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Bhiwani News: शीतलहर पड़ रही स्वास्थ्य पर भारी, ओपीडी में रोजाना पहुंच रहे निमोनिया ग्रस्त 70 बच्चे
Thu, 19 Dec 2024 10:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 19 Dec 2024 10:47 PM IST
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नागरिक अस्पताल में चिकित्सक कक्ष के बाहर खड़े मरीज।
भिवानी। शीत लहर से ठिठुरन बढ़ गई है। मौसम में अचानक आए बदलाव से जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी 400 तक पहुंच गई है। वहीं इसमें निमोनिया ग्रस्त 70 बच्चे पहुंच रहे हैं। वीरवार को अधिकतम तापमान 19 तो न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री दर्ज किया गया।
वहीं सब्जी उत्पादकों के माथे पर भी शिकन आ गई है। क्योंकि रात के समय सूखी ठंड की वजह से सब्जियों को पाला मारने का डर बना है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अभी तक सब्जी व बागवानी करने वाले किसानों को कोई नुकसान नहीं है। लेकिन लंबे अर्से तक बारिश नहीं होती है तो फिर नुकसान की संभावना है।
भिवानी जिले में 16 हजार एकड़ भूमि पर किसान सब्जी और बागवानी कर फल व सब्जियों का उत्पादन ले रहे हैं। जबकि साढ़े सात लाख एकड़ भूमि पर रबी सीजन की फसल बिजाई किसानों द्वारा की जा चुकी है। सप्ताहभर से अधिकतम तापमान में भी काफी गिरावट आ रही है जबकि न्यूनतम तापमान से भी खेतों में पाला जमने लगा है।
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ऐसा मौसम गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। शीतलहर से मौसम में ठिठुरन भी बढ़ी है। इसकी वजह से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। फसलों को मौसम के प्रभाव से बचाने के लिए भी कृषि विशेषज्ञ किसानों को कुछ उपाय सुझा रहे हैं।
फिलहाल मौसम से पौधों की बढ़वार पर पड़ सकता है असर
कृषि विज्ञान केंद्र के बागवानी विस्तार विशेषज्ञ डॉ. मुरारीलाल ने बताया कि इस समय मौसम को देखते हुए पौधों की बढ़वार बहुत कम हो सकती है। ऐसे मौसम में किसानों को अपनी फसलों की थोड़े-थोड़े अंतराल में हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए। इसी साल जुलाई से अक्तूबर में जो नए बाग लगे हैं। उनमें किसान दक्षिण की तरफ मुंह कर पौधों पर झोपड़ी बनाएं, ताकि उन्हें पाला से बचाया जा सके। नर्सरी में भी लोटनल का इस्तेमाल करें।
दिन में सिर्फ तीन से चार घंटे ही निकल रही धूप
शीतलहर और मौसम बदलाव की वजह से सप्ताहभर से दिन के समय करीब तीन से चार घंटे ही धूप के दर्शन हो रहे हैं। ऐसे मौसम में तेज धूप नहीं निकल रही है। हल्की धूप से हवा में ठिठुरन बढ़ रही है और रात के समय तापमान भी जमाव बिंदु की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर लोगों की सेहत और फसलों पर भी पड़ रहा है।
बाल रोग ओपीडी में निमोनिया के रोगी बढ़े
जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में 70 मरीज निमोनिया के पहुंच रहे हैं। वहीं नीकू वार्ड में पीलिया से ग्रस्त 15 बच्चे दाखिल है। सामान्य ओपीडी की बात करें तो दमा, अस्थमा व खांसी, जुकाम के मरीज आ रहे हैं। प्रतिदिन जिला नागरिक अस्पताल में बनी विभिन्न ओपीडी में हजारों मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन अधिकतर मरीज सर्दी से संबंधित बीमारियों से पीड़ित हैं। नागरिक अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की मानें तो सर्दी के मौसम में लोगों को परहेज करने की जरूरत है। सर्दी के साथ एक्यूआई के बढ़ने से आंखों में जलन, आंखों में नमी के मरीज भी आ रहे हैं। वहीं खाने पीने का भी ध्यान रखना जरूरी है। सर्दी के मौसम में लोगों को उचित खानपान की जरूरत होती है।
ये रखें सावधानी
- सुबह शाम सैर करने से परहेज करें।
- सर्दी में खान पान का विशेष ध्यान रखें।
- आंखों पर चश्मा लगा कर बाहर निकलें।
- बिस्तर को सीधा नहीं छोड़ें।
- बच्चों को सर्दी में नहीं घूमने दें।
- बुजुर्गों को सुबह शाम घर के अंदर रहना चाहिए।
ये रहा सप्ताहभर औसतन तापमान
दिनांक अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
19 दिसंबर 19.0 3.5
18 दिसंबर 20.7 5.3
17 दिसंबर 20.3 3.9
16 दिसंबर 21.6 4.1
15 दिसंबर 21.6 4.1
14 दिसंबर 21.5 4.6
