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ठगी करने वाला गिरोह दिल्ली में चला रहा फेक कॉल सेंटर

Tue, 13 Feb 2018 01:17 AM IST
Updated Tue, 13 Feb 2018 01:17 AM IST
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ठगी करने वाला गिरोह दिल्ली में चला रहा फेक कॉल सेंटर
ठगी करने वाला गिरोह दिल्ली में चला रहा फेक कॉल सेंटर
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भिवानी। शहर थाना पुलिस के हत्थे चढ़े ठग गिरोह के सदस्यों ने चौंकाने वाले का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह के सरगना ने दिल्ली में फेक कॉल सेंटर बनाया हुआ था। इस कॉल सेंटर में 10 से 30 हजार रुपये सैलरी पर युवा काम कर रहे हैं। कॉल सेंटर में काम करने वाले युवाओं को बाकायदा रिकवरी से लेकर कॉलिंग का अलग- अलग काम दिया होता है तो बैंक नेटवर्किंग में माहिर युवाओं को अनजान लोगों के एकाउंट पर नजर रखने के लिए रखा हुआ था।
रामगंज मोहल्ला निवासी धर्मदेव से हुई 70 लाख रुपये की ठगी के बाद शहर थाना पुलिस के हत्थे चढ़े दिल्ली के उत्तम नगर निवासी अशोक उर्फ बिट्टू खान व हांसी के उत्तम नगर निवासी हरीश उर्फ बिट्टू से पूछताछ में एक बाद एक ठगी का राज खुल रहा है। पूछताछ मेें दोनों ने खुलासा कि वह महज इस कंपनी में वर्कर थे। दिल्ली में फर्जी कॉल सेंटर चलाया जा रहा है। जिसमें 200 के करीब युवाओं को जॉब पर रखा हुआ है। ठगी के पैसों से ही इन युवाओं की मासिक सैलरी दी जाती थी। दिल्ली के साथ ही इसकी ब्रांच नोएडा में भी बनाई हुई थी।
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जॉब पर लगे युवा बैंक डिटेल खंगाल कर करते थे लोगों के पास कॉल
इस फर्जी कंपनी में काम करने वाले युवा अपने हेड के आदेश पर ही लोगों की नेट पर बैंक डिटेल व मोबाइल नंबर हासिल कर फोन करते थे। वह फंड रिलीज कंपनी के सदस्य बता कर अलग-अलग तरीकों ने उन्हें अपने जाल में फंसाते। प्रलोभन देकर अपनी फर्जी कंपनी के अलग-अलग एकाउंट में पैसा डलावते। मोटी रकम खाते में आते ही उसे निकाल लेते।
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घर बैठे ही लाखों रुपये कमाने के नाम पर फंसे युवा
चौंकाने वाली बात यह है कि यह फेक कॉल सेंटर व फंड रिजिल कंपनी युवाओं को घर बैठे ही लाखों रुपये कमाने का झांसा देती है। कंपनी के जालसाज व्यक्ति बाकायदा दिल्ली ऑफिस बुलाकर इंटरव्यू लेने के बाद उन्हें एक माह की ट्रेनिंग देेते। उसके बाद उन्हें ठगी करने के लिए काम पर लगा दिया जाता। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन युवाओं को पता तक नहीं होता कि वह इस तरह की फर्जी कंपनी में शामिल हो गए हैं।
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बेशक धंधा ठगी का हो, सैलरी समय पर मिलती
पुलिस के हाथ लगे आरोपी अशोक व हरीश ने कहा कि इस कंपनी में काम करने वाले अधिकतर युवाओं को पता नहीं होता कि वह गलत काम कर रहे हैं। कंपनी में काम करने वाले युवाओं को हर माह समय पर सैलरी मिलती थी। कंपनी का असली मालिक या फिर जालसाज कौन है यह आज तक किसी को पता तक नहीं है।

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आरोपियों को भेज दिया है जेल
पुलिस द्वारा धोखाधड़ी मेें गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब इस गिरोह के सरगना व अन्य सदस्यों की पुलिस द्वारा तलाश की जा रही है।
-दशरथ इंचार्ज दिनोद गेट पुलिस चौकी
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