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Bhiwani News: धनाना गांव का अस्पताल परिसर जलमग्न
Wed, 16 Jul 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 16 Jul 2025 01:31 AM IST
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भिवानी। आसपास के खेतों से आया पानी गांव धनाना में स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में भर गया। इस कारण अस्पताल के स्टाफ और मरीजों समेत ग्रामीण भी परेशान हैं।
ग्राम पंचायत, सरपंच, पंच और युवा क्लब की टीम ने मंगलवार को गांव के अस्पताल का मुआयना कर जलभराव पर चिंता जताई। ग्राम पंचायत धनाना-2 के सरपंच वेदपाल जांगड़ा ने बताया कि गांव के अस्पताल भवन और परिसर में पानी भर गया है।
प्रसव कक्ष समेत अस्पताल के अन्य कमरों में भी पानी घुस रहा है। ग्राम पंचायत पिछले सात-आठ दिनों से इंजन से 24 घंटे नलकूप चलाकर जलनिकासी की कोशिश कर रही है, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।
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अस्पताल की यह दुर्दशा ग्रामीणों के स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बाधित कर रही है। संक्रमण का भी खतरा है। पानी की निकासी के लिए बनी ड्रेन ओवरफ्लो होकर दो-तीन बार टूट चुकी है। किसानों की फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
गांव की सीएचसी कर्मचारियों, रोगियों और आम जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी है। वाटर प्रूफिंग रसायनों के कई बार इस्तेमाल के बावजूद फार्मेसी स्टोर की छत से पानी टपक रहा है। बारिश में एक बार सीएचसी की छत का एक हिस्सा ढह चुका है लेकिन तब गनीमत रही कि उसमें कोई जनहानि नहीं हुई।
जलभराव से चिंतित पंचायत सदस्य सुमित, मनोज, संजय, युवा क्लब के प्रधान रविंद्र कुमार, पीके, मंजीत और धीरा सिंह आदि गांव भी डूबने का खतरा बताया। इससे बचने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की अपील की है।
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ग्राम पंचायत, सरपंच, पंच और युवा क्लब की टीम ने मंगलवार को गांव के अस्पताल का मुआयना कर जलभराव पर चिंता जताई। ग्राम पंचायत धनाना-2 के सरपंच वेदपाल जांगड़ा ने बताया कि गांव के अस्पताल भवन और परिसर में पानी भर गया है।
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प्रसव कक्ष समेत अस्पताल के अन्य कमरों में भी पानी घुस रहा है। ग्राम पंचायत पिछले सात-आठ दिनों से इंजन से 24 घंटे नलकूप चलाकर जलनिकासी की कोशिश कर रही है, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ है।
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अस्पताल की यह दुर्दशा ग्रामीणों के स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को बाधित कर रही है। संक्रमण का भी खतरा है। पानी की निकासी के लिए बनी ड्रेन ओवरफ्लो होकर दो-तीन बार टूट चुकी है। किसानों की फसलें बर्बाद होने के कगार पर हैं, जिससे उनकी आजीविका पर सीधा खतरा मंडरा रहा है।
गांव की सीएचसी कर्मचारियों, रोगियों और आम जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनी है। वाटर प्रूफिंग रसायनों के कई बार इस्तेमाल के बावजूद फार्मेसी स्टोर की छत से पानी टपक रहा है। बारिश में एक बार सीएचसी की छत का एक हिस्सा ढह चुका है लेकिन तब गनीमत रही कि उसमें कोई जनहानि नहीं हुई।
जलभराव से चिंतित पंचायत सदस्य सुमित, मनोज, संजय, युवा क्लब के प्रधान रविंद्र कुमार, पीके, मंजीत और धीरा सिंह आदि गांव भी डूबने का खतरा बताया। इससे बचने के लिए ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द हस्तक्षेप की अपील की है।