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हैलो, मैं डॉक्टर अग्रवाल के यहां से बोल रहा हूं, डॉक्टर साहब ने दो सोने के सिक्के मंगवाए हैं
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16 फोटो घटना की जानकारी देते हुए वर्धमान ज्वलर्स के मालिक सचिन जैन।
- फोटो : Bhiwani
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हैलो, मैं डॉक्टर अग्रवाल के यहां से बोल रहा हूं, डॉक्टर साहब ने दो सोने के सिक्के मंगवाए हैं, जल्दी अस्पताल में भेज दो। कुछ इसी तरह फोन पर ऑर्डर देकर डिलीवरी ब्वॉय से दो सोने के सिक्के लेकर ठग चंपत हो गया। बाद में जब ठगी की भनक ज्वेलर्स शोरूम संचालक को लगी तो उसने अस्पताल पहुंचकर इसकी पड़ताल की, मगर डॉक्टर ने इस तरह का कोई भी ऑर्डर देने से साफ इंकार कर दिया। जिस फोन से ऑर्डर दिया गया था जब उसकी पड़ताल की तो वो जिला सामान्य अस्पताल के समीप एक चाउमिन बेचने वाले ठेला चालक का मिला। उसे भी उक्त ठग ने 25 प्लेट चाउमिन का ऑर्डर दिया था, लेकिन डिलीवरी लेने नहीं पहुंचा। ठगी का अहसास होने के बाद ज्वेलर विक्रेता ने मामले की शिकायत सिटी पुलिस थाने में दी।
सराय चौपटा क्षेत्र में वर्धमान ज्वेलर्स संचालक सचिन जैन ने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे उसकी दुकान के नंबर पर एक फोन आया। फोनकर्ता ने कहा कि नेहरू पार्क के सामने स्थित एक निजी प्राइवेट अस्पताल से डॉ. अग्रवाल ने सोने के दो सिक्के मंगवाए हैं। फोन करने वाले ने बताया कि अस्पताल में मनोज मिलेगा उसे दे देना। इस पर उसने अपनी दुकान पर काम करने वाले पवन नामक युवक को दो सिक्के और उसका बिल देकर भेज दिया। उसका कारिंदा जब अस्पताल के अंदर दाखिल हुआ तो वहां पर एक व्यक्ति खड़ा था। जिसने अपना नाम मनोज बताते हुए कहा कि सिक्के लेकर आए हो और उसने शोरूम मालिक का नाम भी खुद ही बोला। जिस पर कारिंदे ने दोनों सिक्के और बिल अंदर जाकर डॉक्टर साहब को देने के लिए उसे सौंप दिए। वह वहीं खड़ा होकर उसके बाहर आने का इंतजार करता रहा, मगर काफी देर तक कोई भी बाहर नहीं आया। इस पर पवन ने वहां मौजूद कर्मचारियों से मनोज के बारे में पूछा तो वहां कार्यरत स्टाफ ने बताया कि यहां तो कोई मनोज नहीं है। जिस पर उसने शोरूम मालिक को फोन पर सूचित किया। जिस पर शोरूम मालिक अस्पताल पहुंचा और जिस फोन से ऑर्डर दिया था उस नंबर को मिलाया तो सामने से बोलने वाले ने खुद को घंटाघर से रेलवे स्टेशन मार्ग पर जिला सामान्य अस्पताल के समीप ही चाउमिन की रेहड़ी लगाने वाला बताया। जब वे उसके पास पहुंचे तो उसने बताया कि उसके फोन से एक व्यक्ति ने किसी से बात की थी और उसे भी 25 प्लेट चाउमिन बनाने का ऑर्डर दिया था, लेकिन लेने नहीं आया। इस पर सचिन जैन अपनी दुकान पर काम करने वाले पवन को लेकर वापस अस्पताल में पहुंचा और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगालने का प्रयास किया, मगर जहां पर आरोपी ने पवन से सिक्के और बिल लिया था उस जगह के कैमरे सही ढंग से काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद सचिन सिटी पुलिस थाने में पहुंचा और उसने दिनदहाड़े सोने के सिक्के ठगने की वारदात की जानकारी पुलिस को दी।
मेरे संज्ञान में इस तरह का मामला आया था, फिलहाल पुलिस इस मामले की तहकीकात में जुटी है। सिक्का देने वाला कारिंदा सामने वाले व्यक्ति को ही नहीं जानता है। जबकि ऑर्डर फोन पर बुक कराया गया बताया जा रहा है।
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दशरथ, एएसआई, इंचार्ज दिनोद गेट चौकी
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सराय चौपटा क्षेत्र में वर्धमान ज्वेलर्स संचालक सचिन जैन ने बताया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे उसकी दुकान के नंबर पर एक फोन आया। फोनकर्ता ने कहा कि नेहरू पार्क के सामने स्थित एक निजी प्राइवेट अस्पताल से डॉ. अग्रवाल ने सोने के दो सिक्के मंगवाए हैं। फोन करने वाले ने बताया कि अस्पताल में मनोज मिलेगा उसे दे देना। इस पर उसने अपनी दुकान पर काम करने वाले पवन नामक युवक को दो सिक्के और उसका बिल देकर भेज दिया। उसका कारिंदा जब अस्पताल के अंदर दाखिल हुआ तो वहां पर एक व्यक्ति खड़ा था। जिसने अपना नाम मनोज बताते हुए कहा कि सिक्के लेकर आए हो और उसने शोरूम मालिक का नाम भी खुद ही बोला। जिस पर कारिंदे ने दोनों सिक्के और बिल अंदर जाकर डॉक्टर साहब को देने के लिए उसे सौंप दिए। वह वहीं खड़ा होकर उसके बाहर आने का इंतजार करता रहा, मगर काफी देर तक कोई भी बाहर नहीं आया। इस पर पवन ने वहां मौजूद कर्मचारियों से मनोज के बारे में पूछा तो वहां कार्यरत स्टाफ ने बताया कि यहां तो कोई मनोज नहीं है। जिस पर उसने शोरूम मालिक को फोन पर सूचित किया। जिस पर शोरूम मालिक अस्पताल पहुंचा और जिस फोन से ऑर्डर दिया था उस नंबर को मिलाया तो सामने से बोलने वाले ने खुद को घंटाघर से रेलवे स्टेशन मार्ग पर जिला सामान्य अस्पताल के समीप ही चाउमिन की रेहड़ी लगाने वाला बताया। जब वे उसके पास पहुंचे तो उसने बताया कि उसके फोन से एक व्यक्ति ने किसी से बात की थी और उसे भी 25 प्लेट चाउमिन बनाने का ऑर्डर दिया था, लेकिन लेने नहीं आया। इस पर सचिन जैन अपनी दुकान पर काम करने वाले पवन को लेकर वापस अस्पताल में पहुंचा और वहां लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगालने का प्रयास किया, मगर जहां पर आरोपी ने पवन से सिक्के और बिल लिया था उस जगह के कैमरे सही ढंग से काम नहीं कर रहे थे। इसके बाद सचिन सिटी पुलिस थाने में पहुंचा और उसने दिनदहाड़े सोने के सिक्के ठगने की वारदात की जानकारी पुलिस को दी।
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मेरे संज्ञान में इस तरह का मामला आया था, फिलहाल पुलिस इस मामले की तहकीकात में जुटी है। सिक्का देने वाला कारिंदा सामने वाले व्यक्ति को ही नहीं जानता है। जबकि ऑर्डर फोन पर बुक कराया गया बताया जा रहा है।
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दशरथ, एएसआई, इंचार्ज दिनोद गेट चौकी