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Bhiwani News: तीन साल से कंडम घोषित हुए जर्जर भवन में लग रही नर्सिंग छात्राओं की क्लास

Thu, 13 Jul 2023 10:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 13 Jul 2023 10:55 PM IST
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Classes of nursing girl students are being held in dilapidated building declared condom for three years
समस्या को लेकर नारेबाजी लगाकर रोष जताती नर्सिंग स्कूल की छात्राएं। 
भिवानी। पिछले तीन साल से नर्सिंग छात्राओं का ट्रेनिंग स्कूल कंडम भवन में चल रहा है। ये भवन कभी भी बड़े हादसे की वजह बन चुका है, क्योंकि जर्जर हो चुके भवन की दीवारों में बारिश के दौरान बिजली का करंट दौड़ रहा है। वहीं मुख्य रास्ते पर भी बारिश से जलभराव हो गया है।
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वीरवार को नर्सिंग स्कूल की एएनएम और जीएनएम छात्राओं ने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया। छात्राओं का गुस्सा फुटा तो पहले नर्सिंग स्कूल के बाहर नारेबाजी की फिर प्रशासनिक अधिकारियों को मामले की शिकायत दी। छात्राएं ने कहा कि अगर उनकी जान गई तो कौन जिम्मेदार होगा?
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भिवानी का नर्सिंग स्कूल छात्रावास का भवन करीब 40 साल से अधिक पुराना हो चुका है। फरवरी 2020 में पीडब्ल्यूडी विभाग के अधिकारियों ने इसकी हालत देखने के बाद अधिकारिक रूप से इसे कंडम घोषित कर दिया था। इसे नर्सिंग छात्रा स्कूल संचालन के लिए भी अनसेफ भवन के दायरे में रिपोर्ट अधिकारियों ने सौंप दी थी। मगर इसके बावजूद लगातार तीन साल से कंडम घोषित हो चुके नर्सिंग छात्रावास में ही एएनएम और जीएनएम छात्राओं की कक्षाएं लग रही हैं। वहीं इसी भवन में छात्राएं रहती भी हैं।
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नर्सिंग छात्राओं का आरोप है कि बारिश के दौरान दीवारों में सीलन बनी है। जिस कारण यहां दीवारों में भी करंट दौड़ रहा है। छतों से भी मलबा टूटकर गिर रहा है। इससे कई छात्राएं चोटिल हो चुकी हैं। छात्राओं ने बताया कि पास में ही मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग बन रही है। इस कारण यहां रोजाना भारी वाहनों का आना जाना लगा रहता है। जिस कारण धूल मिट्टी उड़ती है और बारिश के बाद तो यहां कीचड़ फैला हुआ है। मुख्य गेट पर बारिश के कारण जलभराव हो गया है। इससे आने जाने का रास्ता तक नहीं बचा है।
छात्राओं का कहना है कि बारिश के बाद यहां मच्छर और जहरीले जीवों का भी डेरा हो गया है। जिस कारण स्वास्थ्य विभाग में ट्रेनिंग लेने वाली ये छात्राएं दूसरों की सेहत सुधारे की बजाए खुद की सेहत बीमार होने के डर से भयभीत हैं। छात्राओं का कहना है कि सीवर भी ठप पड़े हैं, जिसकी वजह से यहां के हालात और भी बुरे हो गए हैं। गंदे पानी की निकासी नहीं होने से बीमारियों का संक्रमण और साफ सफाई रख पाना भी मुश्किल है। बेहद ही गंदे और जान जोखिम भरे माहौल में ट्रेनिंग लेने के साथ यहां रहने परम मजबूर हैं।




नर्सिंग स्कूल को बार रूम में स्थानांतरण से भी किया इंकार

नर्सिंग स्कूल की प्राचार्य उषा शर्मा का कहना है कि नर्सिंग स्कूल के भवन कंडम है, फिर भी तीन साल से यहां कक्षाएं लग रही हैं। ट्रेनिंग स्कूल को वार रूम में शिफ्ट किए जाने के लिए भी अनुरोध किया जा चुका है, मगर अधिकारी कोविड का हवाला देकर वहां भी शिफ्ट कर रहे हैं। वार रूम में फिलहाल कोई गतिविधि नहीं चल रही है, वहां 16 कमरे भी हैं। अन्य जगह पर भी नर्सिंग छात्राओं के स्कूल को स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में पीएमओ, सीएमओ से लेकर स्वास्थ्य निदेशक और जिला प्रशासन के अधिकारियों तक गुहार लगा चुके हैं। मगर कोई सुनवाई नहीं कर रहा है।
नर्सिंग छात्रावास हमारे अधीन नहीं हैं। ये चंडीगढ़ डीएमईआर के तहत आता है। इस बारे में मुझे ज्यादा जानकारी नहीं है।
-डॉ. एडमिन, कार्यवाहक, सिविल सर्जन, भिवानी।
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