फिलहाल बागवानी कर रहे किसानों को कोई नुकसान नहीं है। जल्द बारिश नहीं होती है तो फिर सब्जी उत्पादकों को दिक्कत आ सकती है, क्योंकि आलू और टमाटर की फसल ज्यादा ठंड में झुलस सकती हैं। फिलहाल किसानों को भी उपाय सुझाए जा रहे हैं, जिनका प्रयोग कर वे अपनी फसलों को मौसम के प्रभाव से बचा सकते हैं।
- डॉ. देवीलाल, जिला बागवानी विशेषज्ञ, भिवानी।
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वहीं सब्जी उत्पादकों के माथे पर भी शिकन आ गई है। क्योंकि रात के समय सूखी ठंड की वजह से सब्जियों को पाला मारने का डर बना है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि अभी तक सब्जी व बागवानी करने वाले किसानों को कोई नुकसान नहीं है। लेकिन लंबे अर्से तक बारिश नहीं होती है तो फिर नुकसान की संभावना है।
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भिवानी जिले में 16 हजार एकड़ भूमि पर किसान सब्जी और बागवानी कर फल व सब्जियों का उत्पादन ले रहे हैं। जबकि साढ़े सात लाख एकड़ भूमि पर रबी सीजन की फसल बिजाई किसानों द्वारा की जा चुकी है। सप्ताहभर से अधिकतम तापमान में भी काफी गिरावट आ रही है जबकि न्यूनतम तापमान से भी खेतों में पाला जमने लगा है।
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ऐसा मौसम गेहूं को छोड़कर अन्य फसलों के लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है। शीतलहर से मौसम में ठिठुरन भी बढ़ी है। इसकी वजह से छोटे बच्चों और बुजुर्गों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। फसलों को मौसम के प्रभाव से बचाने के लिए भी कृषि विशेषज्ञ किसानों को कुछ उपाय सुझा रहे हैं।
फिलहाल मौसम से पौधों की बढ़वार पर पड़ सकता है असर
कृषि विज्ञान केंद्र के बागवानी विस्तार विशेषज्ञ डॉ. मुरारीलाल ने बताया कि इस समय मौसम को देखते हुए पौधों की बढ़वार बहुत कम हो सकती है। ऐसे मौसम में किसानों को अपनी फसलों की थोड़े-थोड़े अंतराल में हल्की सिंचाई करते रहना चाहिए। इसी साल जुलाई से अक्तूबर में जो नए बाग लगे हैं। उनमें किसान दक्षिण की तरफ मुंह कर पौधों पर झोपड़ी बनाएं, ताकि उन्हें पाला से बचाया जा सके। नर्सरी में भी लोटनल का इस्तेमाल करें।
दिन में सिर्फ तीन से चार घंटे ही निकल रही धूप
शीतलहर और मौसम बदलाव की वजह से सप्ताहभर से दिन के समय करीब तीन से चार घंटे ही धूप के दर्शन हो रहे हैं। ऐसे मौसम में तेज धूप नहीं निकल रही है। हल्की धूप से हवा में ठिठुरन बढ़ रही है और रात के समय तापमान भी जमाव बिंदु की ओर बढ़ रहा है। इसका सीधा असर लोगों की सेहत और फसलों पर भी पड़ रहा है।
बाल रोग ओपीडी में निमोनिया के रोगी बढ़े
जिला नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में 70 मरीज निमोनिया के पहुंच रहे हैं। वहीं नीकू वार्ड में पीलिया से ग्रस्त 15 बच्चे दाखिल है। सामान्य ओपीडी की बात करें तो दमा, अस्थमा व खांसी, जुकाम के मरीज आ रहे हैं। प्रतिदिन जिला नागरिक अस्पताल में बनी विभिन्न ओपीडी में हजारों मरीज पहुंच रहे हैं। लेकिन अधिकतर मरीज सर्दी से संबंधित बीमारियों से पीड़ित हैं। नागरिक अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों की मानें तो सर्दी के मौसम में लोगों को परहेज करने की जरूरत है। सर्दी के साथ एक्यूआई के बढ़ने से आंखों में जलन, आंखों में नमी के मरीज भी आ रहे हैं। वहीं खाने पीने का भी ध्यान रखना जरूरी है। सर्दी के मौसम में लोगों को उचित खानपान की जरूरत होती है।
ये रखें सावधानी
- सुबह शाम सैर करने से परहेज करें।
- सर्दी में खान पान का विशेष ध्यान रखें।
- आंखों पर चश्मा लगा कर बाहर निकलें।
- बिस्तर को सीधा नहीं छोड़ें।
- बच्चों को सर्दी में नहीं घूमने दें।
- बुजुर्गों को सुबह शाम घर के अंदर रहना चाहिए।
ये रहा सप्ताहभर औसतन तापमान
दिनांक अधिकतम तापमान न्यूनतम तापमान
19 दिसंबर 19.0 3.5
18 दिसंबर 20.7 5.3
17 दिसंबर 20.3 3.9
16 दिसंबर 21.6 4.1
15 दिसंबर 21.6 4.1
14 दिसंबर 21.5 4.6
फिलहाल बागवानी कर रहे किसानों को कोई नुकसान नहीं है। जल्द बारिश नहीं होती है तो फिर सब्जी उत्पादकों को दिक्कत आ सकती है, क्योंकि आलू और टमाटर की फसल ज्यादा ठंड में झुलस सकती हैं। फिलहाल किसानों को भी उपाय सुझाए जा रहे हैं, जिनका प्रयोग कर वे अपनी फसलों को मौसम के प्रभाव से बचा सकते हैं।
- डॉ. देवीलाल, जिला बागवानी विशेषज्ञ, भिवानी।