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Bhiwani News: फसलों के अवशेष व धूल-मिट्टी बढ़ा रहीं सांस के रोगियों की समस्याएं
Thu, 24 Apr 2025 11:08 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 24 Apr 2025 11:08 PM IST
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में मरीज की रिपोर्ट चैक करते डॉ. प्रवीन।
भिवानी। अप्रैल माह के अंतिम दिनों में गर्मी लगातार बढ़ रही है। इसके साथ ही फसलों के अवशेष और धूल मिट्टी सांस के रोगियों की समस्याएं बढ़ा रही। अंधड़ के साथ चल रही गर्म हवा स्वास्थ्य को प्रभावित कर रही है।
इस कारण मरीजों में सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन व दर्द की समस्या बढ़ रही है। बता दें कि पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज आ रहे हैं। इसमें से ज्यादातर मरीज सामान्य रोग व हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास आ रहे हैं।
सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में फिलहाल सांस, उल्टी, दस्त व पेट दर्द के मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा कुछ मरीजों में पानी की कमी होने से बीपी भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में चिकित्सक भी मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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क्यों बन रही है समस्या
सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन ने बताया कि तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों के शरीर में पानी की कमी हो रही है। इसके अलावा खेतों में फसल निकालने का कार्य जारी है। गर्म हवा के साथ ही धूल व फसलों के कण फसल निकालते समय मुंह व नाक के माध्यम से लोगों के शरीर में प्रवेश कर रहे हैं। इसके बाद नली में जा कर चिपक जाते हैं। इससे परेशानी बढ़ रही है। कुछ मरीजों में पानी की कमी भी बन रही है। इस कारण उल्टी, दस्त व पेट दर्द के मरीज भी देखे जा रहे हैं।
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कैसे करें बचाव
डॉ. प्रवीन ने बताया कि ऐसे मौसम में शरीर का विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है। गर्मी के मौसम में बाहर जाते समय शरीर को ढक कर रखें। पानी की कमी शरीर में न बनें। इसके लिए प्राकृतिक जूस, पानी व ओआरएस का घोल पीते रहे। खेत में कार्य करते समय पानी का सेवन करते रहें। धूल मिट्टी से बचने के लिए मुंह, नाक व आंखों को ढंक कर रखें। इसके अलावा बच्चों को दोपहर के समय स्कूल से लाते समय धूप से बचाने के लिए छतरी का प्रयोग करें। मौसम के अनुसार फलों का सेवन करें। ऐसे भोजन से बचें जो स्वास्थ्य को प्रभावित करें। मच्छरों से बचाव का प्रबंध करें।
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ये रहा शहर का मौसम
वीरवार को भी शहर का अधिकतम तापमान 42.2 व न्यूनतम तापमान 21.5 रहा। सुबह सूर्य देव के दर्शन के साथ ही गर्मी बढ़ने लगी। दोपहर तक तेज गर्म हवा चलने से बाजार सूने दिखाई दिए। लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से दूरी बनाते दिखें।
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इस कारण मरीजों में सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन व दर्द की समस्या बढ़ रही है। बता दें कि पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज के ओपीडी विभाग में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज आ रहे हैं। इसमें से ज्यादातर मरीज सामान्य रोग व हड्डी रोग विशेषज्ञ के पास आ रहे हैं।
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सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में फिलहाल सांस, उल्टी, दस्त व पेट दर्द के मरीज आ रहे हैं। इसके अलावा कुछ मरीजों में पानी की कमी होने से बीपी भी प्रभावित हो रहा है। ऐसे में चिकित्सक भी मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।
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क्यों बन रही है समस्या
सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीन ने बताया कि तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों के शरीर में पानी की कमी हो रही है। इसके अलावा खेतों में फसल निकालने का कार्य जारी है। गर्म हवा के साथ ही धूल व फसलों के कण फसल निकालते समय मुंह व नाक के माध्यम से लोगों के शरीर में प्रवेश कर रहे हैं। इसके बाद नली में जा कर चिपक जाते हैं। इससे परेशानी बढ़ रही है। कुछ मरीजों में पानी की कमी भी बन रही है। इस कारण उल्टी, दस्त व पेट दर्द के मरीज भी देखे जा रहे हैं।
कैसे करें बचाव
डॉ. प्रवीन ने बताया कि ऐसे मौसम में शरीर का विशेष रूप से ध्यान रखने की जरूरत है। गर्मी के मौसम में बाहर जाते समय शरीर को ढक कर रखें। पानी की कमी शरीर में न बनें। इसके लिए प्राकृतिक जूस, पानी व ओआरएस का घोल पीते रहे। खेत में कार्य करते समय पानी का सेवन करते रहें। धूल मिट्टी से बचने के लिए मुंह, नाक व आंखों को ढंक कर रखें। इसके अलावा बच्चों को दोपहर के समय स्कूल से लाते समय धूप से बचाने के लिए छतरी का प्रयोग करें। मौसम के अनुसार फलों का सेवन करें। ऐसे भोजन से बचें जो स्वास्थ्य को प्रभावित करें। मच्छरों से बचाव का प्रबंध करें।
ये रहा शहर का मौसम
वीरवार को भी शहर का अधिकतम तापमान 42.2 व न्यूनतम तापमान 21.5 रहा। सुबह सूर्य देव के दर्शन के साथ ही गर्मी बढ़ने लगी। दोपहर तक तेज गर्म हवा चलने से बाजार सूने दिखाई दिए। लोग दोपहर के समय घरों से बाहर निकलने से दूरी बनाते दिखें।