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Bhiwani News: सागवान में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण स्थल बदलने पर विवाद
Fri, 19 Jun 2026 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 19 Jun 2026 01:32 AM IST
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गांव सागवान में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण स्थल बदलने पर विरोध जताते पंच व ग्रामीण।
भिवानी। ग्राम पंचायत सागवान में हरियाणा सरकार द्वारा स्वीकृत उप स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण स्थल को नियमों के विपरीत रातों-रात बदलने का एक बड़ा मामला सामने आया है। इस पर भारी विवाद हो गया है।
गांव के निर्वाचित पंचों और ग्रामीणों ने इस बदलाव को पूरी तरह से गैर-कानूनी बताते हुए जिला उपायुक्त को शिकायत सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि इस फैसले में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं।
उपायुक्त को सौंपे गए पत्र में गांव के पंच संदीप वार्ड-7, सोनू वार्ड-5, सीताराम वार्ड-3, मीना कुमारी वार्ड-6, बीना वार्ड-2, बलजीत वार्ड-14, अजीत सिंह, कृष्ण वार्ड-1, मान बाई वार्ड-16, रश्मि वार्ड-4, कुसुम रानी वार्ड-8 ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।
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पंचों का सीधा आरोप है कि जिस बैठक में उप स्वास्थ्य केंद्र का स्थान बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया, उसकी कोई पूर्व सूचना नियमानुसार पंचों को नहीं दी गई थी। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कानूनी औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया, जिससे इस तथाकथित प्रस्ताव की वैधता पूरी तरह से संदिग्ध हो जाती है।
इस मामले में सागवान गांव के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि राजपाल, पंच सीताराम व छत्तर सिंह ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए जो जमीन पहले चुनी गई थी, वह हर लिहाज से उपयुक्त थी। उसकी पूरी तकनीकी जांच हो चुकी थी, टेंडर फाइनल हो चुके थे और ठेकेदार ने वहां नींव की खोदाई तक शुरू कर दी थी।
स अब निजी स्वार्थों और दुर्भावना के चलते इस स्थल को किसी अन्य जगह स्थानांतरित करने का जो षड्यंत्र रचा जा रहा है, वह बेहद निंदनीय है। गुपचुप तरीके से फर्जी या बिना कोरम के प्रस्ताव पास करके जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक निर्माण स्थल परिवर्तन संबंधी किसी भी कार्रवाई और नए स्थल पर निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। यह गहन जांच की जाए कि स्थान बदलने का प्रस्ताव पारित करने में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम एवं नियमों का पालन किया गया है अथवा नहीं।
उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण उसी पूर्व आरक्षित स्थल पर करवाया जाए, जिसके लिए तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हुई थी और जहां काम शुरू हो चुका था। भविष्य में इस प्रकार की मनमानी रोकने हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी हों, ताकि कोई भी जनप्रतिनिधि नियमों की अवहेलना न कर सके।
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गांव के निर्वाचित पंचों और ग्रामीणों ने इस बदलाव को पूरी तरह से गैर-कानूनी बताते हुए जिला उपायुक्त को शिकायत सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच कराने की मांग की है। आरोप है कि इस फैसले में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम, 1994 की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई हैं।
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उपायुक्त को सौंपे गए पत्र में गांव के पंच संदीप वार्ड-7, सोनू वार्ड-5, सीताराम वार्ड-3, मीना कुमारी वार्ड-6, बीना वार्ड-2, बलजीत वार्ड-14, अजीत सिंह, कृष्ण वार्ड-1, मान बाई वार्ड-16, रश्मि वार्ड-4, कुसुम रानी वार्ड-8 ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है।
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पंचों का सीधा आरोप है कि जिस बैठक में उप स्वास्थ्य केंद्र का स्थान बदलने का प्रस्ताव पारित किया गया, उसकी कोई पूर्व सूचना नियमानुसार पंचों को नहीं दी गई थी। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की कानूनी औपचारिकताओं का पालन नहीं किया गया, जिससे इस तथाकथित प्रस्ताव की वैधता पूरी तरह से संदिग्ध हो जाती है।
इस मामले में सागवान गांव के पूर्व सरपंच प्रतिनिधि राजपाल, पंच सीताराम व छत्तर सिंह ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र के लिए जो जमीन पहले चुनी गई थी, वह हर लिहाज से उपयुक्त थी। उसकी पूरी तकनीकी जांच हो चुकी थी, टेंडर फाइनल हो चुके थे और ठेकेदार ने वहां नींव की खोदाई तक शुरू कर दी थी।
स अब निजी स्वार्थों और दुर्भावना के चलते इस स्थल को किसी अन्य जगह स्थानांतरित करने का जो षड्यंत्र रचा जा रहा है, वह बेहद निंदनीय है। गुपचुप तरीके से फर्जी या बिना कोरम के प्रस्ताव पास करके जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
उन्होंने मांग की कि जांच पूरी होने तक निर्माण स्थल परिवर्तन संबंधी किसी भी कार्रवाई और नए स्थल पर निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए। यह गहन जांच की जाए कि स्थान बदलने का प्रस्ताव पारित करने में हरियाणा पंचायती राज अधिनियम एवं नियमों का पालन किया गया है अथवा नहीं।
उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण उसी पूर्व आरक्षित स्थल पर करवाया जाए, जिसके लिए तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हुई थी और जहां काम शुरू हो चुका था। भविष्य में इस प्रकार की मनमानी रोकने हेतु सख्त दिशा-निर्देश जारी हों, ताकि कोई भी जनप्रतिनिधि नियमों की अवहेलना न कर सके।