फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Bhiwani Nagar Parishad scam: 40 new accounts opened and closed in five years

भिवानी नप घोटाला: पांच साल में 40 नए अकाउंट खुले और हो गए बंद, कई तो एक ट्रांजेक्शन के बाद ही कर दिए बंद

Sun, 13 Mar 2022 10:59 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 13 Mar 2022 10:59 PM IST
सार

चेक और रसीद ही नहीं जोहड़ों के सुंदरीकरण, कचरा सेग्रीगेशन, गली निर्माण में भी बड़े घोटाले की आशंका है। निवर्तमान पार्षद निवर्तमान चेयरमैन गुट के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं। एक पार्षद और ठेकेदार की ऑडियो वायरल हो रही है।

विज्ञापन
Bhiwani Nagar Parishad scam: 40 new accounts opened and closed in five years
नगर परिषद कार्यालय। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के भिवानी में नगर परिषद में उठे घोटाले के जिन के बाद अब हर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। घोटालों की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नप के 40 से अधिक नए अकाउंट खुले और बंद हो गए। कुछ खाते तो एक ट्रांजेक्शन के बाद ही बंद कर दिए गए।

विज्ञापन


पुलिस इन खातों की डिटेल खंगालने में जुटी है और बैंकों से जानकारी मांगी गई है। चेक और रसीद घोटाला ही नहीं अब विकास कार्यों के ठेकों खासकर जोहड़ों के सुंदरीकरण, गलियों के निर्माण, सड़क निर्माण, कचरा सेग्रीगेशन में भी घोटाले की बू आ रही है। इसे लेकर कुछ निवर्तमान पार्षद ही मोर्चा खोल रहे है। इस संबंध में कुछ ने उपायुक्त कार्यालय में की है तो कुछ विभिन्न राजनीतिक दलों के माध्यम से इसे प्रदेश स्तर पर बड़ा मुद्दा बनाने की तैयारी में हैं।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि नगर परिषद में पिछले 10 दिन से चेक घोटाला, फर्जी रसीद घोटाला खूब चर्चा में है। चेक घोटाले में पूर्व पार्षद की शिकायत पर बैंक मैनेजर व एक व्यापारी सहित नगर परिषद के कर्मचारियों पर धोखाधड़ी का केस भी दर्ज हो चुका है। जिसमें लाखों रुपये की राशि नप के खातों से चेक के माध्यम से ऐसी-ऐसी कंपनियों के खातों में जमा हुई है, जिनसे नप का कोई लेनादेना नहीं। न उनसे कोई काम लिया और न ही कोई सामान।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसकी जांच पुलिस विभाग की इकनॉमिक शाखा में गठित एसआईटी कर रही है। नप अधिकारियों, कर्मचारियों, शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज हो चुके हैं और बैंकों से जानकारी लेकर पुलिस की विशेष टीम अब जांच में जुटी है। अब तक की जांच में यह तो स्पष्ट हो चुका है कि बड़े स्तर का घोटाला हुआ है। जांच में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।  

18-18 लाख में तो जोहड़ का पानी निकाला 
एक ओर जहां घोटाले के खुलासे हो रहे है वहीं रविवार को एक पार्षद और एक ठेकेदार का ऑडियो वायरल हुआ है। जिसमें इन घोटालों पर ही चर्चा हो रही है। जिसमें बताया जा रहा है कि छह जोहड़ों के जीर्णोद्धार में भी बड़ा घोटाला है। 18-18 लाख तो जोहड़ों का पानी निकालने में खर्च कर दिए, जबकि पानी पूरा निकला भी नहीं। बातचीत में बताया जा रहा है कि इसमें बड़ा घोटाला है।

इसके अलावा सड़क निर्माण करने वाले ठेकेदार की सिक्योरिटी कम से कम तीन साल तक रखनी होती है, जबकि छह माह में ही सिक्योरिटी रिलीज कर दी गई। गलियों के निर्माण में भी बड़ा घोटाला है। ऐसी-ऐसी जगह गलियां बना दी गईं जो जगह नगर परिषद के दायरे में ही नहीं है। एक पार्षद के ही वार्ड में ऐसी 14 से अधिक गलियां हैं। सड़क निर्माण दिखाया तारकोल का और बना दी ब्लॉक की। 

गाड़ी खाली होती नहीं, उसी की बार-बार हो रही तुलाई, 10 करोड़ का दिया है ठेका
नगर परिषद में नया घोटाला कचरा सेग्रीगेशन का है। निवर्तमान पार्षद ईश्वर सिंह मान ने उपायुक्त को शिकायत देकर घोटाले की शिकायत की है। जिसमें बताया है कि दादरी रोड पर नप की जगह में कचरे के सेग्रीगेशन के लिए 10 करोड़ का एक वर्ष का ठेका दिया था, जो पांच महीने में खत्म कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि निवर्तमान चेयरमैन और एक आयोग के चेयरमैन ने मिलकर किया है।

शिकायत में बताया कि कचरे की छंटाई में केवल छह गाड़ियां ही पॉलिथीन की बाहर भेजी हैं। एक ही कूड़े की गाड़ी का एक दिन में 10 बार वजन किया जाता है। मतलब गाड़ी को खाली ही नहीं किया जाता है। कुछ समय खड़े रखा जाता है और फिर तुलाई के लिए भेज दिया जाता है।

उन्होंने कहा कि अगर सेग्रीगेशन हुआ है तो बताया जाए कि पॉलिथीन व खाद किस गाड़ी से किस शहर और किस कंपनी को सप्लाई किया गया है। अब काफी कचरा तो जेसीबी से जमीन में दबाया जा रहा है ताकि छंटनी ही न करनी पड़े। पूरी जांच की जाए तो बड़ा घोटाला सामने आएगा। इसकी कुछ विडियो भी हमारे पास है। 

 

नगर परिषद में बड़े घोटाले हुए हैं। गली निर्माण हो, स्ट्रीट लाइट की खरीद हो चेक हो या रसीद। पांच साल में सवा तीन करोड़ की स्ट्रीट लाइटें नई लगाई गई हैं, जबकि पुरानी लाइटें कहां गईं कोई नहीं बता रहा। जो नई लगाई थीं, उन्हें भी ठीक करने के लिए उतारा था, मगर दोबारा लगाई ही नहीं। एक-एक गली की दो-दो बार पेमेंट हुई है। ऐसी जगह गलियां बना दी गईं, जहां नप का दायरा ही नहीं है। इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला को प्रमुखता से बताया गया है और इसे इनेलो जोरशोर से उठाएगी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करवाई जाएगी। - विजय पंचगांवा, निवर्तमान पार्षद एवं पूर्व चेयरमैन।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed