फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   diwali, crackers

रोक के बावजूद बिना लाइसेंस बेरोक-टोक बिके प्रतिबंधित पटाखे

Sat, 26 Oct 2019 11:21 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 26 Oct 2019 11:21 PM IST
विज्ञापन
diwali, crackers
06 फोटो किरोड़ीमल पार्क में पटाखों की खरीददारी करते हुए । - फोटो : Bhiwani
जिला प्रशासन ने पटाखों की बिक्री के लिए किरोड़ीमल मल पार्क की जगह तय की, पटाखे बेचने के लाइसेंस जारी किए मगर बना लाइसेंस, बिना निर्धारित जगह भी शहर में पटाखे खूब बिके। शहर में अनेक गली, कॉलोनियों में छोटे दुकानदारों व लोगों को घरों में पटाखे बेचते देखा गया। यहां प्रतिबंधित पटाखों की बिक्री भी खूब हुई। बिक्री रोकने के लिए जिला प्रशासन के प्रबंध नाकाफी रहे। शहर के विद्यानगर, नई बस्ती, जैन चौक, दादरी गेट, बिजलीघर गेढ, बिचला बाजार, हालु बाजार क्षेत्र, न्यू अनाजमंडी, लोहड़ चोपटा आदि क्षेत्रों में सरेआम पटाखे बेचते देखे गए।
विज्ञापन

हर बार की तरह इस बार भी स्कूल-कॉलेजों में बच्चों को पटाखे नहीं चलाने के लिए जागरूकता अभियान चलाए गए। बच्चों को पटाखों से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक किया गया। बावजूद इसके दो दिन के दौरान पटाखों की खूब बिक्री हो रही है। दिवाली वाले दिन यह बिक्री और ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। अवैध बिक्री रोकने के लिए वैसे तो पुलिस लगातार गश्त कर रही थी मगर अवैध बिक्री धड़ल्ले से चली।
विज्ञापन

दिवाली पर बच्चे व युवा पटाखों की खरीददारी में लगे हुए है। सभी चाहते है कि उनके पास आतिशबाजी का अन्य लोगों से कुछ हटकर सामना हो। मगर वो अपनी जेब खर्च का ध्यान में रखकर भी खरीददारी करना चाहते है। जिला प्रशासन प्रदूषण से बचाव के लिए इको फ्रेंडली पटाखे बेचने के लिए दुकानदारों पर दबाव बना रहा है जबकि इनकी डिमांड नहीं है जबकि अन्य पटाखे खासकर राकेट युवाओं और बच्चों की पसंद बने है मगर इनकी बिक्री पर प्रतिबंध है। ऐसे में दुकानदारों में मायूसी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

शहर के किरोड़ीमल पार्क में पटाखे बिक्री की 35 स्टॉल लगी है। दुकानदारों ने बताया कि लाइसेंस लेने के बावजूद अबकी बार प्रशासन ने इको फ्रेंडली दिवाली बनाने के आदेश दिए है। जिसके लिए उन्हें ग्रीन पटाखे यानी इको फ्रेंडली पटाखे बेचने के आदेश दिए है। प्रशासन ने इको फ्रेंडली दिवाली का आह्वान तो कर दिया मगर यह आम दुकानदार व ग्राहकों को यह हजम नहीं हुई। इको फ्रेंडली पटाखें का निर्माण का खर्च तेज आवाज वाले पटाखें की अपेक्षा में दोगुणा खर्चा आता है। जिसको लेकर पटाखा फैक्टरी संचालक इको फ्रेंडली पटाखे बनाने से परहेज करते है। वहीं जब बाजार में इको फ्रेंडली पटाखे की ज्यादा कीमत होने से ग्राहक ने उसकी खरीददारी बंद कर दी है। जिसके कारण दुकानदार मायूस हो गए है। ग्राहक इको फ्रेंडली पटाखों की बजाय तेज आवाज वाले पटाखे खरीदने पसंद कर रहें है। तेज आवाज वाले पटाखे इको फ्रेंडली पटाखों की तुलना में सस्ते भी है। वही दूसरी ओर सबकी पसंद भी तेज आवाज वाले पटाखे है।

नए पटाखे बने पसंद : अबकी बार दिवाली पर कई प्रकार के नए पटाखे भी आए है। प्रशासन द्वारा इकों फ्रेंडली दिवाली के आदेश के बाद पटाखों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। जिसके कारण नई प्रकार के पटाखों का ईजाद किया है। जिससे बाजार में खरीददार रोमांचित हुए है। अबकी बार स्काई शॉट नामक पटाखा की खरीददारी में ज्यादा इजाफा हुआ है। इसमें धमाके के साथ ऊपर रॉकेट की तरह शॉट जाता है जोकी ऊपर जाकर गुलाब बनता हैै। वही अबकी बार अनार की भी काफी मांग है। पटाखों के साथ साथ बच्चों के लिए फुलझड़ी, डोलफीन अनार, सिंगल शॉट रॉकेट व दो हजार पटाखों से बनी बड़ी लड़ी का प्रचलन है। दुकानदारों में इको फ्रेंडली के लिए आ रहे मांगे पटाखों की कमी बिक्री का दुख भी है मगर नए पटाखों के आने से उनकी खरीददारी में इजाफा होने की खुशी भी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed