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Bhiwani News: मृत जानवरों के साथ गो रक्षा दल सदस्यों ने शहर में किया प्रदर्शन
Fri, 01 Dec 2023 11:10 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 01 Dec 2023 11:10 PM IST
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शहर के हांसी गेट क्षेत्र में मृत पशुओं के साथ प्रदर्शन करते गो रक्षा दल व अन्य जनसंगठनों के पदा
भिवानी।
गो रक्षा दल सदस्यों ने शुक्रवार को मृत लावारिस जानवरों के शवों को लेकर शहर की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी गो रक्षा दल एवं अन्य जनसंगठन नगर परिषद कार्यालय से घंटाघर और घंटाघर से हांसी गेट तक प्रदर्शन करते हुए पहुंचे। जहां से वापस नगर परिषद पहुंचने के बाद क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया।
इस दौरान नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ गो रक्षकों ने जमकर नारेबाजी की। नगर परिषद कार्यालय के बाहर 11 दिन से धरना चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान घायलों का इलाज नहीं कराने में लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की। गो रक्षा भिवानी के जिला अध्यक्ष संजय परमार ने कहा कि लावारिस घायल जानवरों के इलाज के लिए गो रक्षकों को दी गई एंबुलेंस को ठीक करवाने, 24 घंटे एंबुलेंस चालक की सुविधा, नगर परिषद की तरफ से 24 घंटे पशु चिकित्सक की सुविधा देने की मांग लेकर गो रक्षकों का धरना 21 नवंबर से और क्रमिक अनशन 23 नवंबर से जारी है। इसके बावजूद अधिकारियों व गो रक्षकों के बीच लावारिस पशुओं के इलाज को लेकर ठनी है।
उन्होंने कहा कि जब अतिरिक्त उपायुक्त को उनकी मांगों बारे अवगत करवाया गया तो एडीसी ने कहा कि फिलहाल बजट नहीं है तो गो रक्षकों की मांगों को नहीं माना जा सकता। परमार ने आरोप लगाया कि कुछ माह पहले नगर परिषद में 500 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। उन्होंने कहा कि घोटाले के नाम पर नगर परिषद के पास करोड़ों का बजट है, लेकिन लावारिस जानवरों के इलाज के लिए बजट नहीं है।
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परमार ने कहा कि गो रक्षकों के धरने को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा 24 नवंबर को हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था, जिस पर नागरिकों द्वारा फोन करने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने बाद आज तक नप द्वारा घायल जानवर संबंधी सिर्फ 10 प्रतिशत मामलों पर ही कार्रवाई हुई, जबकि 90 प्रतिशत मामले पेंडिंग पड़े है। इसी के विरोध में उन्होंने मृत कुत्ता, बिल्ली व बछड़ों को लेकर शहर में प्रदर्शन किया। इस मौके पर गो रक्षकों के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे शहीद भगत सिंह सेवा ट्रस्ट के प्रधान मोनू तालु व भिवानी व्यापार मंडल के प्रधान जेपी कौशिक ने कहा कि गो रक्षक जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन अधिकारी अपनी हठधर्मिता दिखा रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर केशव अग्रोहिया, विकास, अनिल कुमार, अंकित नंदा, दीपक भारद्वाज, भोला ठेकेदार, दिग्विजय, बिजेंद्र रक्षक, कुकी परमार, दीपक, मीनू, गांधी, परमवीर, रविंद्र डाबर, मोहन, सुल्तान सैनी, बिट्टू, तुशार, गौरव जेवली, देव खत्री, कृष्ण तोशाम, लाला तोशाम मौजूद रहे।
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गो रक्षा दल सदस्यों ने शुक्रवार को मृत लावारिस जानवरों के शवों को लेकर शहर की सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी गो रक्षा दल एवं अन्य जनसंगठन नगर परिषद कार्यालय से घंटाघर और घंटाघर से हांसी गेट तक प्रदर्शन करते हुए पहुंचे। जहां से वापस नगर परिषद पहुंचने के बाद क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में बदल दिया।
इस दौरान नगर परिषद अधिकारियों के खिलाफ गो रक्षकों ने जमकर नारेबाजी की। नगर परिषद कार्यालय के बाहर 11 दिन से धरना चल रहा है। प्रदर्शन के दौरान घायलों का इलाज नहीं कराने में लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी की। गो रक्षा भिवानी के जिला अध्यक्ष संजय परमार ने कहा कि लावारिस घायल जानवरों के इलाज के लिए गो रक्षकों को दी गई एंबुलेंस को ठीक करवाने, 24 घंटे एंबुलेंस चालक की सुविधा, नगर परिषद की तरफ से 24 घंटे पशु चिकित्सक की सुविधा देने की मांग लेकर गो रक्षकों का धरना 21 नवंबर से और क्रमिक अनशन 23 नवंबर से जारी है। इसके बावजूद अधिकारियों व गो रक्षकों के बीच लावारिस पशुओं के इलाज को लेकर ठनी है।
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उन्होंने कहा कि जब अतिरिक्त उपायुक्त को उनकी मांगों बारे अवगत करवाया गया तो एडीसी ने कहा कि फिलहाल बजट नहीं है तो गो रक्षकों की मांगों को नहीं माना जा सकता। परमार ने आरोप लगाया कि कुछ माह पहले नगर परिषद में 500 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया था। उन्होंने कहा कि घोटाले के नाम पर नगर परिषद के पास करोड़ों का बजट है, लेकिन लावारिस जानवरों के इलाज के लिए बजट नहीं है।
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परमार ने कहा कि गो रक्षकों के धरने को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा 24 नवंबर को हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया था, जिस पर नागरिकों द्वारा फोन करने पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने बाद आज तक नप द्वारा घायल जानवर संबंधी सिर्फ 10 प्रतिशत मामलों पर ही कार्रवाई हुई, जबकि 90 प्रतिशत मामले पेंडिंग पड़े है। इसी के विरोध में उन्होंने मृत कुत्ता, बिल्ली व बछड़ों को लेकर शहर में प्रदर्शन किया। इस मौके पर गो रक्षकों के प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे शहीद भगत सिंह सेवा ट्रस्ट के प्रधान मोनू तालु व भिवानी व्यापार मंडल के प्रधान जेपी कौशिक ने कहा कि गो रक्षक जायज मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन अधिकारी अपनी हठधर्मिता दिखा रहे हैं। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस अवसर पर केशव अग्रोहिया, विकास, अनिल कुमार, अंकित नंदा, दीपक भारद्वाज, भोला ठेकेदार, दिग्विजय, बिजेंद्र रक्षक, कुकी परमार, दीपक, मीनू, गांधी, परमवीर, रविंद्र डाबर, मोहन, सुल्तान सैनी, बिट्टू, तुशार, गौरव जेवली, देव खत्री, कृष्ण तोशाम, लाला तोशाम मौजूद रहे।