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सीईटी: दूसरे दिन भी दो शिफ्टों में 325 बसों से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे 15 हजार विद्यार्थी
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सीईटी परीक्षा देने अन्य जिलों में जाने के लिए बस स्टैंड पर उमड़ी परीक्षाथियों के साथ अभिभावकों क?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) के लिए रविवार को दूसरे दिन भी करीब 15 हजार परीक्षार्थी रोडवेज व निजी स्कूलों बसों से परीक्षा केंद्रों तक पहुुंचे। रविवार को परीक्षार्थियों की भीड़ बस स्टैंड पर जुटी। रोडवेज ने बवानीखेड़ा, लोहारू, तोशाम व सिवानी बस स्टैंड से बसों का संचालन कराया। वहीं भिवानी बस स्टैंड से भी लोकल परीक्षा केंद्रों के लिए बस चली। दूसरे दिनों में परीक्षा के लिए परीक्षार्थी खचाखच भरी बसों में रवाना हुए।
भिवानी बस स्टैंड सहित अन्य सब बस स्टैंड से रोडवेज की रविवार को 136 बसों के अलावा प्राइवेट स्कूलों की 189 बसों को रूटों पर दौड़ाया गया। बस स्टैंड पर यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ जुटी। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए लगातार दूसरे दिन भी लोकल व अन्य रूटों पर बस सेवा बंद रही। वहीं सामान्य यात्री भी बस स्टैंड पर भटकते रहे। उन्हें निजी या फिर सहकारी समिति की बसों में ही सफर करना पड़ा। बस स्टैंड पर जैसे ही बूथ की तरफ बस बढ़ी चंद मिनट में ही खचाखच भर गई। बिना देरी के बस चालक ने भी उसे तुरंत परीक्षा केंद्र की तरफ दौड़ाना जरूरी समझा। इसी तरह दूसरे जिलों में परीक्षा देने वाले विद्यार्थी अल सुबह तीन बजे ही जुट गए थे। जबकि चार बजे से बसों को रवाना किया गया।
ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में हुई परेशानी
सीईटी के लिए शहर से बाहर कस्बाई इलाकों के शिक्षण संस्थानों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए। कुछ परीक्षा केंद्रों तक तो सीधी बस सेवा नहीं थी और न ही प्राइवेट वाहन वहां तक पहुंच रहे थे। ऐसे में कुछ केंद्रों के लिए ही स्कूल बसों की व्यवस्था की गई थी। कई विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा किया फिर ई रिक्शा में भी सवार होना पड़ा। वहीं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा केंद्र में कम ही इंतजाम थे, लेकिन मानवता के नाते परीक्षा केंद्र में तैनात स्टाफ ने दिव्यांग परीक्षार्थियों की काफी मदद की।
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यहां लगा जमा
शहर के हांसी गेट, दिनोद गेट देवसर चुंगी क्षेत्र में वाहनों का जाम लगा। परीक्षा देने के लिए अधिकतर परीक्षार्थी छोटे वाहनों से पहुंचे थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद ये परीक्षार्थी वापस लौटने लगे तो वाहनों का जाम लग गया। जिसे सुलझाने में यातायात पुलिस को भी करीब आधा घंटा लगा।
परीक्षा के दौरान अभिभावकों की भी परीक्षा
कई महिलाएं तो परीक्षा देने अपने छोटे व दूधमुंहे बच्चों के साथ भी आई थी। ऐसी महिला परीक्षार्थियों के साथ उनकी सास या फिर अन्य परिजन भी आए थे। वैश्य मॉडल स्कूल के बाहर परीक्षा देने के दौरान रेवाड़ी से आई एक बुजुर्ग महिला तो अपने दूधमुंहे पौते को गोदी में संभाले गहरी चिंता में डूबी थी। उसने बताया कि उसकी बहू अंदर काफी देर से परीक्षा दे रही है। दूधमुंहे बच्चे को भूख लगी है। काफी देर से उसे चुप करा रही हूं। इसी तरह अन्य महिला परीक्षार्थी भी अपने बच्चों को लेकर आई थी। जो परीक्षा के दौरान बाहर इधर उधर बैठकर अपना टाइम पास कर रहे थे।
