14 दिसंबर से सभी आपातकालीन सेवाएं और पोस्टमार्टम कार्रवाई बंद कर दी जाएगी। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। - डॉ. मनीष श्योराण, जिला प्रधान, एचसीएमएसए।

सरकारी चिकित्सकों की मांग को लेकर उनके साथ बैठक की गई थी। बैठक में एसोसिएशन की मांगों को लेकर उच्च अधिकारियों से बातचीत कर उचित समाधान करने के लिए चर्चा की। चिकित्सकों से हड़ताल न करने का आह्वान भी किया था, अब हड़ताल न करने का फैसला एसोसिएशन को लेना है। स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हो इसके लिए अस्पताल प्रशासन प्रयासरत है।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।

 नागरिक अस्पताल में आयोजित बैठक में उपस्थित चिकित्सक। विज्ञप्ति

नागरिक अस्पताल में आयोजित बैठक में उपस्थित चिकित्सक। विज्ञप्ति- फोटो : Bhiwani

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