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डीईओ ने किया निरीक्षण, स्कूल से ज्यादा एकेडमी में पढ़ते मिले विद्यार्थी
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निरीक्षण के दौरान एकेडमी में पूछताछ करते जिला शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा। संवाद
- फोटो : Bhiwani
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भिवानी। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन की शिकायत के बाद शहर में चल रही एकेडमियों (कोचिंग सेंटर) का निरीक्षण करने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) की टीम पहुंची। एकेडमियों में स्कूल लग रहा था। मतलब स्कूल समय में स्कूल से ज्यादा विद्यार्थी एकेडमी में पढ़ाई कर रहे थे। किसी एकेडमी में 100 तो किसी में 60 से 70 विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे थे।
टीम ने चार एकेडमियों की जांच की। अब सभी एकेडमियों का निरीक्षण कर उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। वहीं निरीक्षण करने पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा ने दलील दी कि ये एकेडमी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। उपायुक्त के निर्देश पर जांच की जा रही है और उपायुक्त को ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी। एकेडमी में कोचिंग का खेल लंबे समय से चल रहा है। करीब तीन साल पहले भी शिक्षा विभाग की टीम ने शहर में चल रही विभिन्न कोचिंग एकेडमी का निरीक्षण किया था। इनमें यहां तक सामने आया था कि नाम किसी का और कोचिंग सेंटर चलाने वाला कोई और है। इसके बाद सभी को नोटिस जारी किए गए। तत्कालीन डीईओ के निरीक्षण के दौरान सभी एकेडमी संचालकों ने लिखकर दिया था कि वे नहीं चलाएंगे। मगर अधिकारी बदलते ही फिर से वहीं खेल चलने लगा। कोरोना काल के दौरान भी ये एकेडमी बंद रही हैं। अब कोरोना काल की बंदिशें हटीं तो पहले जैसे हालात बन गए।
बिना अनुमति कोचिंग के नाम पर चला रहे स्कूल
दरअसल कोचिंग सेंटर संचालक छोटे निजी स्कूल संचालकों से संपर्क रखते हैं। बच्चे का रजिस्ट्रेशन इन छोटे स्कूलों में करवा देते हैं, ताकि परीक्षा केंद्र भी इन्हीं पर बने। स्कूल संचालकों को कुछ अतिरिक्त फीस देते हैं। काफी कोचिंग सेंटर तो ऐसे हैं, जिन पर स्कूलों से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। इन पर क्लास भी स्कूलों की तर्ज पर ही सुबह से दोपहर बाद तक लगती है। कोचिंग एकेडमी एक-एक बच्चे की फीस 75-75 हजार रुपये वसूल रहे हैं।
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कार्रवाई का अधिकार नहीं, डीसी के निर्देश पर की जांच
कोचिंग सेंटर शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह कहना है शिक्षा विभाग के अधिकारियों का। उनके अनुसार पिछले दिनों प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने एक शिकायत उपायुक्त को की थी, जिस पर उपायुक्त ने जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की टीम जिला शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा के नेतृत्व में एकेडमियों का निरीक्षण करने में जुट गई है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त कार्यालय में सौंपनी होगी।
स्कूल समय में क्लास गलत
शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान देखा कि इन एकेडमी में स्कूल समय में विभिन्न कक्षाओं खासकर नौंवी से बारहवीं तक की कक्षाओं के विद्यार्थी की कक्षाएं लगाई जा रही हैं, जोकि गलत है। शिक्षा विभाग के नियमानुसार स्कूल समय में स्कूली बच्चों को कोचिंग या ट्यूशन के नाम पर नहीं पढ़ाया जा सकता। विद्यार्थियों की प्राथमिक शिक्षा स्कूल में ही होनी चाहिए। मगर अब हालात ये हैं कि बच्चे स्कूल में कम जाते हैं और इन एकेडमियों पर ज्यादा। शिक्षा अधिकारी ने जांच के दौरान बच्चों से भी बात की। बच्चों ने बताया कि वे यहां पर सुबह से शाम तक पढ़ाई करने के लिए आते हैं। वहीं एक एकेडमी संचालक ने बताया कि वह शिक्षा दे रहे हैं, सुबह-शाम उनके यहां बच्चे ट्यूशन पड़ने के लिए आते है।
इन एकेडमी का किया निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी की टीम ने प्रकाश एकेडमी नई बस्ती, दीप साइंस एकेडमी, गुरुजी कोचिंग क्लासेज विद्यानगर, वेदाज कोचिंग इंस्टीट्यूट, चिड़ियाघर रोड का निरीक्षण किया।
उपायुक्त को देंगे रिपोर्ट
