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बेटियों ने किक मार बदली किस्मत, अलखपुरा बना मिनी ब्राजील

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 11 Oct 2021 12:54 AM IST
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Daughters kicked their luck, Alakhpura became mini Brazil
गांव अलखपुरा फुटबाल टीम के साथ प्रशिक्षक सोनिका बिजारनियां। संवाद - फोटो : Bhiwani
विश्व बालिका दिवस पर विशेष
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संजय वर्मा
जिले का छोटा सा गांव अलखपुरा जहां हर घर से बेटी फुटबाल को ठोकर पर नचाने में माहिर है। इन बेटियों की बदोलत ही गांव अलखपुरा को विश्व पटल पर मिनी ब्राजील का खिताब मिला हुआ है। मात्र 2300 की आबादी वाले गांव में करीब डेढ़ सौ से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय महिला फुटबाल खिलाड़ी रोजाना गांव के खेल मैदान में अभ्यास करती हैं। फिलहाल गांव की छह बेटियां इंडियन फुटबाल वर्ल्ड कप कैंप में गई हैं तो दो महिला फुटबाल खिलाड़ी भारतीय फुटबाल टीम में शामिल होकर एशियन चैंपियनशिप 2022 की तैयारियों के लिए कैंप में दुबई गई हुई हैं। जहां वे अन्य देशों की टीमों के साथ फ्रेंडली मैंच के जरिये एशियन चैंपियनशिप के लिए खेल अभ्यास कर खुद का हुनर निखार रही हैं। गांव की खिलाड़ी बेटी खेलों में ही आगे नहीं बल्कि देश सेवा में भी पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी हैं। गांव की बेटियां भारतीय सशस्त्र सेना बल, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, रेलवे में देश सुरक्षा की कमान संभाले हैं। 2016 में फुटबाल क्लब अलखपुरा ने इंडियन वुमेन लीग में हिस्सा लिया था।
भिवानी जिले के कस्बा बवानीखेड़ा के गांव अलखपुरा मात्र 2300 वयस्क लोगों की आबादी का गांव है। जिसके हर घर में बेटियां फूटबाल की राज्य स्तर से नेशनल स्तर की खिलाड़ी हैं। फिलहाल गांव में 12 महिला अंतर राष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी व 24 नेशनल महिला खिलाड़ी हैं। गांव की दो महिला फुटबाल खिलाड़ी रितू बगडिया व संजू यादव भारतीय महिला फुटबाल टीम में हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर रही हैं। जो फिलहाल एशियन चैंपियनशिप 2022 की तैयारियों के लिए दुबई गई हैं। गांव अलखपुरा में खेल विभाग की महिला फुटबाल कोच सोनिका बिजारनियां ने बताया कि मैदान में हर घर से बेटियां यहां फुटबाल खेल अभ्यास के लिए आ रही हैं। गांव की लड़कियों में खेल का क्रेज बहुत ज्यादा है। भारतीय महिला फुटबाल में भी गांव की बेटियों ने अपनी जगह बना ली है। इसी वजह से इस गांव को मिनी ब्राजील के नाम से जाना जाता है। अलखपुरा की महिला फुटबाल टीम ने 2014 में सुब्रतो चैंपियनशिप जीती थी। इसके बाद 2016 में भी फिर से जीत दर्ज कराई। इसमें संजू यादव को उभरती हुई खिलाड़ी का अवार्ड भी मिला था।
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बेटियों के पांव पर नाचती है फुटबाल, मैदान में दिखा चुकी जादुई करिश्मा
गांव अलखपुरा की बेटी समीक्षा जाखड़, मंजू यादव, अन्य बाई, मुनेश, रितू यादव उसकी बहन नीशु यादव, संजू यादव, रवीना यादव फुटबाल की अंतर राष्ट्रीय महिला खिलाड़ी हैं, जो विश्व स्तर पर मैदान पर अपना जादुई करिश्मा दिखा चुकी हैं। इन बेटियों ने छोटे से गांव अलखपुरा को विश्व मानचित्र पर नई पहचान भी दिलाई है।
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ऐसे हुई थी गांव में लड़कियों की फुटबाल खेल की शुरूआत
गांव के हाई स्कूल में को एजुकेशन थी। 2006 में गांव के लड़कों के लिए कबड्डी खेल की शुरूआत हुई थी। लड़कों को खेलते हुए देख लड़कियों के मन में भी खेल की जिझासा जागी। स्कूल में फुटबाल खेल का सामान आया था। पीटीआई गोवधन ने लड़कियों को फुटबाल खेल से अभ्यास की अनुमति दे दी। शुरूआत में लड़कियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। इसके बाद लड़कियों की टीमेें स्कूली खेलों में भी अव्वल आने लगी। इसके बाद तो फिर लड़कियों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और गांव के हर घर से लड़की इस खेल में शामिल होने लगी।
ये बेटियां कर रही देश सेवा
गांव अलखपुरा की दीपिका समौता और ज्योति यादव सीआरपीएफ में है। मुनेश, पूनम, मंजू भारतीय सशस्त्र सेना बल में तैनात हैं। पूनम बगडिया आईटीबीपी में सेवारत है। गांव की तनुजा जाखड़ और पूजा यादव खेल कोटे से शिक्षा विभाग में क्लर्क नियुक्त हुई हैं। वनीता राव व एक अन्य लड़की ने एनआईएस क्वालीफाई किया है।
ये बोली अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी
हम जब खेल के मैदान में अभ्यास करती हैं तो यह भूल जाती हैं कि ये मैदान गांव का है, बल्कि अंतर राष्ट्रीय स्पर्धा की तरह ही मुकाबला करती हैं। हम सब आपस में बहनें है और पूरी टीम आपसी तालमेल के साथ प्रतिद्वंद्वी टीम पर आक्रामकता के साथ धावा बोल देती हैं, जिससे अभ्यास में भी लगातार निखार आ रहा है।
-अन्य बाई, अंतर राष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी।
खेल मैदान में छह महीनों से बारिश का पानी जमा
गांव के खेल मैदान में छह महीनों से बारिश का पानी जमा हैं, इस वजह से स्कूल के खेल मैदान में ही तैयारी कर रही हैं। हमारे पास खेल सामान की कोई कमी नहीं हैं, खेल प्रशिक्षक भी हैं। सीनियर खिलाड़ी भी जूनियर खिलाडिय़ों को खेल के हुनर सिखा रही हैं।

-ज्योति यादव अंतर राष्ट्रीय फुटबाल खिलाड़ी।
अब तक काफी खिलाड़ी खेल स्पर्धाओं में जीत दर्ज करा चुके
खेल विभाग ने मुझे 2014 से यहां तैनात किया हुआ है। अब तक काफी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय स्तर की महिला फुटबाल खिलाड़ी खेल स्पर्धाओं में जीत दर्ज करा चुकी हैं। खेल मैदान में उतरी प्रत्येक महिला खिलाड़ी राज्य स्तर पर अपनी पहचान भी बना चुकी है। महिला फुटबाल क्लब अलखपुरा की टीम विश्व स्पर्धाओं में भी मुकाम हासिल कर चुकी हैं।
-सोनिका बिजारनिया, महिला फुटबाल खेल प्रशिक्षक गांव अलखपुरा
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