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अस्पताल में बदली ओपीडी की व्यवस्था, अब इंट्री और आउट के लिए होगें अलग अलग द्वार

Thu, 09 Jul 2020 12:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jul 2020 12:03 AM IST
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Chaged OPD system in hospital
ओपीडी में मरीज को चैकअप करते चिकित्सक। - फोटो : Bhiwani
कोरोना कहर के चलते जिला सामान्य अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी की व्यवस्था में भी बदलाव किया है। नेत्र रोग विभाग के बाद अब सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ भी 11 बजे तक मरीजों का इलाज करेंगे। यह निर्णय कोरोना के बढ़ते खतरे और भीड़ कम करने के लिए लिया गया है। इसके अलावा ओपीडी की अन्य व्यवस्थाओं में भी बदलाव करते हुए मरीजों के आने और बाहर जाने के रास्ते अलग-अलग कर दिए हैं। एंट्री गेट पर ओपीडी में आने वाले हरेक मरीज के शरीर का तापमान जांचा जाएगा और सैनिटाइजर से हाथ साफ करवाए जाएंगे।
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जिले में लगातार बढ़ते कोरोना मरीजों के कारण अब स्वास्थ्य विभाग ने ओपीडी में भी बदलाव किया है। अब तक सिर्फ नेत्र रोग विभाग ही सुबह आठ से 11 बजे तक खुलता था। मगर अब सर्जन और हड्डी रोग विभाग भी 11 बजे तक ही खुला रहेगा। अस्पताल की ओपीडी में प्रवेश के लिए चार गेट हैं। जिनमें कोरोना के खतरे के चलते एक को स्थायी रूप से बंद किया हुआ है। बाकी तीन गेट से मरीज आ-जा रहे हैं। अब इनमें बदलाव किया गया है। अब तक इमरजेंसी की ओर से ओपीडी में आने वाला रास्ते को सिर्फ अस्पताल स्टाफ और चिकित्सकों के लिए रखा गया है। पीएमओ कार्यालय के नीचे वाले रास्ते को मरीजों के लिए रखा गया है। वहीं वार्ड के सामने बने ओपीडी के मुख्य गेट को मरीजों के निकले के लिए प्रयोग किया जा रहा है। अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भीड़ ना हो सके लिए यह व्यवस्था की गई है। साथ ही मरीजों के बैठने के लिए ओपीडी के 18 नंबर रूम से सामने बने टीन शेड के नीचे लोहे की कुर्सियां लगवाई गई हैं। सभी गेट पर एक-एक कर्मचारी सैनिटाइजर और तापमान नापने की मशीन के साथ मौजूद रहेगा।
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इनको मिलेगा दो बजे तक उपचार
फिजिशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, शिशु रोग विशेषज्ञ के लिए दोपहर दो बजे तक ओपीडी की व्यवस्था की गई है। यानी सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक गर्भवती महिलाएं, बच्चों और खांसी-जुकाम, बुखार, सांस में तकलीफ आदि फिजिशियन संबंधित बीमारियों का इलाज होगा।
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मरीज भूले सामुदायिक दूरी, अस्पताल कर्मचारियों के छूटे पसीने
अस्पताल में बुधवार को करीब 950 मरीज तीनों ओपीडी में चेकअप करवाने के लिए पहुंचे। मरीजों के हाथ सैनिटाइज करवाने के लिए तो अस्पताल प्रशासन ने कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी मगर लगता है लोग सामुदायिक दूरी के फार्मूले को भूल गए हैं। वीरवार को अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की भारी भीड़ रही। कुछ मरीज चिकित्सक कक्ष के बाहर बगैर सामुदायिक दूरी के खड़े नजर आए। अस्पताल की सुरक्षा कर्मी ने जब उन्हें सामुदायिक दूरी बनाने को कहा तो मरीज व उनके परिजन उसने उलझ गए।

कोरोना वायरस के चलते लोगों में सामुदायिक दूरी बनी रहे इसके लिए इंट्री डोर और आउड डोर की अलग-अलग व्यवस्था की है। मरीजों के लिए सामुदायिक दूरी के साथ कुर्सियों की व्यवस्था ओपीडी के साथ लगते टीन शेड के नीचे की है। अस्पताल में सैनिटाइजर और मास्क के लिए भी कर्मचारियों के ड्यूटी लगाई है। आमजन से अपील है कि जरूरी समय में ही घरों से बाहर निकले। मास्क, सैनिटाइजर और सामुदायिक दूरी की प्रयोग करें। - डॉ. मंजू कादियान, पीएमओ, सिविल अस्पताल।
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