{"_id":"6019a8068ebc3e36e3000db1","slug":"civic-bhiwani-news-rtk5935689126","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर को मिला ओडीएफ प्लस का दर्जा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर को मिला ओडीएफ प्लस का दर्जा
विज्ञापन
सफाई के दौरान नेहरू पार्क। संवाद
- फोटो : Bhiwani
केंद्रीय सर्वेक्षण में शहर के शौचालय साफ-सुथरे मिले है। शहर वासी भी शौचालयों के प्रयोग को प्राथमिकता देते है। बेहतर सफाई और लोगों की सोच ने भिवानी शहर को ओडीएफ प्लस का दर्जा दिला दिया है। ओडीएफ प्लस का दर्जा मिलने का फायदा स्वच्छता सर्वे में भी मिलेगा। अब स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर रैंक के लिए शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर करने की जरूरत है। इसी माह के अंत में या अगले माह के शुरूआत में स्वच्छता सर्वे के लिए केंद्रीय टीम शहर का निरीक्षण कर सकती है।
स्वच्छता रैंकिंग में भिवानी लगातार सुधार कर रहा है। शहर के टॉयलेट की स्थिति जांचने के लिए केंद्रीय टीम ने बिना किसी को सूचित किए 12-13 जनवरी को शहर का निरीक्षण किया था। टीम ने शहर की करीब 28 कॉलोनियों, क्षेत्रों का निरीक्षण किया। पांच सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया। जिनमें तीन बेहतर मिले। इनमें बिचला बाजार वाला शौचालय और क्राउन प्लाजा के शौचालय को सफाई के मामले में बेस्ट चुना गया। इनके अलावा हलवासिया मॉल, कृष्णा कॉलोनी और बस स्टैंड के शौचालय भी साफ मिले। जिसके आधार पर अब भिवानी को ओडीएफ प्लस का सर्टिफिकेट दिया गया है।
स्वच्छता रैंकिंग में लगातार सुधारवर्ष 2017 में पिछडऩे के बाद से स्वच्छता के मामले में भिवानी लगातार सुधार की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2017 में हुए पहले स्वच्छता सर्वे में भिवानी 345वें स्थान पर था। सबसे गंदे शहरों में शूमार था। मगर उसके बाद से लगातार सुधार जारी है। वर्ष 2020 के सर्वें में तो 66रैंकिंग की छलांग लगाई है। यानी 232 से सीधे 166वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले वर्ष 2018 में 105 रैंकिंग की छलांग लगाई थी, जब 345 से सीधे 240वें स्थान पर पहुंचा था। वर्ष 2019 में आठवें से 13वें स्थान पर खिसकने वाले भिवानी शहर ने 2020 में दो अंक के सुधार के साथ 11वां स्थान हासिल किया।
विज्ञापन
रैंकिंग में सुधार मगर व्यवस्था बिगड़ी स्वच्छता
पिछले तीन साल की बात करें तो रैकिंग में भले ही बड़ा सुधार हुआ हो मगर शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी है। इसका कारण है नप में सफाई कर्मियों की कमी और सफाई का ठेका नहीं होना। मुख्यालय की ओर से रोक के बाद आधे शहर की सफाई का ठेका खत्म होने के बाद दोबारा नहीं हुआ। नप के कर्मचारी लगातार सेवानिवृतत हो रहे है और नई भर्ती नहीं हो रही। ऐसे में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। शहर के पॉश क्षेत्र कहे जाने वाले सेक्टर 13, 23, मंडी टाउनशिप, विकास नगर, विजय नगर में ही कचरे के ढेर लगे है। बाकी जगह भी हालत खराब है। दिनोद रोड क्षेत्र के लोगों ने दो दिन पहले तो गंदगी से परेशान होकर नारेबाजी कर रोष भी जताया था। शहर की आउटर कॉलोनियों में हालात ज्यादा खराब है।
शहर को साफ-सुथरा रखने और बेहतर रैंक के लिए ये करने होंगे प्रयास
शहर का ऑनलाइन सर्वे चल रहा है, जिसमें आमजन अपने शहर के बारे में फीडबैक दे सकते है। बेहतर रैंकिंग के लिए नगर परिषद ने शहर के विभिन्न स्थानों, पार्कों में स्टील के डस्टबीन रखवाए है। वहीं कचरे का उठान भी हर रोज हो, इसके लिए प्रयाए किए जा रहे है। डोर-टू डोर कचरा कॉलेक्शन के लिए टीपर ऑटो लगाए गए है। यहां लोगों को भी जागरूक होना होगा और कचरा इधर-उधर फेंकने की बजाए निर्धारित डंप प्वाइंट, डस्टबीन या नप के टीपर ऑटो आने पर उसी में डालने चाहिए। अपने आसपास सफाई व्यवस्था रखनी चाहिए।
अब तक रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग
2017 345
2018 240
2019 232
2020 166
