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भिवानी में डेंगू आशंकित 16 वर्षीय किशोरी की मौत
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कोरोना वायरस के संक्रमण के साथ अब डेंगू का खतरा बढ़ गया है। सोमवार को निजी अस्पताल में उपचाराधीन 16 वर्षीय किशोरी ने दम तोड़ दिया। निजी अस्पताल संचालकों ने मौत की वजह परिजनों को डेंगू बताया है जबकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी जानकारी होने से भी इंकार किया। वहीं, किशोरी के मकान वाली गली में ही दर्जनभर लोग बीमार है, जो अलग-अलग निजी अस्पतालों से उपचार ले रहे है। जहां अधिकतर को डेंगू बताया है जबकि स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में ये नहीं है।
पिछले करीब 15 दिनों से विद्यानगर के आधा दर्जन लोगों को उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। इनमें से ज्यादातर मरीजों ने हिसार में उपचार करवाया। जहां निजी अस्पतालों में उन्हें डेंगू बताया गया। विद्यानगर के बाद अब न्यू हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 13 की एक गली में करीब 12-13 बीमार है । इनमें सभी का निजी अस्पतालों में उपचार हो रहा है। इन्हीं में एक 16 वर्षीय किशोरी चिड़ियाघर मोड़ के पास निजी अस्पताल में भर्ती थी। जिसने रविवार देर रात तीन बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृत किशोरी के पिता ने बताया कि करीब पांच दिन पहले बेटी को बुखार हुआ था। आराम नहीं होने पर चिड़ियाघर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। एडमिट करवाते समय एक लाख से अधिक प्लेटलेटस थी। मगर धीरे-धीरे कम होती रही। अस्पताल स्टाफ भी उन्हें गुमराह करता रहा और सहीं जानकारी नहीं दी। स्थिति ज्यादा खराब थी, तो बता देते, वे किसी अन्य अस्पताल ले जाते। रात को बेटी की मौत हो गई। पहले उन्हें सामान्य बुखार बताया था मगर बाद में डेंगू बताया।
काफी होनहार थी किशोरी, मौत से सदमें में परिवार
16 वर्षीय किशोरी काफी होनहार थी। 10वीं कक्षा में मेरिट हासिल की। वहीं अब मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। उसके पिता ई-दिशा केंद्र में कार्यरत है। वे दो ही भाई-बहन थे और अब उसका भाई से बहन का साथ छूट गया। वहीं इकलौती बेटी को खोने से परिजन भी सदमे में है।
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डेंगू की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही कर सकते है और हमारे पास किशोरी के डेंगू पॉजिटिव होने संबंधित कोई जानकारी नहीं है। अगर निजी अस्पताल संचालक ने परिजनों को डेंगू बताते हुए रिपोर्ट दी है, तो उन्हें बताये। स्वास्थ्य विभाग एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट को ही सहीं मानता है, अन्य को नहीं। हमारे रिकार्ड में अभी तक डेंगू के इस सीजन में चार ही मरीज है, जो स्वस्थ है।
डॉ. संध्या गुप्ता, नोडल ऑफिसर कम डिप्टी सिविल सर्जन
डेंगू के लक्षण :
- अचानक तेज बुखार होना
- सिर के अगले भाग, आंखों के पिछले भाग, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना
- खसरा जैसे दाने छाती व हाथ के ऊपरी भाग तक निकल आना
- भूख कम लगना और बार-बार उल्टी करने का मन करना
ये रखे सावधानी :
- डेंगू बुखार में स्वयं दवा खाने से बचें
- डेंगू व मलेरिया नाशक दवाई के छिडक़ाव के बाद दो महीने तक सफेदी न करें
- तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी होने पर अच्छे चिकित्सक को दिखाए।
- कूलर व घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- जमा पानी में मिट्टी का तेल या काला तेल डालें
कब कितने आए मरीज
वर्ष मलेरिया डेंगू
2016 211 17
2017 65 85
2018 70 50
2019 04 13
2020 01 04
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पिछले करीब 15 दिनों से विद्यानगर के आधा दर्जन लोगों को उपचार के लिए विभिन्न अस्पतालों में भर्ती करवाया गया। इनमें से ज्यादातर मरीजों ने हिसार में उपचार करवाया। जहां निजी अस्पतालों में उन्हें डेंगू बताया गया। विद्यानगर के बाद अब न्यू हाउसिंग बोर्ड सेक्टर 13 की एक गली में करीब 12-13 बीमार है । इनमें सभी का निजी अस्पतालों में उपचार हो रहा है। इन्हीं में एक 16 वर्षीय किशोरी चिड़ियाघर मोड़ के पास निजी अस्पताल में भर्ती थी। जिसने रविवार देर रात तीन बजे उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। मृत किशोरी के पिता ने बताया कि करीब पांच दिन पहले बेटी को बुखार हुआ था। आराम नहीं होने पर चिड़ियाघर मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। एडमिट करवाते समय एक लाख से अधिक प्लेटलेटस थी। मगर धीरे-धीरे कम होती रही। अस्पताल स्टाफ भी उन्हें गुमराह करता रहा और सहीं जानकारी नहीं दी। स्थिति ज्यादा खराब थी, तो बता देते, वे किसी अन्य अस्पताल ले जाते। रात को बेटी की मौत हो गई। पहले उन्हें सामान्य बुखार बताया था मगर बाद में डेंगू बताया।
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काफी होनहार थी किशोरी, मौत से सदमें में परिवार
16 वर्षीय किशोरी काफी होनहार थी। 10वीं कक्षा में मेरिट हासिल की। वहीं अब मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। उसके पिता ई-दिशा केंद्र में कार्यरत है। वे दो ही भाई-बहन थे और अब उसका भाई से बहन का साथ छूट गया। वहीं इकलौती बेटी को खोने से परिजन भी सदमे में है।
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डेंगू की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ही कर सकते है और हमारे पास किशोरी के डेंगू पॉजिटिव होने संबंधित कोई जानकारी नहीं है। अगर निजी अस्पताल संचालक ने परिजनों को डेंगू बताते हुए रिपोर्ट दी है, तो उन्हें बताये। स्वास्थ्य विभाग एलाइजा टेस्ट की रिपोर्ट को ही सहीं मानता है, अन्य को नहीं। हमारे रिकार्ड में अभी तक डेंगू के इस सीजन में चार ही मरीज है, जो स्वस्थ है।
डॉ. संध्या गुप्ता, नोडल ऑफिसर कम डिप्टी सिविल सर्जन
डेंगू के लक्षण :
- अचानक तेज बुखार होना
- सिर के अगले भाग, आंखों के पिछले भाग, मांसपेशियों व जोड़ों में दर्द होना
- खसरा जैसे दाने छाती व हाथ के ऊपरी भाग तक निकल आना
- भूख कम लगना और बार-बार उल्टी करने का मन करना
ये रखे सावधानी :
- डेंगू बुखार में स्वयं दवा खाने से बचें
- डेंगू व मलेरिया नाशक दवाई के छिडक़ाव के बाद दो महीने तक सफेदी न करें
- तेज बुखार, उल्टी, सिरदर्द, बेहोशी होने पर अच्छे चिकित्सक को दिखाए।
- कूलर व घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- जमा पानी में मिट्टी का तेल या काला तेल डालें
कब कितने आए मरीज
वर्ष मलेरिया डेंगू
2016 211 17
2017 65 85
2018 70 50
2019 04 13
2020 01 04