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा था। इसके आधार पर चार एकेडमियों का निरीक्षण किया है, जहां किसी पर 100 तो किसी पर 60 से 70 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, जबकि स्कूल समय में कोई भी बच्चा कोचिंग सेंटर पर नहीं जा सकता। कोचिंग सेंटर हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है और उपायुक्त के निर्देश पर निरीक्षण किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त कार्यालय में दी जाएगी।
- रामअवतार शार्म, जिला शिक्षा अधिकारी।
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टीम ने चार एकेडमियों की जांच की। अब सभी एकेडमियों का निरीक्षण कर उपायुक्त को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। वहीं निरीक्षण करने पहुंचे जिला शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा ने दलील दी कि ये एकेडमी उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं। उपायुक्त के निर्देश पर जांच की जा रही है और उपायुक्त को ही रिपोर्ट सौंपी जाएगी। एकेडमी में कोचिंग का खेल लंबे समय से चल रहा है। करीब तीन साल पहले भी शिक्षा विभाग की टीम ने शहर में चल रही विभिन्न कोचिंग एकेडमी का निरीक्षण किया था। इनमें यहां तक सामने आया था कि नाम किसी का और कोचिंग सेंटर चलाने वाला कोई और है। इसके बाद सभी को नोटिस जारी किए गए। तत्कालीन डीईओ के निरीक्षण के दौरान सभी एकेडमी संचालकों ने लिखकर दिया था कि वे नहीं चलाएंगे। मगर अधिकारी बदलते ही फिर से वहीं खेल चलने लगा। कोरोना काल के दौरान भी ये एकेडमी बंद रही हैं। अब कोरोना काल की बंदिशें हटीं तो पहले जैसे हालात बन गए।
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बिना अनुमति कोचिंग के नाम पर चला रहे स्कूल
दरअसल कोचिंग सेंटर संचालक छोटे निजी स्कूल संचालकों से संपर्क रखते हैं। बच्चे का रजिस्ट्रेशन इन छोटे स्कूलों में करवा देते हैं, ताकि परीक्षा केंद्र भी इन्हीं पर बने। स्कूल संचालकों को कुछ अतिरिक्त फीस देते हैं। काफी कोचिंग सेंटर तो ऐसे हैं, जिन पर स्कूलों से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं। इन पर क्लास भी स्कूलों की तर्ज पर ही सुबह से दोपहर बाद तक लगती है। कोचिंग एकेडमी एक-एक बच्चे की फीस 75-75 हजार रुपये वसूल रहे हैं।
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कार्रवाई का अधिकार नहीं, डीसी के निर्देश पर की जांच
कोचिंग सेंटर शिक्षा विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह कहना है शिक्षा विभाग के अधिकारियों का। उनके अनुसार पिछले दिनों प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने एक शिकायत उपायुक्त को की थी, जिस पर उपायुक्त ने जांच कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की टीम जिला शिक्षा अधिकारी रामअवतार शर्मा के नेतृत्व में एकेडमियों का निरीक्षण करने में जुट गई है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त कार्यालय में सौंपनी होगी।
स्कूल समय में क्लास गलत
शिक्षा अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान देखा कि इन एकेडमी में स्कूल समय में विभिन्न कक्षाओं खासकर नौंवी से बारहवीं तक की कक्षाओं के विद्यार्थी की कक्षाएं लगाई जा रही हैं, जोकि गलत है। शिक्षा विभाग के नियमानुसार स्कूल समय में स्कूली बच्चों को कोचिंग या ट्यूशन के नाम पर नहीं पढ़ाया जा सकता। विद्यार्थियों की प्राथमिक शिक्षा स्कूल में ही होनी चाहिए। मगर अब हालात ये हैं कि बच्चे स्कूल में कम जाते हैं और इन एकेडमियों पर ज्यादा। शिक्षा अधिकारी ने जांच के दौरान बच्चों से भी बात की। बच्चों ने बताया कि वे यहां पर सुबह से शाम तक पढ़ाई करने के लिए आते हैं। वहीं एक एकेडमी संचालक ने बताया कि वह शिक्षा दे रहे हैं, सुबह-शाम उनके यहां बच्चे ट्यूशन पड़ने के लिए आते है।
इन एकेडमी का किया निरीक्षण
जिला शिक्षा अधिकारी की टीम ने प्रकाश एकेडमी नई बस्ती, दीप साइंस एकेडमी, गुरुजी कोचिंग क्लासेज विद्यानगर, वेदाज कोचिंग इंस्टीट्यूट, चिड़ियाघर रोड का निरीक्षण किया।
उपायुक्त को देंगे रिपोर्ट
प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा था। इसके आधार पर चार एकेडमियों का निरीक्षण किया है, जहां किसी पर 100 तो किसी पर 60 से 70 बच्चे पढ़ाई कर रहे थे, जबकि स्कूल समय में कोई भी बच्चा कोचिंग सेंटर पर नहीं जा सकता। कोचिंग सेंटर हमारे अधिकार क्षेत्र में नहीं है और उपायुक्त के निर्देश पर निरीक्षण किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट बनाकर उपायुक्त कार्यालय में दी जाएगी।
- रामअवतार शार्म, जिला शिक्षा अधिकारी।