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Bhiwani News: बकाया बीमा क्लेम देने की मांग
Tue, 17 Dec 2024 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 17 Dec 2024 12:46 AM IST
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भिवानी। अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी भिवानी का प्रतिनिधिमंडल खरीफ फसल 2023 के बकाया बीमा क्लेम देने के लिए उपायुक्त व कृषि उप निदेशक से मिला। वहीं इस संबंध में कई तरह की अनियमितताओं बारे दोनों उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया।
किसान सभा के प्रतिनिधि मण्डल में सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश, जिला सचिव मास्टर जगरोशन, ब्लाक भिवानी सचिव प्रताप सिंह सिंहमार व ब्लाक कमेटी सदस्य महावीर फौजी शामिल थे। उन्होंने दोनों अधिकारियों को बताया कि खरीफ फसल 2023 का विशेष कर कपास का बीमा प्रीमियम किसानों ने संबंधित बैंक खाते में जमा करवाया था, बैंक ने प्रीमियम बीमा कंपनी को भेजा था। लेकिन किसानों को प्रीमियम देने के एवज में बैक ने संबंधित किसानों को यूनिक आईडी जारी नहीं की, परिणाम स्वरूप किसानों का फसल बीमा प्रीमियम संबंधित कम्पनी प्राप्त करना नहीं दिखा रही है। इससे 42 गांवों के किसान बीमा क्लेम से वंचित रह गए। यह सरासर बैंक ने उनके साथ धोखा किया है।
किसान सभा ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी क्षेमा ने यह किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। किसान सभा ने मुख्यमंत्री व कृषि कल्याण मंत्री से इस घोटाले की विजिलेंस टीम या उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
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किसान सभा के प्रतिनिधि मण्डल में सभा के जिला प्रधान रामफल देशवाल, उपप्रधान कामरेड ओमप्रकाश, जिला सचिव मास्टर जगरोशन, ब्लाक भिवानी सचिव प्रताप सिंह सिंहमार व ब्लाक कमेटी सदस्य महावीर फौजी शामिल थे। उन्होंने दोनों अधिकारियों को बताया कि खरीफ फसल 2023 का विशेष कर कपास का बीमा प्रीमियम किसानों ने संबंधित बैंक खाते में जमा करवाया था, बैंक ने प्रीमियम बीमा कंपनी को भेजा था। लेकिन किसानों को प्रीमियम देने के एवज में बैक ने संबंधित किसानों को यूनिक आईडी जारी नहीं की, परिणाम स्वरूप किसानों का फसल बीमा प्रीमियम संबंधित कम्पनी प्राप्त करना नहीं दिखा रही है। इससे 42 गांवों के किसान बीमा क्लेम से वंचित रह गए। यह सरासर बैंक ने उनके साथ धोखा किया है।
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किसान सभा ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी क्षेमा ने यह किसानों के साथ धोखाधड़ी की है। किसान सभा ने मुख्यमंत्री व कृषि कल्याण मंत्री से इस घोटाले की विजिलेंस टीम या उच्च स्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
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