सीईटी के दौरान सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचाने के लिए रोडवेज की भी परीक्षा थी। इस परीक्षा में रोडवेज प्रशासन ने पूरा प्रयास किया कि सभी परीक्षा दे पाएं। इस प्रयास में हम सफल रहे हैं। कहीं से भी कोई शिकायत या फिर परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचने की सूचना नहीं मिली। रोडवेज के पास काफी कम संसाधन होने के बावजूद प्राइवेट स्कूलों की बसों का सहयोग रहा। इसमें जिला प्रशासन ने भी हर संभव सहायता की।
- डॉ. नेत्रपाल खत्री, डिपो महाप्रबंधक, भिवानी डिपो
हरियाणा राज्य परिवहन विभाग।
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भिवानी बस स्टैंड सहित अन्य सब बस स्टैंड से रोडवेज की रविवार को 136 बसों के अलावा प्राइवेट स्कूलों की 189 बसों को रूटों पर दौड़ाया गया। बस स्टैंड पर यात्रियों की अच्छी खासी भीड़ जुटी। परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए लगातार दूसरे दिन भी लोकल व अन्य रूटों पर बस सेवा बंद रही। वहीं सामान्य यात्री भी बस स्टैंड पर भटकते रहे। उन्हें निजी या फिर सहकारी समिति की बसों में ही सफर करना पड़ा। बस स्टैंड पर जैसे ही बूथ की तरफ बस बढ़ी चंद मिनट में ही खचाखच भर गई। बिना देरी के बस चालक ने भी उसे तुरंत परीक्षा केंद्र की तरफ दौड़ाना जरूरी समझा। इसी तरह दूसरे जिलों में परीक्षा देने वाले विद्यार्थी अल सुबह तीन बजे ही जुट गए थे। जबकि चार बजे से बसों को रवाना किया गया।
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ग्रामीण क्षेत्र के परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में हुई परेशानी
सीईटी के लिए शहर से बाहर कस्बाई इलाकों के शिक्षण संस्थानों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए। कुछ परीक्षा केंद्रों तक तो सीधी बस सेवा नहीं थी और न ही प्राइवेट वाहन वहां तक पहुंच रहे थे। ऐसे में कुछ केंद्रों के लिए ही स्कूल बसों की व्यवस्था की गई थी। कई विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने के लिए ऑटो रिक्शा किया फिर ई रिक्शा में भी सवार होना पड़ा। वहीं दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी परीक्षा केंद्र में कम ही इंतजाम थे, लेकिन मानवता के नाते परीक्षा केंद्र में तैनात स्टाफ ने दिव्यांग परीक्षार्थियों की काफी मदद की।
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यहां लगा जमा
शहर के हांसी गेट, दिनोद गेट देवसर चुंगी क्षेत्र में वाहनों का जाम लगा। परीक्षा देने के लिए अधिकतर परीक्षार्थी छोटे वाहनों से पहुंचे थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद ये परीक्षार्थी वापस लौटने लगे तो वाहनों का जाम लग गया। जिसे सुलझाने में यातायात पुलिस को भी करीब आधा घंटा लगा।
परीक्षा के दौरान अभिभावकों की भी परीक्षा
कई महिलाएं तो परीक्षा देने अपने छोटे व दूधमुंहे बच्चों के साथ भी आई थी। ऐसी महिला परीक्षार्थियों के साथ उनकी सास या फिर अन्य परिजन भी आए थे। वैश्य मॉडल स्कूल के बाहर परीक्षा देने के दौरान रेवाड़ी से आई एक बुजुर्ग महिला तो अपने दूधमुंहे पौते को गोदी में संभाले गहरी चिंता में डूबी थी। उसने बताया कि उसकी बहू अंदर काफी देर से परीक्षा दे रही है। दूधमुंहे बच्चे को भूख लगी है। काफी देर से उसे चुप करा रही हूं। इसी तरह अन्य महिला परीक्षार्थी भी अपने बच्चों को लेकर आई थी। जो परीक्षा के दौरान बाहर इधर उधर बैठकर अपना टाइम पास कर रहे थे।
सीईटी के दौरान सभी परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुंचाने के लिए रोडवेज की भी परीक्षा थी। इस परीक्षा में रोडवेज प्रशासन ने पूरा प्रयास किया कि सभी परीक्षा दे पाएं। इस प्रयास में हम सफल रहे हैं। कहीं से भी कोई शिकायत या फिर परीक्षा केंद्र पर देरी से पहुंचने की सूचना नहीं मिली। रोडवेज के पास काफी कम संसाधन होने के बावजूद प्राइवेट स्कूलों की बसों का सहयोग रहा। इसमें जिला प्रशासन ने भी हर संभव सहायता की।
- डॉ. नेत्रपाल खत्री, डिपो महाप्रबंधक, भिवानी डिपो
हरियाणा राज्य परिवहन विभाग।