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चेयरमैन पर हमले के आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शहर बंद करेंगे पार्षद
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मेदांता अस्पताल में भर्ती घायल चेयरमैन रणसिंह यादव।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। भिवानी नगर परिषद चेयरमैन रणसिंह यादव व वाइस चेयरमैन मामनचंद से मारपीट मामले में नगर परिषद के पार्षद एकजुट होने लगे हैं। इसके संबंध में शनिवार को सुबह 10 बजे नगर परिषद कार्यालय में पार्षदों की मीटिंग बुलाई गई है। बैठक में फैसला लेकर एसपी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। हालांकि शुक्रवार शाम को भी कुछ पार्षद नगर परिषद कार्यालय में पहुंचे थे। वहां चर्चा करने के बाद ही शनिवार केे बैठक का फैसला लिया गया। सूत्रों के अनुसार पार्षदों ने मन बनाया है कि पुलिस को सोमवार तक का अल्टीमेटम दिया जाएगा। अगर तब तक आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शहर बंद किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बुधवार देर रात को नगर परिषद के चेयरमैन रणसिंह यादव, वाइस चेयरमैन मामनचंद व अन्य पर जानलेवा हमला हुआ था। हमले का आरोप ठेकेदार रामअवतार और उसके लोगों पर लगा है। चेयरमैन को गंभीर हालत में मेदांता अस्पताल गुरुग्राम में भर्ती कराया गया है। पुलिस चेयरमैन के स्वस्थ होने पर बयान दर्ज करेगी। वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
दूसरी ओर आरोपी ठेकेदार रामअवतार के पुत्र ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उसके पिता के खिलाफ दर्ज किए गए मामले में जांच की मांग की। पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में ठेकेदार रामअवतार के पुत्र अंकित ने बताया कि भिवानी नगर परिषद द्वारा उनके पिता से 2012-13 में गलियां, नाली इत्यादि बनाने का कार्य ठेका पर करवाया था। इस दौरान 18 जून 2018 को एक करोड़ 73 लाख रुपये का पेमेंट तो कर दिया। करीब छह करोड़ रुपये की पेमेंट भिवानी नगर परिषद की तरफ बकाया थी।
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अंकित ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन ने जानबूझकर बकाया पेमेंट रोका था। चेयरमैन उनसे 20 प्रतिशत कमीशन मांग रहे थे। उसने कहा कि हाईकोर्ट ने भी उसके पिता का भुगतान करने का आदेश दिया था, इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया। अंकित ने बताया कि उनके पिता के पास नगर परिषद की तरफ से ठेकेदारी के दस्तावेज जमा करवाने के बारे में फोन आया, जिस पर वे 18 अगस्त 2021 को नगर परिषद कार्यालय में दस्तावेज जमा करवाने भी गए थे। जिसके बाद 18 अगस्त की रात को करीब साढ़े 9 बजे नगर परिषद चेयरमैन के मोबाइल से उनके पिता के मोबाइल पर फोन आया, जिसमें कहा गया कि वे उनकी गली के बाहर कोका कोला एजेंसी के पास खड़े हैं और अपना पेमेंट ले जाइए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिसके बाद उनके पिता रामअवतार गली के बाहर पहुंचे तो तीन गाड़ियों में 15-20 लोग आए, जिनमें से एक नगर परिषद चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, नरेंद्र एमसी, सुरेंद्र ठेकेदार थे। उन्होंने उनके पिता पर हमला कर दिया और पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपियों में किसी किसी ने हवाई फायर किया, जिसकी आवाज सुनकर आसपड़ोस के लोग आ गए। भीड़ को देखते हुए आरोपी मौके पर फरार हो गए। अंकित ने आरोप लगाया कि पुलिस को सारी कार्रवाई से अवगत करवाने के बाद भी पुलिस आरोपियों के साथ मिलकर उन पर ही झूठा मुकदमा दर्ज करना चाहती है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर सीसीटीवी भी है, जिस पर सारी कार्रवाई रिकॉर्ड भी है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस घटना के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करके मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले हैं
सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप शर्मा ने कहा कि चेयरमैन और अन्य पर हमले के आरोपी राम अवतार ठेकेदार की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक उन्हें कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली है। अगर दूसरे पक्ष से शिकायत आती है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जाएगी।
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उल्लेखनीय है कि बुधवार देर रात को नगर परिषद के चेयरमैन रणसिंह यादव, वाइस चेयरमैन मामनचंद व अन्य पर जानलेवा हमला हुआ था। हमले का आरोप ठेकेदार रामअवतार और उसके लोगों पर लगा है। चेयरमैन को गंभीर हालत में मेदांता अस्पताल गुरुग्राम में भर्ती कराया गया है। पुलिस चेयरमैन के स्वस्थ होने पर बयान दर्ज करेगी। वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपी ठेकेदार की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
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दूसरी ओर आरोपी ठेकेदार रामअवतार के पुत्र ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर उसके पिता के खिलाफ दर्ज किए गए मामले में जांच की मांग की। पुलिस अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन में ठेकेदार रामअवतार के पुत्र अंकित ने बताया कि भिवानी नगर परिषद द्वारा उनके पिता से 2012-13 में गलियां, नाली इत्यादि बनाने का कार्य ठेका पर करवाया था। इस दौरान 18 जून 2018 को एक करोड़ 73 लाख रुपये का पेमेंट तो कर दिया। करीब छह करोड़ रुपये की पेमेंट भिवानी नगर परिषद की तरफ बकाया थी।
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अंकित ने आरोप लगाया कि नगर परिषद के चेयरमैन व वाइस चेयरमैन ने जानबूझकर बकाया पेमेंट रोका था। चेयरमैन उनसे 20 प्रतिशत कमीशन मांग रहे थे। उसने कहा कि हाईकोर्ट ने भी उसके पिता का भुगतान करने का आदेश दिया था, इसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया। अंकित ने बताया कि उनके पिता के पास नगर परिषद की तरफ से ठेकेदारी के दस्तावेज जमा करवाने के बारे में फोन आया, जिस पर वे 18 अगस्त 2021 को नगर परिषद कार्यालय में दस्तावेज जमा करवाने भी गए थे। जिसके बाद 18 अगस्त की रात को करीब साढ़े 9 बजे नगर परिषद चेयरमैन के मोबाइल से उनके पिता के मोबाइल पर फोन आया, जिसमें कहा गया कि वे उनकी गली के बाहर कोका कोला एजेंसी के पास खड़े हैं और अपना पेमेंट ले जाइए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिसके बाद उनके पिता रामअवतार गली के बाहर पहुंचे तो तीन गाड़ियों में 15-20 लोग आए, जिनमें से एक नगर परिषद चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, नरेंद्र एमसी, सुरेंद्र ठेकेदार थे। उन्होंने उनके पिता पर हमला कर दिया और पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद आरोपियों में किसी किसी ने हवाई फायर किया, जिसकी आवाज सुनकर आसपड़ोस के लोग आ गए। भीड़ को देखते हुए आरोपी मौके पर फरार हो गए। अंकित ने आरोप लगाया कि पुलिस को सारी कार्रवाई से अवगत करवाने के बाद भी पुलिस आरोपियों के साथ मिलकर उन पर ही झूठा मुकदमा दर्ज करना चाहती है। उन्होंने कहा कि घटनास्थल पर सीसीटीवी भी है, जिस पर सारी कार्रवाई रिकॉर्ड भी है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से इस घटना के दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करके मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की।
सीसीटीवी फुटेज नहीं मिले हैं
सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर संदीप शर्मा ने कहा कि चेयरमैन और अन्य पर हमले के आरोपी राम अवतार ठेकेदार की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी तक उन्हें कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिली है। अगर दूसरे पक्ष से शिकायत आती है तो उसकी भी निष्पक्ष जांच की जाएगी।