{"_id":"5e763b848ebc3e6fca0050de","slug":"corona-affected-textile-industry-bhiwani-news-rtk547896219","type":"story","status":"publish","title_hn":"संशोधित: भिवानी कपड़ा उद्योग पर कोरोना वायरस की मार, बंद हुआ निर्यात, नहीं आ रहा कच्चा माल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संशोधित: भिवानी कपड़ा उद्योग पर कोरोना वायरस की मार, बंद हुआ निर्यात, नहीं आ रहा कच्चा माल
विज्ञापन
भिवानी। देश में कोरोना वायरस महामारी घोषित होने के बाद इसकी मार भिवानी के औद्योगिक सेक्टर पर भी पड़ी है। तैयार माल का निर्यात बंद होने से भिवानी का कपड़ा उद्योग भी लगभग ठप हो गया है। होली पर अपने घर छुट्टी गए मजदूर भी कोरोना वायरस के फेर में नहीं लौटे। भिवानी औद्योगिक सेक्टर 21 व 26 में करीब 26 कपड़ा औद्योगिक इकाइयां हैं। इसके अलावा भी भिवानी से पुराना कपड़ा उद्योग विदेशों तक माल का निर्यात करता रहा है। भिवानी के कपड़ा उद्योग का केंद्र दिल्ली हैं। कोरोना वायरस की वजह से दिल्ली से भिवानी का संपर्क लगातार टूटता जा रहा है। यहीं वजह है कि भिवानी का कपड़ा उद्योग भी संकट में आ गया है। भिवानी से तैयार नॉन फैब्रिक समेत कई रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुएं तैयार होती हैं, जिनका निर्यात चीन सहित कई अन्य देशों में भी होता था। वहीं कच्चा माल भी दिल्ली से भिवानी आता है। कच्चे माल की तो कोई दिक्कत नहीं लेकिन तैयार माल को कोई खरीदने को तैयार नहीं है।
पैसा भी फंसा, तैयार माल पर भी मंडरा रहा संकट
भिवानी कपड़ा उद्योग कारोबार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि देश में बने बुरे हालातों से उनका पैसा भी फंस गया है। क्योंकि आगे माल निर्यात नहीं होने से पार्टियां उनका भुगतान भी रोके हुए हैं। जबकि तैयार पड़े माल पर भी संकट मंडरा रहा है। यही वजह है कि अब भिवानी में कपड़ा उद्योग माल तैयार भी नहीं कर अपने उद्योग बंद करने में ही बेहतरी समझ रहे हैं।
कपड़ा उद्योग लगभग ठप है। चाइना से माल निर्यात व आयात नहीं हो रहा है। भिवानी की सेंट्रल मंडी दिल्ली में भी डिमांड नहीं है। कपड़ा उद्योग चलाने के लिए मशीनें भी बाहर से नहीं आ रही हैं। जबकि लेबर भी छुट्टी पर गई हुई है। ऐसे हालात में उनके लिए कपड़ा उद्योग चला पाना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
- शैलेंद्र जैन, अध्यक्ष जिला भिवानी उद्योग संघ।
पूरे देश में महामारी को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में भिवानी के सभी कारोबारियों पर इसका बुरा असर पड़ा है। कई उद्योगों में तो श्रमिक भी छुट्टी पर गए हुए हैं। होम कर्फ्यू का भी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पीएम मोदी का पूरा समर्थन करती है। जब कि हालात सामान्य नहीं होते तब तक व्यापारियों को राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
-धर्मबीर नेहरा, प्रधान, भिवानी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।
विज्ञापन
पैसा भी फंसा, तैयार माल पर भी मंडरा रहा संकट
भिवानी कपड़ा उद्योग कारोबार से जुड़े कारोबारियों का कहना है कि देश में बने बुरे हालातों से उनका पैसा भी फंस गया है। क्योंकि आगे माल निर्यात नहीं होने से पार्टियां उनका भुगतान भी रोके हुए हैं। जबकि तैयार पड़े माल पर भी संकट मंडरा रहा है। यही वजह है कि अब भिवानी में कपड़ा उद्योग माल तैयार भी नहीं कर अपने उद्योग बंद करने में ही बेहतरी समझ रहे हैं।
विज्ञापन
कपड़ा उद्योग लगभग ठप है। चाइना से माल निर्यात व आयात नहीं हो रहा है। भिवानी की सेंट्रल मंडी दिल्ली में भी डिमांड नहीं है। कपड़ा उद्योग चलाने के लिए मशीनें भी बाहर से नहीं आ रही हैं। जबकि लेबर भी छुट्टी पर गई हुई है। ऐसे हालात में उनके लिए कपड़ा उद्योग चला पाना भी मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
- शैलेंद्र जैन, अध्यक्ष जिला भिवानी उद्योग संघ।
पूरे देश में महामारी को लेकर हालात बिगड़ते जा रहे हैं। ऐसे में भिवानी के सभी कारोबारियों पर इसका बुरा असर पड़ा है। कई उद्योगों में तो श्रमिक भी छुट्टी पर गए हुए हैं। होम कर्फ्यू का भी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन पीएम मोदी का पूरा समर्थन करती है। जब कि हालात सामान्य नहीं होते तब तक व्यापारियों को राहत मिलने की कोई उम्मीद नहीं है।
-धर्मबीर नेहरा, प्रधान, भिवानी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।