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बाइक सवार दो चचेरे भाईयों को कुचला, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Mon, 01 Aug 2016 12:14 AM IST
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accident in bhiwani
- फोटो : फाइल फोटो
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भिवानी-हांसी मार्ग पर बवानीखेड़ा से आगे सुंदर ब्रांच के पास एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार दो चचेरे भाईयों को कुचल दिया। हादसे में दोनों की मौत हो गई जबकि हादसा करने वाला वाहन चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
हादसा शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुआ। बवानीखेड़ा निवासी करीब 34 वर्षीय बिजेंद्र अपने चचेरे भाई दुर्जनपुर निवासी करीब 38 वर्षीय सत्यवान के साथ गांव दुर्जनपुर जा रहा था। जब वे बवानीखेड़ा से थोड़ा आगे निकले तो एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मारते हुए दोनों को कुचल दिया। वहीं एक ढाबे से लोग मदद के लिए पहुंचे और दोनों घायलों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर बवानीखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस को दिए बयान में मृतकों के चचेरे भाई कुलदीप ने बताया कि उसका सुंदर ब्रांच के पास ढाबा है। रात को हादसे की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचा तो उसके दोनों भाई बिजेंद्र व सत्यवान गंभीर हालत में सड़क पर पड़े थे।
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कुलदीप ने बताया कि बिजेंद्र कुछ वर्षों से बवानीखेड़ा के वार्ड आठ में रह रहा था और सत्यवान गांव दुर्जनपुर में ही रहता था। सत्यवान शनिवार को बिजेंद्र के पास मिलने गया था। जिसके बाद बिजेंद्र उसे छोड़ने गांव आ रहा था और रास्ते में यह हादसा हो गया। कुलदीप ने बताया कि सत्यवान चालक था और बिजेंद्र मजदूरी करता था। बवानीखेड़ा थाना से एसआई सुभाषचंद्र ने बताया कि हादसा करने वाले वाहन का पता नहीं लगा है। फिलहाल अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पिता को तलाशती रही योगेश और खुशी की आंखें
सत्यवान दो भाईयों में बड़ा था और बिजेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता लड़का था। माता पिता के देहांत के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी बिजेंद्र के कंधों पर थी। बिजेंद्र के एक बेटा योगेश आठ साल और बेटी खुशी छह साल की है। योगेश और खुशी बताते हैं कि उनके पिता उनसे बहुत प्यार करते थे और रात को भी उनके लिए बाजार से कुछ लाने वाले थे। दोनों बच्चे अब बार-बार अपने मम्मी से पिता के बारे में पूछ रहे है। बिजेंद्र की पत्नी ममता का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं सत्यवान की मौत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके छोटे भाई रवींद्र के कंधों पर आ गई थी। तीन साल पहले सत्यवान के भाई राजेश की ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। सत्यवान के परिवार में उसकी माता गुड्डी देवी और छोटा भाई रविंद्र हैं।
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हादसा शनिवार रात करीब साढ़े नौ बजे हुआ। बवानीखेड़ा निवासी करीब 34 वर्षीय बिजेंद्र अपने चचेरे भाई दुर्जनपुर निवासी करीब 38 वर्षीय सत्यवान के साथ गांव दुर्जनपुर जा रहा था। जब वे बवानीखेड़ा से थोड़ा आगे निकले तो एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मारते हुए दोनों को कुचल दिया। वहीं एक ढाबे से लोग मदद के लिए पहुंचे और दोनों घायलों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना पर बवानीखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची।
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पुलिस को दिए बयान में मृतकों के चचेरे भाई कुलदीप ने बताया कि उसका सुंदर ब्रांच के पास ढाबा है। रात को हादसे की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचा तो उसके दोनों भाई बिजेंद्र व सत्यवान गंभीर हालत में सड़क पर पड़े थे।
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कुलदीप ने बताया कि बिजेंद्र कुछ वर्षों से बवानीखेड़ा के वार्ड आठ में रह रहा था और सत्यवान गांव दुर्जनपुर में ही रहता था। सत्यवान शनिवार को बिजेंद्र के पास मिलने गया था। जिसके बाद बिजेंद्र उसे छोड़ने गांव आ रहा था और रास्ते में यह हादसा हो गया। कुलदीप ने बताया कि सत्यवान चालक था और बिजेंद्र मजदूरी करता था। बवानीखेड़ा थाना से एसआई सुभाषचंद्र ने बताया कि हादसा करने वाले वाहन का पता नहीं लगा है। फिलहाल अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पिता को तलाशती रही योगेश और खुशी की आंखें
सत्यवान दो भाईयों में बड़ा था और बिजेंद्र अपने माता-पिता का इकलौता लड़का था। माता पिता के देहांत के बाद परिवार की सारी जिम्मेदारी बिजेंद्र के कंधों पर थी। बिजेंद्र के एक बेटा योगेश आठ साल और बेटी खुशी छह साल की है। योगेश और खुशी बताते हैं कि उनके पिता उनसे बहुत प्यार करते थे और रात को भी उनके लिए बाजार से कुछ लाने वाले थे। दोनों बच्चे अब बार-बार अपने मम्मी से पिता के बारे में पूछ रहे है। बिजेंद्र की पत्नी ममता का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं सत्यवान की मौत के बाद पूरे परिवार की जिम्मेदारी उसके छोटे भाई रवींद्र के कंधों पर आ गई थी। तीन साल पहले सत्यवान के भाई राजेश की ट्रेन हादसे में मौत हो गई थी। सत्यवान के परिवार में उसकी माता गुड्डी देवी और छोटा भाई रविंद्र हैं।