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एक्सइएन से फिरौती मांगने के आरोपी गिरफ्तार, मुख्यारोपी एक दिन के पुलिस रिमांड पर
Updated Mon, 23 Jul 2018 01:16 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। बीएंडआर का एक्सईएन 15 जुलाई को अपने मकान पर बच्चों के साथ बैठा था। रात को आठ बजकर 50 मिनट पर उसके मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने धमकी दी कि अपने बच्चों की सलामती चाहता है तो 50 लाख रुपये का बंदोबस्त कर ले। पैसे कहां भेजने हैं यह फिर से कॉल करके बता दिया जाएगा। उसके बाद फोन काट दिया जाता है। फोन पर फिरौती मांगने की बात सुनते ही एक्सईएन सिविल लाइन थाने पहुंचा और मामले में शिकायत दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जांच सीआईए को सौंप दी। सीआईए ने बीती रात को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने एक आरोपी को जेल भेज दिया जबकि मुख्यारोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यरत कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार के फोन पर 15 जुलाई को रात आठ बजकर 50 मिनट पर अज्ञात नंबर से कॉल आई और धमकी मिली कि या तो उन्हें दो दिन में 50 लाख रुपये भेज दे नहीं तो तुम्हारे बच्चों को अगवा कर जान से मार देंगे। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने सीआईए एवं साइबर सेल की टीम गठित कर जांच सौंपी। मामले में डीएसपी विरेंद्र सिंह श्योराण ने बताया कि 21 जुलाई को देवेश पुत्र हेमसिंह गांव डालनवास जिला महेंद्रगढ़ व एमसी कॉलोनी रवि को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी रवि को जेल भेज दिया जबकि देवेश को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त सिम एवं बाइक भी बरामद की है।
शिकायतकर्ता व आरोपी दो साल पहले एक ही मकान में रहते थे किराये पर
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2016 में वह शिकायतकर्ता के द्वारा किराये पर लिए गए मकान (सेक्टर 23 जिला भिवानी) के ऊपरी तल पर रहता था। वह उसके परिवार को अच्छी तरह से जानता था। उसे पता था कि कृष्ण के पास अच्छे पैसे हैं और वह परिवार को मारने की धमकी देने पर रुपये दे देगा। इसके चलते उसने कृष्ण को टारगेट बनाया।
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दोस्त को चार लाख की जरूरत पड़ी तो बनाई योजना
आरोपी देवेश ने बताया कि 10 दिन पहले उसके दोस्त रवि शर्मा वासी एमसी कॉलोनी ने मदद के लिए चार लाख रुपये मांगे। लेकिन उसके पास इतनी रकम नहीं होने के कारण उसने असमर्थता जाहिर कर दी। इस पर हम दोनों ने योजना बनाई की सार्वजनिक निर्माण विभाग में लगे कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार को धमका कर पैसे लिए जा सकते हैं।
महिला मित्र से बात करने के लिए दोस्त से ली सिम
आरोपी देवेश ने पूछताछ में बताया कि उसने फिरौती मांगने के लिए एक चाइनीज मोबाइल रोहतक गेट भिवानी से खरीदा। सिम बैंक कॉलोनी निवासी दोस्त अश्विनी से महिला मित्र से बात करने के बहाने ले ली। उसके बाद उन्होंने 15 जुलाई की रात को इंद्रा कॉलोनी में जाकर फोन पर फिरौती मांगी और उसके बाद फोन बंद कर दिया।
घर से रुपये चोरी कर खरीदी थी बाइक
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे महंगी बाइक रखने का शौक था। इसके चलते उसने अपने घर से ही अढ़ाई लाख रुपये की चोरी की थी जिसमें से उसने प्लसर बाइक खरीद ली। उसके बाद उसने अपने दोस्त रवि को जरूरत पड़ी तो 50 हजार रुपये भी दिए थे। परिजनों को बाइक खरीदने पर चोरी की घटना का पता चला था।
मां ने बेटे के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी
आरोपी देवेश के माता-पिता सरकारी टीचर हैं। बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए उसे दिल्ली में कोचिंग दिलाई गई। बेटे को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना आए उसके लिए उसकी मां ने अपनी सरकारी नौकरी भी छोड़ दी थी, लेकिन बेटा 12वीं कक्षा में फेल हो गया।
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भिवानी। बीएंडआर का एक्सईएन 15 जुलाई को अपने मकान पर बच्चों के साथ बैठा था। रात को आठ बजकर 50 मिनट पर उसके मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबर से कॉल आई। फोन करने वाले ने धमकी दी कि अपने बच्चों की सलामती चाहता है तो 50 लाख रुपये का बंदोबस्त कर ले। पैसे कहां भेजने हैं यह फिर से कॉल करके बता दिया जाएगा। उसके बाद फोन काट दिया जाता है। फोन पर फिरौती मांगने की बात सुनते ही एक्सईएन सिविल लाइन थाने पहुंचा और मामले में शिकायत दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसपी ने जांच सीआईए को सौंप दी। सीआईए ने बीती रात को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का पटाक्षेप कर दिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने एक आरोपी को जेल भेज दिया जबकि मुख्यारोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
जानकारी के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग में कार्यरत कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार के फोन पर 15 जुलाई को रात आठ बजकर 50 मिनट पर अज्ञात नंबर से कॉल आई और धमकी मिली कि या तो उन्हें दो दिन में 50 लाख रुपये भेज दे नहीं तो तुम्हारे बच्चों को अगवा कर जान से मार देंगे। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता एवं संवेदनशीलता को देखते हुए जिला पुलिस अधीक्षक गंगाराम पुनिया ने सीआईए एवं साइबर सेल की टीम गठित कर जांच सौंपी। मामले में डीएसपी विरेंद्र सिंह श्योराण ने बताया कि 21 जुलाई को देवेश पुत्र हेमसिंह गांव डालनवास जिला महेंद्रगढ़ व एमसी कॉलोनी रवि को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने रविवार को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपी रवि को जेल भेज दिया जबकि देवेश को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त सिम एवं बाइक भी बरामद की है।
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शिकायतकर्ता व आरोपी दो साल पहले एक ही मकान में रहते थे किराये पर
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वर्ष 2016 में वह शिकायतकर्ता के द्वारा किराये पर लिए गए मकान (सेक्टर 23 जिला भिवानी) के ऊपरी तल पर रहता था। वह उसके परिवार को अच्छी तरह से जानता था। उसे पता था कि कृष्ण के पास अच्छे पैसे हैं और वह परिवार को मारने की धमकी देने पर रुपये दे देगा। इसके चलते उसने कृष्ण को टारगेट बनाया।
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दोस्त को चार लाख की जरूरत पड़ी तो बनाई योजना
आरोपी देवेश ने बताया कि 10 दिन पहले उसके दोस्त रवि शर्मा वासी एमसी कॉलोनी ने मदद के लिए चार लाख रुपये मांगे। लेकिन उसके पास इतनी रकम नहीं होने के कारण उसने असमर्थता जाहिर कर दी। इस पर हम दोनों ने योजना बनाई की सार्वजनिक निर्माण विभाग में लगे कार्यकारी अभियंता कृष्ण कुमार को धमका कर पैसे लिए जा सकते हैं।
महिला मित्र से बात करने के लिए दोस्त से ली सिम
आरोपी देवेश ने पूछताछ में बताया कि उसने फिरौती मांगने के लिए एक चाइनीज मोबाइल रोहतक गेट भिवानी से खरीदा। सिम बैंक कॉलोनी निवासी दोस्त अश्विनी से महिला मित्र से बात करने के बहाने ले ली। उसके बाद उन्होंने 15 जुलाई की रात को इंद्रा कॉलोनी में जाकर फोन पर फिरौती मांगी और उसके बाद फोन बंद कर दिया।
घर से रुपये चोरी कर खरीदी थी बाइक
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसे महंगी बाइक रखने का शौक था। इसके चलते उसने अपने घर से ही अढ़ाई लाख रुपये की चोरी की थी जिसमें से उसने प्लसर बाइक खरीद ली। उसके बाद उसने अपने दोस्त रवि को जरूरत पड़ी तो 50 हजार रुपये भी दिए थे। परिजनों को बाइक खरीदने पर चोरी की घटना का पता चला था।
मां ने बेटे के लिए छोड़ी सरकारी नौकरी
आरोपी देवेश के माता-पिता सरकारी टीचर हैं। बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए उसे दिल्ली में कोचिंग दिलाई गई। बेटे को किसी प्रकार की कोई परेशानी ना आए उसके लिए उसकी मां ने अपनी सरकारी नौकरी भी छोड़ दी थी, लेकिन बेटा 12वीं कक्षा में फेल हो गया।