केंद्रीय टीम ने जनवरी माह में शहर के शौचालयों की व्यवस्था का जायजा लिया था। जिसके आधार पर शहर को ओडीएफ प्लस का सर्टिफिकेट मिला है। यह सभी के प्रयास से संभव हुआ है। सभी को साफ-सफाई के प्रति जागरूक होना चाहिए। इससे बीमारियां भी नहीं फैलेंगी और शहर भी साफ-सुथरा रहेगा। नगर परिषद भी शहर को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर रैंक दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
संजय यादव, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद
विज्ञापन
स्वच्छता रैंकिंग में भिवानी लगातार सुधार कर रहा है। शहर के टॉयलेट की स्थिति जांचने के लिए केंद्रीय टीम ने बिना किसी को सूचित किए 12-13 जनवरी को शहर का निरीक्षण किया था। टीम ने शहर की करीब 28 कॉलोनियों, क्षेत्रों का निरीक्षण किया। पांच सार्वजनिक शौचालयों का निरीक्षण किया। जिनमें तीन बेहतर मिले। इनमें बिचला बाजार वाला शौचालय और क्राउन प्लाजा के शौचालय को सफाई के मामले में बेस्ट चुना गया। इनके अलावा हलवासिया मॉल, कृष्णा कॉलोनी और बस स्टैंड के शौचालय भी साफ मिले। जिसके आधार पर अब भिवानी को ओडीएफ प्लस का सर्टिफिकेट दिया गया है।
विज्ञापन
स्वच्छता रैंकिंग में लगातार सुधारवर्ष 2017 में पिछडऩे के बाद से स्वच्छता के मामले में भिवानी लगातार सुधार की ओर बढ़ रहा है। वर्ष 2017 में हुए पहले स्वच्छता सर्वे में भिवानी 345वें स्थान पर था। सबसे गंदे शहरों में शूमार था। मगर उसके बाद से लगातार सुधार जारी है। वर्ष 2020 के सर्वें में तो 66रैंकिंग की छलांग लगाई है। यानी 232 से सीधे 166वें स्थान पर पहुंच गया है। इससे पहले वर्ष 2018 में 105 रैंकिंग की छलांग लगाई थी, जब 345 से सीधे 240वें स्थान पर पहुंचा था। वर्ष 2019 में आठवें से 13वें स्थान पर खिसकने वाले भिवानी शहर ने 2020 में दो अंक के सुधार के साथ 11वां स्थान हासिल किया।
विज्ञापन
रैंकिंग में सुधार मगर व्यवस्था बिगड़ी स्वच्छता
पिछले तीन साल की बात करें तो रैकिंग में भले ही बड़ा सुधार हुआ हो मगर शहर की सफाई व्यवस्था बिगड़ी है। इसका कारण है नप में सफाई कर्मियों की कमी और सफाई का ठेका नहीं होना। मुख्यालय की ओर से रोक के बाद आधे शहर की सफाई का ठेका खत्म होने के बाद दोबारा नहीं हुआ। नप के कर्मचारी लगातार सेवानिवृतत हो रहे है और नई भर्ती नहीं हो रही। ऐसे में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। शहर के पॉश क्षेत्र कहे जाने वाले सेक्टर 13, 23, मंडी टाउनशिप, विकास नगर, विजय नगर में ही कचरे के ढेर लगे है। बाकी जगह भी हालत खराब है। दिनोद रोड क्षेत्र के लोगों ने दो दिन पहले तो गंदगी से परेशान होकर नारेबाजी कर रोष भी जताया था। शहर की आउटर कॉलोनियों में हालात ज्यादा खराब है।
शहर को साफ-सुथरा रखने और बेहतर रैंक के लिए ये करने होंगे प्रयास
शहर का ऑनलाइन सर्वे चल रहा है, जिसमें आमजन अपने शहर के बारे में फीडबैक दे सकते है। बेहतर रैंकिंग के लिए नगर परिषद ने शहर के विभिन्न स्थानों, पार्कों में स्टील के डस्टबीन रखवाए है। वहीं कचरे का उठान भी हर रोज हो, इसके लिए प्रयाए किए जा रहे है। डोर-टू डोर कचरा कॉलेक्शन के लिए टीपर ऑटो लगाए गए है। यहां लोगों को भी जागरूक होना होगा और कचरा इधर-उधर फेंकने की बजाए निर्धारित डंप प्वाइंट, डस्टबीन या नप के टीपर ऑटो आने पर उसी में डालने चाहिए। अपने आसपास सफाई व्यवस्था रखनी चाहिए।
अब तक रैंकिंग
वर्ष रैंकिंग
2017 345
2018 240
2019 232
2020 166
केंद्रीय टीम ने जनवरी माह में शहर के शौचालयों की व्यवस्था का जायजा लिया था। जिसके आधार पर शहर को ओडीएफ प्लस का सर्टिफिकेट मिला है। यह सभी के प्रयास से संभव हुआ है। सभी को साफ-सफाई के प्रति जागरूक होना चाहिए। इससे बीमारियां भी नहीं फैलेंगी और शहर भी साफ-सुथरा रहेगा। नगर परिषद भी शहर को स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर रैंक दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
संजय यादव, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद