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इलाज को पहुंचे 1800 मरीज तो चिकित्सकों के छूटे पसीने
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12 फोटो नागरिक अस्कपताल में दवाई लेते हुए लाइन में लगे मरीज।
- फोटो : Bhiwani
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लगातार तीन दिन की छुट्टी के बाद मंगलवार को चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल की ओपीडी खुली तो करीब 1800 मरीज पहुंच गए। मरीजों की इतनी भीड़ से ओपीडी के गलियारों में चेकअप कराने पहुंचे लोगों व उनके साथ आए तीमारदारों के बीच भी खूब धक्का-मुक्की हुई। वहीं मरीजों को चेकअप करने में चिकित्सकों के भी पसीने छूटे।
दरअसल शनिवार को चुनाव के कारण छुट्टी जैसा माहौल रहा और मरीजों की संख्या कम ही रही। रविवार के अवकाश और फिर सोमवार को मतदान की वजह से चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल की ओपीडी बंद रही। मंगलवार सुबह जैसे ही ओपीडी खुली तो ओपीडी स्लिप लेने के लिए मरीजों की लंबी लाइनें लगी। मौसम में अचानक हुए बदलाव की वजह से भी वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मरीजों का लगातार ओपीडी पर दबाव बढ़ रहा है।
चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सामान्य तौर पर 1200 से 1300 मरीजों का चेकअप किया जाता है। इसके बाद ये मरीज दवा भी मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत अस्पताल से ही लेते हैं। अस्पताल में दवा वितरण के लिए मुख्य तौर पर चार खिड़कियां बनाई हुई हैं। इनमें एक विंडो महिला रोगियों व दूसरी बच्चों और तीसरी बुजुर्गों के लिए बनी हुई है। जबकि चौथी खिड़की सामान्य मरीजों के लिए बनी हुई है। इसमें अस्पताल प्रशासन द्वारा ओपीडी के साथ ही 27 नंबर खिड़की पर सीनियर महिला सिटीजन मरीजों के लिए बनाई गई थी। इस खिड़की को खास तौर पर वरिष्ठ महिला रोगियों की सुविधा के लिए ही तैयार किया गया था, जहां पर बैठने के लिए बेंच व गर्मियों में हवा के लिए पंखे भी लगाए गए थे। यहां ओपीडी के घुटन भरा माहौल की बजाए थोड़ा खुला वातावरण रखा गया था। मगर इस खिड़की पर भी पिछले कई महीनों से ताला लटक रहा है। जिस वजह से मरीजों को चेकअप कराने की जद्दोजहद के बाद घंटों तक दवा लेने के लिए भी लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
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देर रात तक चुनावी ड्यूटी पर रहे कर्मचारी, कार्यालयों में पसरा सन्नाटा : विधानसभा चुनावों में जिन कर्मचारियों ने ड्यूटी दी थी, उनकी मंगलवार को सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति कम ही नजर आई। क्योंकि देर रात तक चुनावी सामग्री जमा कराने के लिए शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर ही कर्मचारी इंतजार करते रहे थे। ईवीएम मशीनों व अन्य सामान को जमा कराने के बाद देर रात तक ये कर्मचारी घर पहुंचे थे। मतदान की थकान मिटाने के लिए मंगलवार को सरकारी कार्यालय खुलने के बाद भी कर्मचारियों की उपस्थिति काफी कम दर्ज हुई। वहीं लगातार छुट्टी के बाद सरकारी कामकाज से लघु सचिवालय परिसर में पहुंचे लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ये बरतें सावधानियां : मौसमी बीमारियों व मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए फिजिशियन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने लोगों को बचाव के विशेष उपाय सुझाए हैं। डॉ शांडिल्य ने बताया कि मौसम बदलाव के दौरान संयमित रूप से खान-पान रखें और ज्यादा ठंडी व ज्यादा गर्म चीजों के सेवन से बचें। इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए अपने आसपास के वातावरण को साफ सुथरा रखें और कूलर के अंदर पानी का ठहराव ना होने दें। क्योंकि साफ पानी के अंदर ही मच्छर का डेंगू का लारवा बनता है। इसी तरह हल्का बुखार आने व शरीर टूटने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें, क्योंकि ये वायरल बुखार के शुरूआती लक्षण होते हैं। इसी तरह ज्यादा दिन तक खांसी और जुकाम रहने पर भी चिकित्सक से उपचार लें।
ये है सुबह शाम और दिन का तापमान
वार सुबह दोपहर शाम
रविवार 19 33 27
शनिवार 15 33 26
शुक्रवार 17 34 25
वीरवार 18 34 28
बुधवार 17 35 27
मंगलवार 18 34 27
अक्सर छुट्टी के बाद ओपीडी में मरीजों की ज्यादा भीड़ आती है। इसके लिए सभी चिकित्सकों को खास तौर पर हिदायतें दी हुई हैं कि जिन मरीजों की ओपीडी स्लिप दोपहर तक कटी है और वे अपना चेकअप कराने के लिए ओपीडी में मौजूद हैं तो उन सभी का चेकअप अनिवार्य है। शाम तक कोई भी मरीज बिना उपचार के नहीं जाता है। इन दिनों मौसम में बदलाव की वजह से भी ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
- डॉ. रवींद्र पूनिया, पीएमओ भिवानी।
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दरअसल शनिवार को चुनाव के कारण छुट्टी जैसा माहौल रहा और मरीजों की संख्या कम ही रही। रविवार के अवकाश और फिर सोमवार को मतदान की वजह से चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल की ओपीडी बंद रही। मंगलवार सुबह जैसे ही ओपीडी खुली तो ओपीडी स्लिप लेने के लिए मरीजों की लंबी लाइनें लगी। मौसम में अचानक हुए बदलाव की वजह से भी वायरल बुखार के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में मरीजों का लगातार ओपीडी पर दबाव बढ़ रहा है।
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चौ. बंसीलाल नागरिक अस्पताल की ओपीडी में सामान्य तौर पर 1200 से 1300 मरीजों का चेकअप किया जाता है। इसके बाद ये मरीज दवा भी मुख्यमंत्री मुफ्त इलाज योजना के तहत अस्पताल से ही लेते हैं। अस्पताल में दवा वितरण के लिए मुख्य तौर पर चार खिड़कियां बनाई हुई हैं। इनमें एक विंडो महिला रोगियों व दूसरी बच्चों और तीसरी बुजुर्गों के लिए बनी हुई है। जबकि चौथी खिड़की सामान्य मरीजों के लिए बनी हुई है। इसमें अस्पताल प्रशासन द्वारा ओपीडी के साथ ही 27 नंबर खिड़की पर सीनियर महिला सिटीजन मरीजों के लिए बनाई गई थी। इस खिड़की को खास तौर पर वरिष्ठ महिला रोगियों की सुविधा के लिए ही तैयार किया गया था, जहां पर बैठने के लिए बेंच व गर्मियों में हवा के लिए पंखे भी लगाए गए थे। यहां ओपीडी के घुटन भरा माहौल की बजाए थोड़ा खुला वातावरण रखा गया था। मगर इस खिड़की पर भी पिछले कई महीनों से ताला लटक रहा है। जिस वजह से मरीजों को चेकअप कराने की जद्दोजहद के बाद घंटों तक दवा लेने के लिए भी लाइन में खड़ा रहना पड़ता है।
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देर रात तक चुनावी ड्यूटी पर रहे कर्मचारी, कार्यालयों में पसरा सन्नाटा : विधानसभा चुनावों में जिन कर्मचारियों ने ड्यूटी दी थी, उनकी मंगलवार को सरकारी कार्यालयों में उपस्थिति कम ही नजर आई। क्योंकि देर रात तक चुनावी सामग्री जमा कराने के लिए शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर ही कर्मचारी इंतजार करते रहे थे। ईवीएम मशीनों व अन्य सामान को जमा कराने के बाद देर रात तक ये कर्मचारी घर पहुंचे थे। मतदान की थकान मिटाने के लिए मंगलवार को सरकारी कार्यालय खुलने के बाद भी कर्मचारियों की उपस्थिति काफी कम दर्ज हुई। वहीं लगातार छुट्टी के बाद सरकारी कामकाज से लघु सचिवालय परिसर में पहुंचे लोगों को भी खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ये बरतें सावधानियां : मौसमी बीमारियों व मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए फिजिशियन डॉ. रघुवीर शांडिल्य ने लोगों को बचाव के विशेष उपाय सुझाए हैं। डॉ शांडिल्य ने बताया कि मौसम बदलाव के दौरान संयमित रूप से खान-पान रखें और ज्यादा ठंडी व ज्यादा गर्म चीजों के सेवन से बचें। इसके अलावा मच्छरों से बचाव के लिए अपने आसपास के वातावरण को साफ सुथरा रखें और कूलर के अंदर पानी का ठहराव ना होने दें। क्योंकि साफ पानी के अंदर ही मच्छर का डेंगू का लारवा बनता है। इसी तरह हल्का बुखार आने व शरीर टूटने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें, क्योंकि ये वायरल बुखार के शुरूआती लक्षण होते हैं। इसी तरह ज्यादा दिन तक खांसी और जुकाम रहने पर भी चिकित्सक से उपचार लें।
ये है सुबह शाम और दिन का तापमान
वार सुबह दोपहर शाम
रविवार 19 33 27
शनिवार 15 33 26
शुक्रवार 17 34 25
वीरवार 18 34 28
बुधवार 17 35 27
मंगलवार 18 34 27
अक्सर छुट्टी के बाद ओपीडी में मरीजों की ज्यादा भीड़ आती है। इसके लिए सभी चिकित्सकों को खास तौर पर हिदायतें दी हुई हैं कि जिन मरीजों की ओपीडी स्लिप दोपहर तक कटी है और वे अपना चेकअप कराने के लिए ओपीडी में मौजूद हैं तो उन सभी का चेकअप अनिवार्य है। शाम तक कोई भी मरीज बिना उपचार के नहीं जाता है। इन दिनों मौसम में बदलाव की वजह से भी ज्यादा मरीज आ रहे हैं।
- डॉ. रवींद्र पूनिया, पीएमओ भिवानी।