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इंसाफ की चौखट पर मिली दुत्कार
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Fri, 05 Aug 2016 12:21 AM IST
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police
- फोटो : amar ujala
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छेड़छाड़ मामले में एएसपी कार्यालय में इंसाफ मांगने गई मां-बेटी को दुत्कार दिया गया। उन्हें घसीटकर आफिस से बाहर निकाला गया। धक्के मारे गए। मां-बेटी ने पुलिस वालों पर मारपीट का भी आरोप लगाया। फिलहाल मां-बेटी आईजी से इस घटना की शिकायत करने की तैयारी में हैं।
मामला बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे का है। नेहरू पार्क के पास बीते 30 अप्रैल को हुए झगड़े और छेड़छाड़ मामले में पीड़ित युवती, उसकी बहन और मां पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें डीएसपी के पास भेज दिया। उस समय डीएसपी चंद्रपाल एएसपी फूल कुमार के पास उनके कमरे में बैठे थे। महिला और उसकी बेटियां एएसपी से मिलने उनके कक्ष में गई। जहां अपनी शिकायत रखी। इसी दौरान विवाद इतना बढ़ा कि हंगामा मच गया। महिला और उसकी बेटियों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया और पुलिस अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने महिला पुलिस कर्मचारियों को बुलाया।
महिला थाना पुलिस व सिविल लाइन थाना पुलिस भी सूचना पर पहुंची। महिला व उसकी बेटियों को घसीटते हुए कमरे से बाहर निकाला और धक्के मारते हुए लघु सचिवालय से बाहर किया गया।
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महिला व उसकी बेटियों ने बताया कि वे अपनी शिकायत लेकर गई थी। उन्हें समन भेजे गए हैं, जबकि छेड़छाड़ का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। एएसपी कार्यालय में उनसे गलत व्यवहार किया गया। उन्हें घसीटते हुए बाहर निकाला गया और एक कमरे में ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। बाद में धक्के मारते हुए लघु सचिवालय से बाहर निकाल दिया। सड़क पर भी उन्हें धक्के मारे गए। न्याय नहीं मिलने पर जब वे घर जा रहे थे तो महिला पुलिस कर्मी आई और उन्हें जबरन पकड़कर वापस ले जाने लगी। उन्हीं पर कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने गलत जांच करते हुए छेड़छाड़ के मुकदमे को भी खारिज कर दिया है और अब उन्हीं को तंग किया जा रहा है। वे इस बारे में पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाएंगे।
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मामला बृहस्पतिवार दोपहर करीब डेढ़ बजे का है। नेहरू पार्क के पास बीते 30 अप्रैल को हुए झगड़े और छेड़छाड़ मामले में पीड़ित युवती, उसकी बहन और मां पुलिस अधीक्षक से मिलने पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने उन्हें डीएसपी के पास भेज दिया। उस समय डीएसपी चंद्रपाल एएसपी फूल कुमार के पास उनके कमरे में बैठे थे। महिला और उसकी बेटियां एएसपी से मिलने उनके कक्ष में गई। जहां अपनी शिकायत रखी। इसी दौरान विवाद इतना बढ़ा कि हंगामा मच गया। महिला और उसकी बेटियों ने पुलिस पर मिलीभगत का आरोप लगाया और पुलिस अधिकारियों को खरी खोटी सुनाई। पुलिस अधिकारियों ने महिला पुलिस कर्मचारियों को बुलाया।
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महिला थाना पुलिस व सिविल लाइन थाना पुलिस भी सूचना पर पहुंची। महिला व उसकी बेटियों को घसीटते हुए कमरे से बाहर निकाला और धक्के मारते हुए लघु सचिवालय से बाहर किया गया।
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महिला व उसकी बेटियों ने बताया कि वे अपनी शिकायत लेकर गई थी। उन्हें समन भेजे गए हैं, जबकि छेड़छाड़ का मामला कोर्ट में विचाराधीन है। एएसपी कार्यालय में उनसे गलत व्यवहार किया गया। उन्हें घसीटते हुए बाहर निकाला गया और एक कमरे में ले जाकर उनके साथ मारपीट की गई। बाद में धक्के मारते हुए लघु सचिवालय से बाहर निकाल दिया। सड़क पर भी उन्हें धक्के मारे गए। न्याय नहीं मिलने पर जब वे घर जा रहे थे तो महिला पुलिस कर्मी आई और उन्हें जबरन पकड़कर वापस ले जाने लगी। उन्हीं पर कार्रवाई करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने गलत जांच करते हुए छेड़छाड़ के मुकदमे को भी खारिज कर दिया है और अब उन्हीं को तंग किया जा रहा है। वे इस बारे में पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाएंगे।