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भिवानी में प्रदर्शनकारी की मौत का मामला: 24 घंटे बीतने के बाद भी नहीं हुआ अंतिम संस्कार, मांगों पर अड़े परिजन

Wed, 13 Sep 2023 03:06 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 13 Sep 2023 03:06 PM IST
सार

रोहनात गांव को ग्रामीण पिछले 157 दिन से लघु सचिवालय के बाहर मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। आंदोलन की अगुवाई कर रहे वेदप्रकाश ने आहत होकर तीन बड़े अधिकारियों पर सुसाइड नोट में गंभीर आरोप लगाते हुए धरनास्थल पर ही फंदा लगा लिया। लेकिन परिजनों से शव लेने से मना कर दिया है।

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Case of death of protesters in Bhiwani, Cremation not done even after 24 hours
प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भिवानी में मंगलवार को लघु सचिवालय के बाहर धरनास्थल पर फंदा लगाने वाले वेदप्रकाश का शव 24 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो परिजनों ने लिया और न ही आंदोलनकारी गांव रोहनात के ग्रामीणों ने। बुधवार को आक्रोशित ग्रामीणों के बीच कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं पहुंचा और न ही सत्ता पक्ष से।

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ये था पूरा मामला
रोहनात गांव को ग्रामीण पिछले 157 दिन से लघु सचिवालय के बाहर मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। जिसमें उनकी प्रमुख मांग गांव को शहीद का दर्ज देने, अंग्रेजों द्वारा नीलाम की गई गांव की जमीन का मालिकाना हक वापस दिलाने की मांग प्रमुख तौर पर है। इन मांगों के पूरा नहीं होने पर आंदोलन की अगुवाई कर रहे वेदप्रकाश ने आहत होकर तीन बड़े अधिकारियों पर सुसाइड नोट में गंभीर आरोप लगाते हुए धरनास्थल पर ही फंदा लगा लिया था। 
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रोहनात गांव के ग्रामीणों और वेदप्रकाश की आत्महत्या के बाद लघु सचिवालय स्थित धरनास्थल पर बुधवार को पहुंचकर काफी जन संगठनों ने अपना समर्थन दिया। जिनमें आशा वर्कर यूनियन, किसान सभा, युवा कल्याण संगठन, जागृति मोर्चा, सीटू, दलित अधिकार मंच, भवन निर्माण कामगार यूनियन, दिव्यांग संघर्ष समिति शामिल हैं। वहीं प्रशासन की तरफ से कोई बड़ा अधिकारी धरने पर नहीं पहुंचा। कांग्रेस के युवा नेता धीरज सिंह और मा. सतबीर रतेरा भी धरनास्थल पर पहुंचे। 
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वहीं, डीआरओ राजकुमार ने अपने ऊपर लगाए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि धरने से जुडे़ लोग जब भी उनके पास आए तो उन्हें पूरा सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की मांगों के संबंध में उनसे जो बन पड़ा वह उन्होंने किया।

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