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Bhiwani News: बोधगया टेंपल एक्ट रद्द करने की मांग, प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
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अपनी मांगों को लेकर राष्ट्रपति व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपने जाते विभिन्न संगठनों के पदाधिक
भिवानी। बोधगया टेंपल एक्ट-1949 को रद्द करने, देशभर की बौद्ध पुरातात्विक विरासतों के संरक्षण और दीक्षाभूमि के विकास की मांग को लेकर विरासत बचाओ आंदोलन के तहत सोमवार को प्रदर्शन किया गया। भारत मुक्ति मोर्चा और बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क के कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन के माध्यम से राष्ट्रपति, राज्यपाल और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारत मुक्ति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश दहिया ने कहा कि बोधगया टेंपल एक्ट-1949 असंवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संविधान के अनुच्छेद 25 में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है। उन्होंने दीक्षाभूमि नागपुर के विस्तार के लिए 20 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने, पाली विश्वविद्यालय की स्थापना करने और अडम व पवनी स्तूप के जीर्णोद्धार की मांग की।
उन्होंने बताया कि विरासत बचाओ आंदोलन के तहत चरणबद्ध राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो 20 अगस्त को धरना दिया जाएगा। इसके बाद 22 सितंबर को रैलियां निकाली जाएंगी और 19 अक्तूबर को नागपुर में राष्ट्रीय महासभा आयोजित कर आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस अवसर पर दीपक जांगड़ा, जोगेंद्र तालु, कृष्ण कुमार सांगा, अनिल पहलवान, राजीव कुमार और शकुंतला सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे भारत मुक्ति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष रमेश दहिया ने कहा कि बोधगया टेंपल एक्ट-1949 असंवैधानिक है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह संविधान के अनुच्छेद 25 में दिए गए धार्मिक स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन करता है। उन्होंने दीक्षाभूमि नागपुर के विस्तार के लिए 20 एकड़ भूमि हस्तांतरित करने, पाली विश्वविद्यालय की स्थापना करने और अडम व पवनी स्तूप के जीर्णोद्धार की मांग की।
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उन्होंने बताया कि विरासत बचाओ आंदोलन के तहत चरणबद्ध राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू किया गया है। संगठन ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो 20 अगस्त को धरना दिया जाएगा। इसके बाद 22 सितंबर को रैलियां निकाली जाएंगी और 19 अक्तूबर को नागपुर में राष्ट्रीय महासभा आयोजित कर आंदोलन को उग्र किया जाएगा। इस अवसर पर दीपक जांगड़ा, जोगेंद्र तालु, कृष्ण कुमार सांगा, अनिल पहलवान, राजीव कुमार और शकुंतला सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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