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चार बहनों का इकलौता भाई था मृतक रविंद्र
Updated Fri, 24 Aug 2018 01:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। राखी के त्योहार पर जो बहन अपने भाई को राखी बांधने आने वाली थी, तीन दिन पहले ही हत्यारोपियों ने उस भाई को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। हम बात कर रहे हैं गांव बुशान निवासी रविंद्र की। जो चार बहनों का इकलौता भाई था। हत्यारोपी कोई और नहीं बल्कि युवक के ससुराली थे। मन में ढेरों ख्वाब संजोय बहने वीरवार को राखी बांधने की जगह अपने भाई का आखिरी बार चेहरा देखने के लिए पहुंची तो घर पर कोहराम मच गया। परिवार के लोग बहनों को चुप कराने में तो लगे हुए थे, लेकिन उनकी आंखे भी आंसुओं को नहीं रोक पा रही थी। बार-बार चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था तो दो बहनें बार-बार बेसुध हो रही थी। बहनों के विलाप देख वहां पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो रही थी। गमगीन माहौल में युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
गांव बुशान निवासी होशियार सिंह के चार लड़की हैं और चारों लड़कियों पर रविंद्र इकलौता लड़का था। रविंद्र तीन बहनों के बाद चौथे नंबर का था। जिसकी शादी करीब आठ साल पहले राजस्थान के गांव हरपालु निवासी धनसिंह की लड़की प्रमोद के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों से एक छह साल का लड़का हुआ जिसका नाम रूद्र है। पूरा परिवार खुशी-खुशी रह रहा था कि बुधवार को पति-पत्नी के बीच हुई तकरार रविंद्र की मौत पर जाकर खत्म हुई।
जहां बहनें तीन दिन बाद भाई को राखी बांधने का इंतजार कर रही थी तो बूढे़ मां-बाप उसके खेत से लौटने का इंतजार कर रहे थे। घर लौटा तो वीरवार को रविंद्र का शव। रविंद्र की हत्या के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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खेत से किया था अगवा
परिजनों ने बताया कि रविंद्र खेती-बाड़ी करता था। पिता फौज से रिटायर्ड है। बुधवार को पत्नी से तकरार होने के बाद रविंद्र खेत में गया था। पति के खेत में जाते ही पत्नी बेटे को लेकर अपने मायके जा पहुंची। उसके बाद बुधवार शाम को रविंद्र का साला अनिल अपने दो साथियों के साथ खेत में पहुंचा और रविंद्र को तीनों जबरन गाड़ी में डालकर ले गए।
शरीर पर थे चोट के निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मानें तो रविंद्र की बेरहमी से हत्या की गई थी। उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं था जहां पर रविंद्र को चोट नहीं मारी गई हो। रविंद्र पर हमलावरों ने तेजधार हथियार से भी हमला किया हुआ था। उसकी कुछ हड्डी भी टूटी मिली है।
मारपीट करने के बाद लेकर गए अस्पताल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ससुरालियों ने पहले रविंद्र के साथ जमकर मारपीट की। उसके बाद घायल अवस्था में ससुराल के लोग उसे राजगढ़ अस्पताल में लेकर गए जहां से गंभीर हालत के चलते उसे हिसार रेफर कर दिया। जब तक रविंद्र हिसार पहुंचता उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हिसार अस्पताल में मृत हालत में मिलने पर डॉक्टरों ने उसे वापस भेज दिया।
मृतक के मामा को बुलाकर फरार हुए आरोपी
मृतक रविंद्र के मामा बीर सिंह ने बताया कि उसके पास बुधवार रात को फोन आया कि रविंद्र को ससुरालियों ने चोट मारी हैं जिससे वह घायल है और उसे हिसार एडमिट करवाया गया है। जब वह हिसार जा रहा था तो झूप्पा में बिधराण मोड़ पर एक एंबूलेंस खड़ी थी, जिसके पास रविंद्र का साला अनिल और उसका मामा कुलदीप खड़े थे। उन्होंने बताया कि रविंद्र एंबूलेंस में है। जब उसने देखा तो रविंद्र मृत हालत में था। उसके बाद आरोपी अपनी दूसरी गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए।
वर्जन
बुशान निवासी रविंद्र के चचेरे भाई कुलदीप की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरपालु में छापेमारी की गई तो सभी फरार मिले। घर पर ताला लटका हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तार के बाद ही हत्या के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
-कुलभूषण, डीएसपी लोहारू।
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भिवानी। राखी के त्योहार पर जो बहन अपने भाई को राखी बांधने आने वाली थी, तीन दिन पहले ही हत्यारोपियों ने उस भाई को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। हम बात कर रहे हैं गांव बुशान निवासी रविंद्र की। जो चार बहनों का इकलौता भाई था। हत्यारोपी कोई और नहीं बल्कि युवक के ससुराली थे। मन में ढेरों ख्वाब संजोय बहने वीरवार को राखी बांधने की जगह अपने भाई का आखिरी बार चेहरा देखने के लिए पहुंची तो घर पर कोहराम मच गया। परिवार के लोग बहनों को चुप कराने में तो लगे हुए थे, लेकिन उनकी आंखे भी आंसुओं को नहीं रोक पा रही थी। बार-बार चारों बहनों का रो-रोकर बुरा हाल था तो दो बहनें बार-बार बेसुध हो रही थी। बहनों के विलाप देख वहां पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो रही थी। गमगीन माहौल में युवक का अंतिम संस्कार किया गया।
गांव बुशान निवासी होशियार सिंह के चार लड़की हैं और चारों लड़कियों पर रविंद्र इकलौता लड़का था। रविंद्र तीन बहनों के बाद चौथे नंबर का था। जिसकी शादी करीब आठ साल पहले राजस्थान के गांव हरपालु निवासी धनसिंह की लड़की प्रमोद के साथ हुई थी। शादी के बाद दोनों से एक छह साल का लड़का हुआ जिसका नाम रूद्र है। पूरा परिवार खुशी-खुशी रह रहा था कि बुधवार को पति-पत्नी के बीच हुई तकरार रविंद्र की मौत पर जाकर खत्म हुई।
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जहां बहनें तीन दिन बाद भाई को राखी बांधने का इंतजार कर रही थी तो बूढे़ मां-बाप उसके खेत से लौटने का इंतजार कर रहे थे। घर लौटा तो वीरवार को रविंद्र का शव। रविंद्र की हत्या के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
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खेत से किया था अगवा
परिजनों ने बताया कि रविंद्र खेती-बाड़ी करता था। पिता फौज से रिटायर्ड है। बुधवार को पत्नी से तकरार होने के बाद रविंद्र खेत में गया था। पति के खेत में जाते ही पत्नी बेटे को लेकर अपने मायके जा पहुंची। उसके बाद बुधवार शाम को रविंद्र का साला अनिल अपने दो साथियों के साथ खेत में पहुंचा और रविंद्र को तीनों जबरन गाड़ी में डालकर ले गए।
शरीर पर थे चोट के निशान
पोस्टमार्टम रिपोर्ट की मानें तो रविंद्र की बेरहमी से हत्या की गई थी। उसके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। शरीर का ऐसा कोई हिस्सा नहीं था जहां पर रविंद्र को चोट नहीं मारी गई हो। रविंद्र पर हमलावरों ने तेजधार हथियार से भी हमला किया हुआ था। उसकी कुछ हड्डी भी टूटी मिली है।
मारपीट करने के बाद लेकर गए अस्पताल
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ससुरालियों ने पहले रविंद्र के साथ जमकर मारपीट की। उसके बाद घायल अवस्था में ससुराल के लोग उसे राजगढ़ अस्पताल में लेकर गए जहां से गंभीर हालत के चलते उसे हिसार रेफर कर दिया। जब तक रविंद्र हिसार पहुंचता उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हिसार अस्पताल में मृत हालत में मिलने पर डॉक्टरों ने उसे वापस भेज दिया।
मृतक के मामा को बुलाकर फरार हुए आरोपी
मृतक रविंद्र के मामा बीर सिंह ने बताया कि उसके पास बुधवार रात को फोन आया कि रविंद्र को ससुरालियों ने चोट मारी हैं जिससे वह घायल है और उसे हिसार एडमिट करवाया गया है। जब वह हिसार जा रहा था तो झूप्पा में बिधराण मोड़ पर एक एंबूलेंस खड़ी थी, जिसके पास रविंद्र का साला अनिल और उसका मामा कुलदीप खड़े थे। उन्होंने बताया कि रविंद्र एंबूलेंस में है। जब उसने देखा तो रविंद्र मृत हालत में था। उसके बाद आरोपी अपनी दूसरी गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए।
वर्जन
बुशान निवासी रविंद्र के चचेरे भाई कुलदीप की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए हरपालु में छापेमारी की गई तो सभी फरार मिले। घर पर ताला लटका हुआ था। आरोपियों की गिरफ्तार के बाद ही हत्या के कारणों का खुलासा हो पाएगा।
-कुलभूषण, डीएसपी लोहारू।