फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   development of secter, demanding 50 crore, bhiwani

सेक्टरों में व्यवस्था सुधारने के लिए चाहिए 50 करोड़

Mon, 01 Aug 2016 12:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
ब्यूरो/अमर उजाला Updated Mon, 01 Aug 2016 12:13 AM IST
विज्ञापन
development of secter, demanding  50 crore, bhiwani
विकास - फोटो : अमर उजाला
शहर के सेक्टरों में सड़क, पानी और सीवरेज जैसी व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए 50 करोड़ चाहिए। साथ ही कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी बजट चाहिए। यह मांग नगर परिषद ने हुडा सेक्टर मिलने के बाद की है। 50 करोड़ की मांग का इस्टीमेट तैयार हो गया है और जल्द ही इसे उच्च अधिकारियों के पास भेजा जाएगा। हुडा के सेक्टर नगर परिषद को सौंपे जाने के बाद नप का मासिक खर्च करीब 35 लाख रुपये बढ़ गया है।
विज्ञापन


करीब तीन माह पूर्व ही हुडा के सेक्टर, इंडस्ट्रीज एरिया को नगर परिषद के सुपुर्द करने का सरकार ने फैसला किया। इस निर्णय के तहत शहर के सेक्टर 13, 23, मंडी टाउनशिप, इंडस्ट्रीज एरिया को नगर परिषद के सुपुर्द किया गया है। नगर परिषद अब इन सेक्टरों में सीवरेज, पानी, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करेगा। इसके तहत हुडा के 30 कर्मचारी भी डेपुटेशन पर नगर परिषद भेजे गए है।
विज्ञापन


नगर परिषद ने सेक्टरों की जिम्मेदारी लेने के बाद बढ़े खर्च का आकलन किया तो पाया कि सेक्टरों की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रति माह 35 लाख रुपये का खर्च बढ़ गया है। यानी सालाना करीब चार करोड़ 20 लाख का अतिरिक्त खर्च। सेक्टर में वर्तमान में भी व्यवस्था ठीक नहीं है। अधिकतर जगह सीवरेज व्यवस्था बदहाल है तो सड़कें तो शायद ही कोई चलने लायक हो। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है। खस्ताहाल सीवरेज व्यवस्था और चरमराई सफाई व्यवस्था नप अधिकारियों के समक्ष बड़ी चुनौती है। इसके अलावा कम्यूनिटी सेंटर, पार्कों का रखरखाव भी करवाना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूरा होने को महीना, कहां से मिलेगा वेतन
हुडा से डेपुटेशन पर नगर परिषद में आए कर्मचारियों को ज्वाइन किए अब महीना होने को है। महीना होने के बाद नगर परिषद को वेतन भी देना होगा मगर नप की आर्थिक हालत ऐसी है कि पहले से नियुक्त कर्मचारियों को ही पिछले तीन माह से वेतन नहीं मिला है। कर्मचारी वेतन के लिए रोड जाम कर रहे है और काम छोड़ हड़ताल की चेतावनी दे रहे है। ऐसे में इन कर्मचारियों को वेतन की व्यवस्था की भी टेंशन नप अधिकारियों को सता रही है।


चाहिए था ज्यादा, ऐतराज के बाद बना 50 करोड़ का बजट
नगर परिषद अधिकारियों ने सेक्टरों की जिम्मेदारी संभालने के बाद यहां व्यवस्था बनाने, सेक्टर वासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं देने के लिए ज्यादा का बजट बनाया था। जब इस बारे में स्थानीय अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से बातचीत की तो उन्होंने बजट में कटौती करने के बाद कही। कटौती के बाद 50 करोड़ का बजट तैयार किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed