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फुफेरे साले-सास और पत्नी की प्रताड़ना से तंग युवक ने दी जान
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। गांव नांधा में एक युवक ने संदिग्ध हालत में अपनी ससुराल में ही जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिसे उपचार के लिए इमरजेंसी लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक के पास सुसाइड नोट भी मिल। जिसमें अपनी पत्नी उर्मिला, फुफेरी सास राजबाला व फुफेरे साले बिट्टू को जिम्मेवार ठहराया। बाढड़ा पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर भिवानी जिला सामान्य अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मृतक के पिता पृथ्वी सिंह के बयान पर मृतक की पत्नी, उसकी फुफेरी सास व फुफेरे साले के खिलाफ आत्म हत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में पृथ्वी सिंह ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं, बड़ा बेटा सुरेंद्र, विजय और सबसे छोटा कृष्ण है। बड़े बेटे सुरेंद्र की शादी गांव रामबास निवासी धर्मेंद्र की लडक़ी उर्मिला से हुई थी। उर्मिला गांव नांधा निवासी अपनी बुआ राजबाला के पास ही रहती थी। उसकी बुआ ने ही उसकी 19 नवंबर 2018 को उसके बेटे सुरेंद्र के साथ की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही सुरेंद्र की फुफेरी सास राजबाला का उनके पास फोन आया कि उसके बेटे बिट्टू को नौकरी लगवाने के लिए उनकी मदद चाहिए। इसके लिए पांच लाख रुपये उधार मांगे थे। पृथ्वी सिंह ने बताया कि वह सरकारी स्कूल से रिटायर्ड प्रिसिंपल है और अपने बेटे की नई रिश्तेदारी में उसने राजबाला के कहने पर पांच लाख रुपये का एबीआई बैंक का चेक दे दिया। जो पैसे मार्च में उसे वापस लौटाने थे। जब मार्च में पैसे देने के लिए कहा गया तो टालमटोल करने लगे। इसी बात को लेकर उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया था। उसके लडक़े सुरेंद्र पर भी नाजायज दबाव बनाया जाने लगा। आठ अप्रैल को उसका बेटा सुरेंद्र अपनी ससुराल नांधा में रुपये लेने के लिए गया था। जहां पर बिटटू से पैसे वापस मांगे तो बिटटू और उसकी मां राजबाला ने उसकी पत्नी उर्मिला के साथ मिलकर सुरेंद्र के साथ मारपीट की। इसी मारपीट से परेशान होकर उसके बेटे सुरेंद्र ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिस कारण उसकी ससुराल में ही नांधा गांव में मौत हो गई। पृथ्वी सिंह ने बताया कि उसका बेटा गुरूग्राम मारुति कंपनी में काम करता था। ससुराल वालों की प्रताडना व पैसे वापस नहीं देने के लिए उस पर बनाए गए दबाव के चलते ही उसने खुदकुशी जैसा कदम उठाया। मृतक से मिले सुसाइड नोट को भी पुलिस ने अपने कब्जे मे ले लिया है।
गांव गोठड़ा निवासी पृथ्वी सिंह की शिकायत पर पुलिस ने नांधा निवासी राजबाला, उसके बेटे बिट्टू व मृतक सुरेंद्र की पत्नी उर्मिला के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है, जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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रामअवतार, कार्यकारी थाना प्रभारी, बाढड़ा पुलिस थाना
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भिवानी। गांव नांधा में एक युवक ने संदिग्ध हालत में अपनी ससुराल में ही जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिसे उपचार के लिए इमरजेंसी लाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक के पास सुसाइड नोट भी मिल। जिसमें अपनी पत्नी उर्मिला, फुफेरी सास राजबाला व फुफेरे साले बिट्टू को जिम्मेवार ठहराया। बाढड़ा पुलिस ने युवक के शव को कब्जे में लेकर भिवानी जिला सामान्य अस्पताल में उसका पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मृतक के पिता पृथ्वी सिंह के बयान पर मृतक की पत्नी, उसकी फुफेरी सास व फुफेरे साले के खिलाफ आत्म हत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में पृथ्वी सिंह ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं, बड़ा बेटा सुरेंद्र, विजय और सबसे छोटा कृष्ण है। बड़े बेटे सुरेंद्र की शादी गांव रामबास निवासी धर्मेंद्र की लडक़ी उर्मिला से हुई थी। उर्मिला गांव नांधा निवासी अपनी बुआ राजबाला के पास ही रहती थी। उसकी बुआ ने ही उसकी 19 नवंबर 2018 को उसके बेटे सुरेंद्र के साथ की थी। शादी के कुछ दिन बाद ही सुरेंद्र की फुफेरी सास राजबाला का उनके पास फोन आया कि उसके बेटे बिट्टू को नौकरी लगवाने के लिए उनकी मदद चाहिए। इसके लिए पांच लाख रुपये उधार मांगे थे। पृथ्वी सिंह ने बताया कि वह सरकारी स्कूल से रिटायर्ड प्रिसिंपल है और अपने बेटे की नई रिश्तेदारी में उसने राजबाला के कहने पर पांच लाख रुपये का एबीआई बैंक का चेक दे दिया। जो पैसे मार्च में उसे वापस लौटाने थे। जब मार्च में पैसे देने के लिए कहा गया तो टालमटोल करने लगे। इसी बात को लेकर उसका फोन उठाना भी बंद कर दिया था। उसके लडक़े सुरेंद्र पर भी नाजायज दबाव बनाया जाने लगा। आठ अप्रैल को उसका बेटा सुरेंद्र अपनी ससुराल नांधा में रुपये लेने के लिए गया था। जहां पर बिटटू से पैसे वापस मांगे तो बिटटू और उसकी मां राजबाला ने उसकी पत्नी उर्मिला के साथ मिलकर सुरेंद्र के साथ मारपीट की। इसी मारपीट से परेशान होकर उसके बेटे सुरेंद्र ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिस कारण उसकी ससुराल में ही नांधा गांव में मौत हो गई। पृथ्वी सिंह ने बताया कि उसका बेटा गुरूग्राम मारुति कंपनी में काम करता था। ससुराल वालों की प्रताडना व पैसे वापस नहीं देने के लिए उस पर बनाए गए दबाव के चलते ही उसने खुदकुशी जैसा कदम उठाया। मृतक से मिले सुसाइड नोट को भी पुलिस ने अपने कब्जे मे ले लिया है।
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गांव गोठड़ा निवासी पृथ्वी सिंह की शिकायत पर पुलिस ने नांधा निवासी राजबाला, उसके बेटे बिट्टू व मृतक सुरेंद्र की पत्नी उर्मिला के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज कर तहकीकात शुरू कर दी है, जल्द ही आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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रामअवतार, कार्यकारी थाना प्रभारी, बाढड़ा पुलिस थाना