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सीसीटीवी कैमरों की नजर में होगा पूरा अस्पताल
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
Updated Sat, 21 Nov 2015 12:55 AM IST
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भिवानी। इस साल के दस महीनों के भीतर 35 से ज्यादा चोरी की वारदात झेलने वाले जिला अस्पताल अब जल्द ही सीसीटीवी कैमरों में निगरानी में आ जाएगा। ओपीडी, वार्ड, अस्पताल परिसर, शव गृह के पास सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। एचडी क्वालिटी के कैमरों के साथ नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। इसकी शुरूआत सिविल सर्जन कार्यालय से हो गई और इस वर्ष के आखिर तक सब जगह कैमरे लगाने की योजना है। 30 से 35 सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है।
सिविल सर्जन कार्यालय में लगे नौ कैमरे
सामान्य अस्पताल परिसर में चोरी की घटनाएं आम है। इन चोरी की घटनाओं को रोकने व कोई सरकारी रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ न करे इस पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव बना। दो साल पहले भी इस प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर मंजूरी दी गई मगर कंपनियों के रेट व कैमरों की क्वालिटी के फेर में योजना फाइलों में दब गई। अब फिर इस पर काम शुरू हुआ है। इस बार सीसीटीवी कैमरे लगाने को मंजूरी देने के साथ-साथ लगाने का काम भी शुरू हो गया है। सिविल सर्जन कार्यालय से इसकी शुरूआत हुई है। सिविल सर्जन कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू हो गया है। सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर कैमरा लगाने के अलावा मुख्य गेट के पास, जन्म मृत्यु रजिस्ट्रेशन शाखा व अन्य जगह कैमरे लगाए जा रहे है। करीब नौ कैमरे यहां लगाए जा रहे है। इनमें दो कैमरे नाइट विजन के है, जो मुख्य गेट पर है।
यहां-यहां होंगे कैमरे
* ओपीडी में ट्रीटमेंट स्लिप विंडो
* दवा विंडो
* ओपीडी के दोनों एंट्री गेट पर
* ओपीडी में चिकित्सक कक्ष को फोकस करते हुए
* इमरजेंसी के सामने
* वार्डों के बाहर परिसर व पार्किंग को फोकस करते हुए
* वार्ड में एंट्री गेट पर
* शव गृह के बाहर
* लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्स रे कक्ष के बाहर
वार्डों और ओपीडी में सक्रिय है चोर गिरोह
वार्डों और ओपीडी में इन दिनों चोर गिरोह सक्रिय है। पलक झपकते ही मरीजों व उनके परिजनों का पर्स व अन्य सामान चोरी कर लिया जाता है। औसतन हर दूसरे दिन ओपीडी और वार्डों में चोरी की शिकायतें सामने आ रही है। ओपीडी में दिन के समय काफी भीड़ होती है और इसी का फायदा उठाकर चोर अपने मंसूबो में कामयाब हो जाते है। वर्ष 2015 में अस्पताल में चोरी की 35 से 40 शिकायतें आ चुकी है। चोरी मरीजों व उनके परिजनों को ही नहीं अस्पताल स्टाफ कर्मचारियों को भी नहीं छोड़ते। तीन-चार स्टाफ नर्स भी चोरों का शिकार हो चुकी है। वार्डों में तो रात के समय भी मरीजों व उनके परिजनों का सामान चोरी कर लिया जाता है।
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वर्जन:::
उनके कार्यालय व अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने है। अच्छी क्वालिटी के और नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। पहले हुए सर्वे के अनुसार सभी मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कोई रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ न करे और ओपीडी में चोरी आदि घटनाओं पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे जरूरी है।
डा. रणदीप पूनिया, सिविल सर्जन
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सिविल सर्जन कार्यालय में लगे नौ कैमरे
सामान्य अस्पताल परिसर में चोरी की घटनाएं आम है। इन चोरी की घटनाओं को रोकने व कोई सरकारी रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ न करे इस पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का प्रस्ताव बना। दो साल पहले भी इस प्रस्ताव पर विचार विमर्श कर मंजूरी दी गई मगर कंपनियों के रेट व कैमरों की क्वालिटी के फेर में योजना फाइलों में दब गई। अब फिर इस पर काम शुरू हुआ है। इस बार सीसीटीवी कैमरे लगाने को मंजूरी देने के साथ-साथ लगाने का काम भी शुरू हो गया है। सिविल सर्जन कार्यालय से इसकी शुरूआत हुई है। सिविल सर्जन कार्यालय में सीसीटीवी कैमरे लगाने का काम शुरू हो गया है। सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर कैमरा लगाने के अलावा मुख्य गेट के पास, जन्म मृत्यु रजिस्ट्रेशन शाखा व अन्य जगह कैमरे लगाए जा रहे है। करीब नौ कैमरे यहां लगाए जा रहे है। इनमें दो कैमरे नाइट विजन के है, जो मुख्य गेट पर है।
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यहां-यहां होंगे कैमरे
* ओपीडी में ट्रीटमेंट स्लिप विंडो
* दवा विंडो
* ओपीडी के दोनों एंट्री गेट पर
* ओपीडी में चिकित्सक कक्ष को फोकस करते हुए
* इमरजेंसी के सामने
* वार्डों के बाहर परिसर व पार्किंग को फोकस करते हुए
* वार्ड में एंट्री गेट पर
* शव गृह के बाहर
* लैब, अल्ट्रासाउंड, एक्स रे कक्ष के बाहर
वार्डों और ओपीडी में सक्रिय है चोर गिरोह
वार्डों और ओपीडी में इन दिनों चोर गिरोह सक्रिय है। पलक झपकते ही मरीजों व उनके परिजनों का पर्स व अन्य सामान चोरी कर लिया जाता है। औसतन हर दूसरे दिन ओपीडी और वार्डों में चोरी की शिकायतें सामने आ रही है। ओपीडी में दिन के समय काफी भीड़ होती है और इसी का फायदा उठाकर चोर अपने मंसूबो में कामयाब हो जाते है। वर्ष 2015 में अस्पताल में चोरी की 35 से 40 शिकायतें आ चुकी है। चोरी मरीजों व उनके परिजनों को ही नहीं अस्पताल स्टाफ कर्मचारियों को भी नहीं छोड़ते। तीन-चार स्टाफ नर्स भी चोरों का शिकार हो चुकी है। वार्डों में तो रात के समय भी मरीजों व उनके परिजनों का सामान चोरी कर लिया जाता है।
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उनके कार्यालय व अस्पताल परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने है। अच्छी क्वालिटी के और नाइट विजन कैमरे लगाए जाएंगे। पहले हुए सर्वे के अनुसार सभी मुख्य स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। कोई रिकार्ड के साथ छेड़छाड़ न करे और ओपीडी में चोरी आदि घटनाओं पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे जरूरी है।
डा. रणदीप पूनिया, सिविल सर्जन