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Bhiwani News: बिजली निगम को चूना लगाने के आरोप में एसडीओ सहित तीन कर्मचारियों पर केस दर्ज
Fri, 15 Sep 2023 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 15 Sep 2023 11:58 PM IST
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बिजली निगम को चूना लगाने के आरोप में एसडीओ सहित तीन कर्मचारियों पर केस दर्ज
- माहेश्वरी सभा के बिल भुगतान में कर दी करीब साढ़े तीन लाख की छूट
संवाद न्यूज एजेंसी
बहल (भिवानी)। बिजली निगम के कर्मचारियों ने कस्बे की माहेश्वरी सभा के पदाधिकारी से मिलकर करीब साढ़े तीन लाख रुपये की राशि को गलत तरीके से माफ कर बिजली निगम को चूना लगाने का मामला सामने आया है। सीएम फ्लाइंग द्वारा जांच किए जाने पर जब उक्त घपला पकड़ में आया तो बहल पुलिस ने एसपी भिवानी के आदेश पर माहेश्वरी सभा के तत्कालीन प्रधान, तत्कालीन एसडीओ सहित तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस को इस बारे में शिकायत मिली थी कि बहल बिजली निगम में कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर राशि का गोलमाल किया जा रहा है। कर्मचारी बिजली बिलों को ठीक करवाने आए उपभोक्ताओं से सांठगांठ करके उनके बिलों की भुगतान राशि को कम करके अनियमितता बरती जा रही है। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। जांच के दौरान बिजली निगम के संबंधित रिकार्ड की जांच की गई तो बड़ी गड़बड़ी सामने आई। खास तौर पर कस्बे की माहेश्वरी सभा के बिलों की भुगतान राशि में माफ की गई करीब साढ़े तीन लाख रुपये से ज्यादा राशि सही नहीं पाई। जांच में पता चला कि जिस समय यह गड़बड़ हुई उस समय सब डिविजन में एसडीओ नारायण प्रकाश, सीए, डाटा इंट्री ऑपरेटर दिनेश कुमार, एसडीसी क्लर्क सुनील कुमारी व डीसी रेट पर कार्यरत कंज्यूमर क्लर्क, एसडीसी, कैशियर राजकुमार कार्यरत थे।
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माहेश्वरी सभा के बिल भुगतान में कर दी करीब साढ़े तीन लाख की छूट
जांच टीम ने मामले की जांच के लिए निगम के तत्कालीन एसडीओ दिनेश कुमार व मीटर रीडर रामअवतार को शामिल किया। जांच टीम ने जब रिकार्ड खंगाला तो माहेश्वरी सभा के खाते में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। सभा के बिल नंबर 2342362000 के तीन बार के बिलों में भारी छूट की हुई थी। सभा के बिल में सात जुलाई 2021 को दिनेश क्लर्क की आईडी से 1,31,830 रुपये, 10 सितंबर को 1,09,578 रुपये माफ कर दिए। इसके अलावा क्लर्क सुनील कुमारी व डाटा ऑपरेटर राजकुमार ने मिलीभगत करके एक्सईएन आरपीडीआरपी हिसार के नाम एक फर्जी पत्र तैयार किया। इस पत्र में 14 मार्च 2022 दर्शाकर कथित रूप से 1,31,830 रुपये माफ करवा दिए।
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पहले माफ की गई राशि की फिर से भेजी माफ करने की सिफारिश
बिजली निगम के कर्मचारियों ने माहेश्वरी सभा के जिस बिल नंबर 2342362000 में 1,31,830 रुपये की राशि को माफ करवाया था, एक बार फिर से इसी बिल की इसी राशि को फिर से 155 अन्य उपभोक्ताओं वाली सूची में शामिल कर माफी के लिए पत्र 14 मार्च 2022 को भेज दिया। पर, इसमें गड़बड़ यह रही कि इस पत्र पर तत्कालीन एसडीओ दिनेश कुमार के हस्ताक्षर न होकर उनसे पहले के एसडीओ नारायण प्रकाश के हस्ताक्षर थे। जबकि, उस समय नारायण प्रकाश के पास बहल सब डिविजन का कोई एडशिनल चार्ज नहीं था। एक्सईएन आरएपीडीआरपी को भेजे गए पत्र में झूठा डिस्पैच नंबर लगाकर मेल किया गया था। शिकायत पर पुलिस ने एसआई राजबीर की शिकायत पर एसडीओ नारायण प्रकाश, सीए, डीईओ दिनेश कुमार, एसडीसी क्लर्क सुनील कुमारी, डीसी रेट पर लगे कंज्यूमर क्लर्क राजकुमार सहित माहेश्वरी सभा के तत्कालीन प्रधान अशोक साबू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि सीएम फ्लाइंग के एसआई राजबीर की शिकायत पर पुलिस ने नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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डीसी रेट कर्मचारी को दे दिया कैशियर का फुल चार्ज
तत्कालीन एसडीओ नारायण प्रकाश ने मामले में सभी नियमों को ताक पर रखकर अपने पसंदीदा कर्मचारी को कैशियर बना दिया। जांच में शामिल एसडीओ दिनेश कुमार व रीडर रामअवतार ने बताया कि नारायण प्रकाश एसडीओ ने सब डिविजन बहल में कार्यरत रहने के दौरान कार्यालय पत्र क्रमांक 215 16 जून 2021 के तहत डीसी रेट के कर्मचारी राजकुमार को कंज्यूमर क्लर्क, एसडीसी व कैशियर के साथ अटैच कर दिया। इसके बाद पत्र क्रमांक 219 25अगस्त 2021 के तहत डीसी रेट कर्मचारी को फुल कैशियर का चार्ज दे दिया।
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रजिस्टर भी दिखाए गुम, पुलिस में की गुमशुदगी की शिकायत
कर्मचारियों ने अपने खेल को बहुत ही समझदारी से खेला पर जांच टीम ने जब बारीकी से जांच की तो एक-एक पर्तें खुलती गई। कर्मचारियों ने इन बिलों की माफी के लिए जिस सैंड्री रजिस्टर 95 व 96 में इंद्राज किया था वो गुम दिखा दिए। इन रजिस्टरों की गुमशुदगी की बाकयदा पुलिस में भी शिकायत की जिसे बहल पुलिस ने दिनांक 26 मई 2022 को रोजनामचा में दर्ज किया।
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- माहेश्वरी सभा के बिल भुगतान में कर दी करीब साढ़े तीन लाख की छूट
संवाद न्यूज एजेंसी
बहल (भिवानी)। बिजली निगम के कर्मचारियों ने कस्बे की माहेश्वरी सभा के पदाधिकारी से मिलकर करीब साढ़े तीन लाख रुपये की राशि को गलत तरीके से माफ कर बिजली निगम को चूना लगाने का मामला सामने आया है। सीएम फ्लाइंग द्वारा जांच किए जाने पर जब उक्त घपला पकड़ में आया तो बहल पुलिस ने एसपी भिवानी के आदेश पर माहेश्वरी सभा के तत्कालीन प्रधान, तत्कालीन एसडीओ सहित तीन अन्य कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
पुलिस को इस बारे में शिकायत मिली थी कि बहल बिजली निगम में कर्मचारियों द्वारा उपभोक्ताओं के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर राशि का गोलमाल किया जा रहा है। कर्मचारी बिजली बिलों को ठीक करवाने आए उपभोक्ताओं से सांठगांठ करके उनके बिलों की भुगतान राशि को कम करके अनियमितता बरती जा रही है। इससे राजस्व का नुकसान हो रहा है। जांच के दौरान बिजली निगम के संबंधित रिकार्ड की जांच की गई तो बड़ी गड़बड़ी सामने आई। खास तौर पर कस्बे की माहेश्वरी सभा के बिलों की भुगतान राशि में माफ की गई करीब साढ़े तीन लाख रुपये से ज्यादा राशि सही नहीं पाई। जांच में पता चला कि जिस समय यह गड़बड़ हुई उस समय सब डिविजन में एसडीओ नारायण प्रकाश, सीए, डाटा इंट्री ऑपरेटर दिनेश कुमार, एसडीसी क्लर्क सुनील कुमारी व डीसी रेट पर कार्यरत कंज्यूमर क्लर्क, एसडीसी, कैशियर राजकुमार कार्यरत थे।
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माहेश्वरी सभा के बिल भुगतान में कर दी करीब साढ़े तीन लाख की छूट
जांच टीम ने मामले की जांच के लिए निगम के तत्कालीन एसडीओ दिनेश कुमार व मीटर रीडर रामअवतार को शामिल किया। जांच टीम ने जब रिकार्ड खंगाला तो माहेश्वरी सभा के खाते में बड़ी गड़बड़ी सामने आई। सभा के बिल नंबर 2342362000 के तीन बार के बिलों में भारी छूट की हुई थी। सभा के बिल में सात जुलाई 2021 को दिनेश क्लर्क की आईडी से 1,31,830 रुपये, 10 सितंबर को 1,09,578 रुपये माफ कर दिए। इसके अलावा क्लर्क सुनील कुमारी व डाटा ऑपरेटर राजकुमार ने मिलीभगत करके एक्सईएन आरपीडीआरपी हिसार के नाम एक फर्जी पत्र तैयार किया। इस पत्र में 14 मार्च 2022 दर्शाकर कथित रूप से 1,31,830 रुपये माफ करवा दिए।
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पहले माफ की गई राशि की फिर से भेजी माफ करने की सिफारिश
बिजली निगम के कर्मचारियों ने माहेश्वरी सभा के जिस बिल नंबर 2342362000 में 1,31,830 रुपये की राशि को माफ करवाया था, एक बार फिर से इसी बिल की इसी राशि को फिर से 155 अन्य उपभोक्ताओं वाली सूची में शामिल कर माफी के लिए पत्र 14 मार्च 2022 को भेज दिया। पर, इसमें गड़बड़ यह रही कि इस पत्र पर तत्कालीन एसडीओ दिनेश कुमार के हस्ताक्षर न होकर उनसे पहले के एसडीओ नारायण प्रकाश के हस्ताक्षर थे। जबकि, उस समय नारायण प्रकाश के पास बहल सब डिविजन का कोई एडशिनल चार्ज नहीं था। एक्सईएन आरएपीडीआरपी को भेजे गए पत्र में झूठा डिस्पैच नंबर लगाकर मेल किया गया था। शिकायत पर पुलिस ने एसआई राजबीर की शिकायत पर एसडीओ नारायण प्रकाश, सीए, डीईओ दिनेश कुमार, एसडीसी क्लर्क सुनील कुमारी, डीसी रेट पर लगे कंज्यूमर क्लर्क राजकुमार सहित माहेश्वरी सभा के तत्कालीन प्रधान अशोक साबू के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि सीएम फ्लाइंग के एसआई राजबीर की शिकायत पर पुलिस ने नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
डीसी रेट कर्मचारी को दे दिया कैशियर का फुल चार्ज
तत्कालीन एसडीओ नारायण प्रकाश ने मामले में सभी नियमों को ताक पर रखकर अपने पसंदीदा कर्मचारी को कैशियर बना दिया। जांच में शामिल एसडीओ दिनेश कुमार व रीडर रामअवतार ने बताया कि नारायण प्रकाश एसडीओ ने सब डिविजन बहल में कार्यरत रहने के दौरान कार्यालय पत्र क्रमांक 215 16 जून 2021 के तहत डीसी रेट के कर्मचारी राजकुमार को कंज्यूमर क्लर्क, एसडीसी व कैशियर के साथ अटैच कर दिया। इसके बाद पत्र क्रमांक 219 25अगस्त 2021 के तहत डीसी रेट कर्मचारी को फुल कैशियर का चार्ज दे दिया।
रजिस्टर भी दिखाए गुम, पुलिस में की गुमशुदगी की शिकायत
कर्मचारियों ने अपने खेल को बहुत ही समझदारी से खेला पर जांच टीम ने जब बारीकी से जांच की तो एक-एक पर्तें खुलती गई। कर्मचारियों ने इन बिलों की माफी के लिए जिस सैंड्री रजिस्टर 95 व 96 में इंद्राज किया था वो गुम दिखा दिए। इन रजिस्टरों की गुमशुदगी की बाकयदा पुलिस में भी शिकायत की जिसे बहल पुलिस ने दिनांक 26 मई 2022 को रोजनामचा में दर्ज किया।