फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Case of fraud registered against then Tehsildar Ravindra, accused in Baptist land scam and Sudarshan Jindal, complainant in Municipal Council scam.

Bhiwani News: बैप्टिस्ट भूमि घोटाले के आरोपी तत्कालीन तहसीलदार रवींद्र और नगर परिषद घोटाले के शिकायतकर्ता सुदर्शन जिंदल पर धोखाधड़ी का केस दर्ज

Thu, 29 Feb 2024 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Thu, 29 Feb 2024 12:46 AM IST
विज्ञापन
Case of fraud registered against then Tehsildar Ravindra, accused in Baptist land scam and Sudarshan Jindal, complainant in Municipal Council scam.
भिवानी। बैप्टिस्ट भूमि घोटाले के आरोपी तत्कालीन भिवानी के तहसीलदार रवींद्र मलिक और नगर परिषद में चेक घोटाले के शिकायतकर्ता पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल सहित तत्कालीन आरसी विकास, रीडर विपिन के खिलाफ सिविल लाइन पुलिस थाना में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ है। जेएमआईसी राकेश कादियान की कोर्ट के आदेश पर धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है।
विज्ञापन

सिविल लाइन पुलिस को दी शिकायत में गांव नाथुवास निवासी रतिभान ने बताया कि उसने औद्योगिक सेक्टर 26 में करीब 600 वर्गगज का प्लाॅट खरीद किया था। इसकी अगस्त 2022 को रजिस्ट्री भी करा दी गई थी। उसका औद्योगिक सेक्टर 26 में बालाजी इंडस्ट्रीज नाम से नॉन वुवन कपड़ा का लघु उद्योग है। उसने ये प्लाॅट विद्यानगर निवासी दलजीत सिंह से 70 लाख रुपये में खरीदा था। 26 अगस्त 2022 को प्लाट की रजिस्ट्री कराने के लिए सब रजिस्ट्रार कार्यालय भिवानी में गए थे। जहां पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल ने तहसीलदार से अच्छी जान पहचान होने का हवाला दिया और उनसे स्टॉप ड्यूटी कम कराकर दो लाख रुपये में उनका काम कराने का झांसा दिया। उसने कहा कि तहसीलदार के यहां काम वाली भी उसी ने लगवाई है। रतिभान ने उसका ये ऑफर ठुकरा दिया।
विज्ञापन

रतिभान का कहना है कि उसके सभी दस्तावेज कानूनी तौर पर दुरुस्त थे और उसकी रजिस्ट्री पर बैंक लोन भी है। इसके बाद वह तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क विकास से मिला और कलेक्टर रेट के हिसार से ड्यूटी स्टॉप भी चार लाख 90 हजार रुपये लगा सरकारी खजाना में जमा कराया। इसके बाद उसने नंबरदार और गवाह के साथ हाजिरी रजिस्टर्ड करा दी। उसका आरोप है कि उसकी रजिस्ट्री से कम रेट पर कई अन्य रजिस्ट्री तो कर दी, लेकिन दस्तावेज पूरे होने के बाद भी उसकी रजिस्ट्री नहीं दी। तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क विकास ने उसे कार्यालय में आकर रजिस्ट्री ले जाने के लिए कहा। इसके बाद वह दो सितंबर 2022 को पहुंचा तो उसे चक्कर काटते रहे, लेकिन रजिस्ट्री नहीं दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

उसके बाद उसे बताया गया कि उसकी रजिस्ट्री सुदर्शन जिंदल ले गया है। रजिस्ट्री लेकर जाने के तहसील कार्यालय के रजिस्टर में सुदर्शन जिंदल का नाम रिकॉर्ड दर्ज मिला। इस मामले में तत्कालीन तहसीलदार रवींद्र मलिक से मिला तो उसने सुदर्शन जिंदल से मिलकर जैसा कहे वैसा कर देने के लिए बोला। जब वह सुदर्शन से मिला तो उसने कहा पहले तो एक लाख लगते अब दो लाख रुपये लगेंगे। रतिभान से सुदर्शन ने कहा कि उसे दो लाख रुपये दो तहसीलदार और रीडर को भी देने होंगे और काम बन जाएगा। उसने पैसे देने से इन्कार कर दिया।
रतिभान ने शिकायत में बताया कि उसने 50 लाख रुपये बैंक से और 20 लाख रुपये भवन निर्माण के लिए लोन लिया था। दस लाख का मटेरियल के लिए भी बैंक ने लोन पास किया था, लेकिन रजिस्ट्री जमा नहीं कराने पर उसे ये पैसा नहीं मिला। उसका व्यापार भी बंद हो गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत सीएम विंडो में दी और इसके बाद जिला प्रशासन को भी शिकायत दी। मामले की एसडीएम ने भी जांच की, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद न्यायालय में इस्तगासा डाला। इसके बाद जेएमआईसी राकेश कादियान की कोर्ट ने सिविल लाइन पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए। सिविल लाइन पुलिस थाना में भिवानी के तत्कालीन तहसीलदार रवींद्र मलिक, तत्कालीन रजिस्ट्री क्लर्क विकास, विपिन रीडर व पूर्व पार्षद सुदर्शन जिंदल के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज हुआ है। बता दें कि बैप्टिस्ट चर्च की भूमि विवाद में नामजद तत्कालीन तहसीलदार रवींद्र मलिक और तत्कालीन आरसी विकास धोखाधड़ी मामले में पहले से ही निलंबित चल रहे हैं। वहीं सुदर्शन जिंदल भी नगर परिषद में करोड़ों के चेक घोटाले में शिकायतकर्ता है।

--------
कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन तहसीलदार रवींद्र मलिक, तत्कालीन आरसी विकास, रीडर विपिन सहित सुदर्शन जिंदल के खिलाफ धोखाधड़ी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
-मदन कुमार एसएचओ सिविल लाइन पुलिस थाना भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed