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नवजात की मौत पर अस्पताल में हंगामा
ब्यूरो/ अमर उजाला, भिवानी
Updated Sun, 21 Dec 2014 12:15 AM IST
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दिनोद गेट स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में बच्चे की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों ने चिकित्सक पर जांच के लिए नहीं आने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। हंगामा बढ़ता देख पुलिस को बुलाया गया। परिजनों ने करीब दो घंटे तक अस्पताल के बाहर रोष जताया। बाद में कोर्ट कार्रवाई करने की बात कही।
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कोहाड़ वासी दुकानदार मोनू की पत्नी गीता ने शुक्रवार सुबह करीब पौने चार बजे पीएचसी ढाणीमाहू में लड़के को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद परिजन बच्चे को दिनोद गेट स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर आए। शनिवार सुबह करीब साढे़ छह बजे उपचार के दौरान बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने बार-बार फोन करने के बाद भी चिकित्सक के नहीं आने का आरोप लगाया।
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मृतक के पिता मोनू ने बताया कि उसकी पत्नी गीता पीजीआई में नर्स है। पीएचसी ढाणीमाहू में सामान्य डिलीवरी हुई। डिलीवरी के समय कुछ कचरा बच्चे के मुंह में चला गया था। जिस कारण एहतियात के तौर पर वे बच्चे को यहां प्राइवेट अस्पताल लेकर आए। बच्चा पूरी तरह फिट था। रात करीब 10 बजे अचानक बच्चे की तबीयत बिगड़ी। उस समय चिकित्सक आए और बच्चे को मशीन पर रखा।
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सुबह चार बजे बच्चे की तबीयत ज्यादा खराब हुई। उसके बाद चिकित्सक का नंबर मिलाते रहे। स्टाफ कर्मचारियों ने भी फोन मिलाया मगर चिकित्सक नहीं आए। इलाज नहीं मिलने के कारण सुबह करीब साढे़ छह बजे बच्चे ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि चिकित्सक अगर समय पर आ जाता तो बच्चे की जिंदगी बच जाती है। बच्चे के परिजनों ने अस्पताल के बाहर एकत्रित होकर रोष जताया। परिजनों ने पुलिस केस करने और कोर्ट केस करने की भी चेतावनी दी।
एक दिन बाद ही मातम में बदली खुशियां
शुक्रवार अल सुबह मोनू की पत्नी गीता ने बेटे को जन्म दिया। परिवार में खुशी का माहौल था। शुक्रवार को दिनभर बधाइयों का दौर जारी रहा। शनिवार सुबह जैसे ही बच्चे की मौत की सूचना घर पहुंची परिवार में मातम छा गया। मोनू ने बताया कि यह उनका पहला बच्चा था और घर में खुशी का माहौल था। मगर डॉक्टर ने उनसे उनका बच्चा, परिवार की खुशियां छीन ली। ऐसे चिकित्सक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि उक्त चिकित्सक भविष्य में ऐसा किसी के साथ न कर सके।