भिवानी: 15 गायों की मौत पर भड़के गोसेवक, कहा-अमावस्या पर हलवा-पूड़ी अधिक खाने से हुई मौत, खिलाने वालों पर कार्रवाई की मांग
बुधवार को अमावस के साथ श्राद्ध समाप्त हो गए। इस दिन लोग अपने पितृ को खुश करने के लिए गायों को भोजन कराते हैं। ऐसा ही बुधवार को भी हुआ। काफी लोगों ने लावारिस घूमने वाली गायों को ज्यादा मात्रा में रोटी और हलवा-पूड़ी खिला दी। इससे गायों की तबीयत बिगड़ गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भिवानी शहर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में को 15 गायों की मौत हो गई, वहीं 50 गायों की हालत गंभीर बनी हुई है। इसके रोष स्वरूप गो सेवक संजय परमार के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ता मृत गायों के साथ वीरवार देर शाम रोहतक चौक पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सर्व पितृ अमावस्या के अवसर पर लोगों ने गायों को रोटी और हलवा-पूड़ी खिलाई। इससे गायों की मौत हो गई। गायों को हलवा-पूड़ी खिलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मौके पर पहुंचे एसडीएम और डीएसपी के आश्वासन पर गो सेवकों ने धरना खत्म किया।
बुधवार को अमावस के साथ श्राद्ध समाप्त हो गए। इस दिन लोग अपने पितृ को खुश करने के लिए गायों को भोजन कराते हैं। ऐसा ही बुधवार को भी हुआ। काफी लोगों ने लावारिस घूमने वाली गायों को ज्यादा मात्रा में रोटी और हलवा-पूड़ी खिला दी। इससे गायों की तबीयत बिगड़ गई। गो सेवक संजय परमार ने बताया कि 15 गायों की मौत हो गई और लगभग 50 गायों की हालत गंभीर बनी हुई है।
यह भी पढ़ें - हरियाणा: पानीपत से लखीमपुर तक कांग्रेस का रोष मार्च आज, हजारों वाहनों के शामिल होने का दावा
12 साल से कर रहे हैं जागरूक
संजय परमार ने बताया कि वे 12 साल से लोगों को जागरूक कर रहे हैं कि गायों को ज्यादा मात्रा में अन्न न खिलाया जाए। गाय एक दिन में दो से ढाई किलो अन्न ही खा सकती है। इससे ज्यादा खाएगी तो बीमार हो जाएगी। मगर लोगों को समझ नहीं आ रहा। हर साल गायों की मौत होती है। उन्होंने कहा कि जब तक प्रशासन इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाता तब तक ये घटनाएं रुकेंगी नहीं।
जाम की स्थिति बनी
मृत गायों को ट्रॉली में डालकर गोसेवक रोहतक चौक पर पहुंच गए और वहां धरना शुरू कर दिया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया और वहां भीड़ जुट गई। इससे वहां पर जाम की स्थिति बन गई। एक तरफ जहां एसडीएम संदीप अग्रवाल और डीएसपी वीरेंद्र सिंह गोसेवकों को मनाने में जुटे थेए वहीं कुछ पुलिसकर्मी यातायात व्यवस्था को सुचारु करने में जुटे हुए थे।
बैठक पर बनी सहमति
एसडीएम संदीप अग्रवाल ने गो सेवकों को आश्वासन दिया कि वे इस बारे में शुक्रवार को बैठक करेंगे। वहीं, गोसेवकों ने कहा कि उन्होंने कुछ लोगों की वीडियो बनाई है, जिनको मना करने के बावजूद उन्होंने गायों को रोटी और पूड़ी खिलाई। विरोध करने पर हमला कर दिया। उनके खिलाफ भी एक्शन लिए जाने की मांग रखी। अधिकारियों ने इस बात को भी मान लिया। इसके बाद गो सेवकों ने गो माता के जयकारे के साथ धरना समाप्त कर दिया।