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प्रशासन संभालेगा बाबा दातना नाथ पीर मजार की जिम्मेदारी
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भिवानी। मुंढाल खुर्द के ऐतिहासिक धार्मिक स्थल बाबा दातना नाथ पीर मजार अब जिला प्रशासन की निगरानी में रहेगा। इसके लिए एसडीएम ने भिवानी तहसीलदार को रिसीवर नियुक्त किया है। यहां पुलिस बल भी तैनात किया है। बीती शाम को सदर पुलिस थाना प्रभारी राकेश कुमार व नायब तहसीलदार अजय कुमार ने मुंढाल खुर्द के बाबा दातना नाथ पीर मजार पर पहुंचकर प्रशासन के अधीन लिए जाने के आदेशों से गांव के मौजिज लोगों को अवगत करा दिया।
बाबा दातना नाथ पीर मजार की इलाके के आसपास के गांवों में गहरी आस्था हैं। यहां पर साल में दो बार बड़े आयोजन भी किए जाते हैं, जिसमें करोड़ों रुपयों की राशि का चंदा भी आता है। इस चंदे की राशि की निगरानी गांव द्वारा गठित कमेटी द्वारा की जाती रही है। इस कमेटी में गांव के वर्तमान सरपंच को भी अहम ओहदा दिया जाता है। लेकिन पिछले कुछ अर्से से मजार की चंदे की राशि को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया। इसी विवाद में एक गुट ने सरपंच व उसके परिवार पर चंदे की एक करोड़ 40 लाख रुपये की राशि का गबन का आरोप लगाकर शिकायत पुलिस को भी दी गई। जिस पर सदर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस भी दर्ज किया था। इसके बाद तो पीर मजार का यह विवाद और भी गहराता गया।
कुछ दिन पहले ही एक गुट द्वारा मंदिर में तथाकथित निगरानी कमेटी की घोषणा की गई थी। मगर इस कमेटी पर भी बवाल मच गया और मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और लोगों की आस्था का केंद्र बने इस धार्मिक स्थल में किसी भी तरह की कोई विवाद या फिर अनहोनी होने की आशंका के चलते इसे जिला प्रशासन के अधीन ले लिया।
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मंदिर में तैनात की गई पुलिस
विवादित धार्मिक स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात किया गया है। मंदिर में एक पीसीआर और करीबन पांच पुलिस कर्मचारियों को यहां तैनात किया गया है। ये पुलिस कर्मचारी आगामी आदेशों तक मंदिर की सुरक्षा में कड़ी निगरानी रखेंगे और यहां पर किसी भी तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि या फिर कानून व्यवस्था बिगड़ने पर तुरंत हरकत में आएंगे।
ग्रामीणों ने भी जताई खुशी
जिला प्रशासन द्वारा लंबे अर्से से विवाद का गढ़ बन चुका बाबा दातना पीर मजार को अपने अधीन लिए जाने पर ग्रामीणों ने भी खुशी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि मजार के प्रति लोगों की गहरी आस्था हैं, मगर कुछ लोग करोड़ों रुपयों के चंदे की बंदरबांट और मिलीभगत कर इस पैसे को हड़पने के चक्कर में गुटबाजी कर रहे हैं। जबकि आम लोग इन सब बातों से काफी दूर हैं, इसलिए वे मंदिर में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं चाहते और मंदिर में अपनी आस्था के अनुरूप ही पूजा अर्चना करते हैं।
वर्जन::: एसडीएम द्वारा सेक्शन 145 के तहत इस धार्मिक स्थल को जिला प्रशासन ने अपने अधीन ले लिया है। आगामी आदेशों तक भिवानी तहसीलदार को इस स्थल का रिसीवर नियुक्त किया गया है। धार्मिक स्थल पर दो पटवारी सुरेंद्र और शिकेश को भी लगाया गया है। जब तक आगामी कोई आदेश नहीं आते तब तक यह व्यवस्था जारी रहेगी।
अजय कुमार, नायब तहसीलदार भिवानी।
बाबा दातना नाथ पीर मजार की इलाके के आसपास के गांवों में गहरी आस्था हैं। यहां पर साल में दो बार बड़े आयोजन भी किए जाते हैं, जिसमें करोड़ों रुपयों की राशि का चंदा भी आता है। इस चंदे की राशि की निगरानी गांव द्वारा गठित कमेटी द्वारा की जाती रही है। इस कमेटी में गांव के वर्तमान सरपंच को भी अहम ओहदा दिया जाता है। लेकिन पिछले कुछ अर्से से मजार की चंदे की राशि को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया। इसी विवाद में एक गुट ने सरपंच व उसके परिवार पर चंदे की एक करोड़ 40 लाख रुपये की राशि का गबन का आरोप लगाकर शिकायत पुलिस को भी दी गई। जिस पर सदर पुलिस ने धोखाधड़ी का केस भी दर्ज किया था। इसके बाद तो पीर मजार का यह विवाद और भी गहराता गया।
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कुछ दिन पहले ही एक गुट द्वारा मंदिर में तथाकथित निगरानी कमेटी की घोषणा की गई थी। मगर इस कमेटी पर भी बवाल मच गया और मामला जिला प्रशासन तक पहुंचा। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और लोगों की आस्था का केंद्र बने इस धार्मिक स्थल में किसी भी तरह की कोई विवाद या फिर अनहोनी होने की आशंका के चलते इसे जिला प्रशासन के अधीन ले लिया।
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मंदिर में तैनात की गई पुलिस
विवादित धार्मिक स्थल पर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी तैनात किया गया है। मंदिर में एक पीसीआर और करीबन पांच पुलिस कर्मचारियों को यहां तैनात किया गया है। ये पुलिस कर्मचारी आगामी आदेशों तक मंदिर की सुरक्षा में कड़ी निगरानी रखेंगे और यहां पर किसी भी तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि या फिर कानून व्यवस्था बिगड़ने पर तुरंत हरकत में आएंगे।
ग्रामीणों ने भी जताई खुशी
जिला प्रशासन द्वारा लंबे अर्से से विवाद का गढ़ बन चुका बाबा दातना पीर मजार को अपने अधीन लिए जाने पर ग्रामीणों ने भी खुशी जताई है। ग्रामीणों का कहना है कि मजार के प्रति लोगों की गहरी आस्था हैं, मगर कुछ लोग करोड़ों रुपयों के चंदे की बंदरबांट और मिलीभगत कर इस पैसे को हड़पने के चक्कर में गुटबाजी कर रहे हैं। जबकि आम लोग इन सब बातों से काफी दूर हैं, इसलिए वे मंदिर में किसी भी तरह का कोई विवाद नहीं चाहते और मंदिर में अपनी आस्था के अनुरूप ही पूजा अर्चना करते हैं।
वर्जन::: एसडीएम द्वारा सेक्शन 145 के तहत इस धार्मिक स्थल को जिला प्रशासन ने अपने अधीन ले लिया है। आगामी आदेशों तक भिवानी तहसीलदार को इस स्थल का रिसीवर नियुक्त किया गया है। धार्मिक स्थल पर दो पटवारी सुरेंद्र और शिकेश को भी लगाया गया है। जब तक आगामी कोई आदेश नहीं आते तब तक यह व्यवस्था जारी रहेगी।
अजय कुमार, नायब तहसीलदार भिवानी।