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Bhiwani News: बारिश ने कराया इंतजार, रोपित धान में सिंचाई की चुनौती
Mon, 15 Jul 2024 05:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 15 Jul 2024 05:40 AM IST
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भिवानी। मानसून की बेरुखी से पानी की कमी हो गई है। इस कारण रोपी गई धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच चुकी है। कई जगह किसानों को नलकूप से सिंचाई करनी पड़ रही है। महंगे डीजल से सिंचाई करने के कारण किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक मार पड़ रही है। कई किसानों को धान की रोपाई दोबारा करनी पड़ सकती है।
जिले में जुलाई में सामान्य से कम बारिश हुई है। इसके बावजूद मुंढाल क्षेत्र के किसानों ने करीब 250 एकड़ जमीन पर धान की रोपाई की है। तब से लगातार 10 से 12 दिनों तक बारिश न होने और अत्यधिक गर्मी के कारण रोपी गई धान की फसल झुलसने के कगार पर पहुंच चुकी है। किसानों का कहना है कि अगर एक सप्ताह तक बारिश नहीं हुई तो धान की रोपाई पिछड़ जाएगी। रोपित फसल को भी दोबारा लगाना पड़ेगा। इसका अतिरिक्त भार किसानों पर पड़ेगा।
फिलहाल रोपित धान में नलकूप के सहारे सिंचाई की जा रही है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार धान की रोपाई का उपयुक्त समय 15 जुलाई तक है। इसके बाद धान की फसल को परिपक्व होने में पूरा समय मिलता है। इससे धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद रहती है।
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जिले में जुलाई में सामान्य से कम बारिश हुई है। इसके बावजूद मुंढाल क्षेत्र के किसानों ने करीब 250 एकड़ जमीन पर धान की रोपाई की है। तब से लगातार 10 से 12 दिनों तक बारिश न होने और अत्यधिक गर्मी के कारण रोपी गई धान की फसल झुलसने के कगार पर पहुंच चुकी है। किसानों का कहना है कि अगर एक सप्ताह तक बारिश नहीं हुई तो धान की रोपाई पिछड़ जाएगी। रोपित फसल को भी दोबारा लगाना पड़ेगा। इसका अतिरिक्त भार किसानों पर पड़ेगा।
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फिलहाल रोपित धान में नलकूप के सहारे सिंचाई की जा रही है। इससे उन्हें आर्थिक परेशानी उठानी पड़ रही है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार धान की रोपाई का उपयुक्त समय 15 जुलाई तक है। इसके बाद धान की फसल को परिपक्व होने में पूरा समय मिलता है। इससे धान की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद रहती है।
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