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Bhiwani News: सहमति बगैर शादी और सहमति संबंध के खिलाफ चलाया अभियान
Mon, 17 Feb 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 17 Feb 2025 01:10 AM IST
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भिवानी। गो किसान समृद्धि ट्रस्ट ने सहमति संबंध के पंजीकरण की प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की है। परिजनों की सहमति के बगैर शादियां न करने के लिए ट्रस्ट ने कई गांवों में अभियान चलाया। इसके तहत ट्रस्ट के सदस्य गांव-गांव, घर-घर जाकर लोगों को जागरूक कर उनके हस्ताक्षर भी करा रहे हैं।
गो किसान समृद्धि ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं गीता पढ़ो-पढ़ाओ अभियान के संचालक महेंद्र सिंह गोदारा के नेतृत्व में रविवार को गांव रोढ़ा और झुल्ली में जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान महेंद्र ने कहा कि आज हम सभी राजनीतिक और आर्थिक तौर पर स्वयं को सक्रिय और सक्षम बना चुके हैं लेकिन इसकी दौड़ में भागते हुए हम सामाजिक, सांस्कृतिक और अध्यात्म से दूर चले गए। इस कारण बच्चों में वैचारिक भटकाव आ गया। नौजवानों ने अपने मा-बाप और समाज की अवहेलना करके घरों से भाग कर शादी कर दी। यह समस्या समाज को कमजोर कर रही है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए हम सभी को मिलकर समाज में प्रमुखता से आध्यात्म का प्रचार-प्रसार करना होगा। इसके लिए गांव के मंदिर में माइक में भजन गाने बंद करके रोजाना गीता के श्लोक पढ़ने और सुनाने होंगे। गोदारा ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का ही नहीं, बल्कि दो परिवारों और समुदायों का भी मिलन होता है। यदि विवाह परिजनों की सहमति बगैर होता है तो यह सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर आपसी समरसता में बाधा उत्पन्न कर सकता है। ऐसे में इस दिशा में लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने यह विशेष अभियान चलाया है।
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गो किसान समृद्धि ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं गीता पढ़ो-पढ़ाओ अभियान के संचालक महेंद्र सिंह गोदारा के नेतृत्व में रविवार को गांव रोढ़ा और झुल्ली में जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। इस दौरान महेंद्र ने कहा कि आज हम सभी राजनीतिक और आर्थिक तौर पर स्वयं को सक्रिय और सक्षम बना चुके हैं लेकिन इसकी दौड़ में भागते हुए हम सामाजिक, सांस्कृतिक और अध्यात्म से दूर चले गए। इस कारण बच्चों में वैचारिक भटकाव आ गया। नौजवानों ने अपने मा-बाप और समाज की अवहेलना करके घरों से भाग कर शादी कर दी। यह समस्या समाज को कमजोर कर रही है।
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उन्होंने कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए हम सभी को मिलकर समाज में प्रमुखता से आध्यात्म का प्रचार-प्रसार करना होगा। इसके लिए गांव के मंदिर में माइक में भजन गाने बंद करके रोजाना गीता के श्लोक पढ़ने और सुनाने होंगे। गोदारा ने कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का ही नहीं, बल्कि दो परिवारों और समुदायों का भी मिलन होता है। यदि विवाह परिजनों की सहमति बगैर होता है तो यह सामाजिक ताने-बाने को प्रभावित कर आपसी समरसता में बाधा उत्पन्न कर सकता है। ऐसे में इस दिशा में लोगों को जागरूक करने के लिए उन्होंने यह विशेष अभियान चलाया है।
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