फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   dehydration patients increased

Bhiwani News: डिहाइड्रेशन से बढ़ रहे कब्ज और मुंह में छालों के मरीज

Sun, 13 Sep 2026 11:46 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sun, 13 Sep 2026 11:46 PM IST
विज्ञापन
dehydration patients increased
फोटो : 02
विज्ञापन

मेडिकल कॉलेज में प्रतिदिन 60 से 70 मरीज पेट संबंधी रोगों और मुंह के छालों के पहुंच रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
भिवानी। मौसम में बदलाव और उमस भरी गर्मी के कारण लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। अस्पतालों और ओपीडी में अपच, पेट संक्रमण, कब्ज व मुंह के छालों के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) और पाचन तंत्र की धीमी गति इसका मुख्य कारण है।
शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन मरीज पेट संबंधी समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में रोजाना 350 से 400 मरीज आते हैं। इनमें से 60 से 70 मरीज पेट संबंधी रोगों और मुंह के छालों से परेशान होते हैं।
विज्ञापन

वरिष्ठ चिकित्सक यतिन गुप्ता ने बताया कि उमस और नमी के मौसम में खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं। दूषित भोजन और पानी के सेवन से पेट में बैक्टीरिया पनपते हैं जिससे पेट का संक्रमण होता है। अत्यधिक गर्मी और पसीने से शरीर का तापमान नियंत्रित करने में ऊर्जा खर्च होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

इससे जठराग्नि मंद पड़ जाती है और भारी या तला-भुना खाना पचने में दिक्कत होती है। पसीने से शरीर से पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स बाहर निकलते हैं। पर्याप्त पानी न पीने से आंतों में सूखापन आता है जो कब्ज का रूप ले लेता है। लंबे समय तक पेट खराब रहने, कब्ज और शरीर में अत्यधिक पित्त बढ़ने से मुंह में छालों की समस्या होती है।

प्रमुख लक्षण
यतिन गुप्ता के अनुसार, पेट संक्रमण के मरीजों में खाना खाने के बाद पेट में भारीपन महसूस होता है। उन्हें जी मिचलाना, खट्टी डकारें आना, पेट में ऐंठन और दर्द जैसे लक्षण दिखते हैं। दस्त और हल्का बुखार भी हो सकता है। पेट ठीक से साफ न होना, मल त्याग में कठिनाई और सिरदर्द रहना भी सामान्य लक्षण हैं। कुछ मरीजों में जीभ, मसूड़ों या गालों के अंदरूनी हिस्से में लाल व सफेद दाने या छाले होते हैं। इन छालों के कारण खाना खाने में जलन महसूस होती है।

बचाव के उपाय
यतिन गुप्ता ने खान-पान में बदलाव और उचित देखभाल से बचाव की सलाह दी। उन्होंने हल्का व आसानी से पचने वाला भोजन जैसे दलिया, खिचड़ी, हरी सब्जियां और छाछ लेने को कहा। साथ ही तले-भुने, मसालेदार और बासी खाने से परहेज करने को कहा। दिनभर में नींबू पानी, नारियल पानी, ओआरएस जैसे तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें और साफ-सफाई का ध्यान रखें। खाना खाने से पहले-बाद में हाथ धोएं, उबला या फिल्टर किया पानी पीएं और फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें। कब्ज से बचने के लिए फाइबर युक्त आहार जैसे फल, सलाद व अंकुरित अनाज लें। छालों में राहत के लिए सौंफ का पानी व दही जैसी ठंडी तासीर वाली चीजें खाएं। यदि पेट में अत्यधिक दर्द, लगातार उल्टी-दस्त या छालों के कारण गंभीर समस्या हो तो खुद से दवाइयां (एंटीबायोटिक्स) लेने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed