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भिवानी के फॉर्म में 500 कटड़े-बछड़े किए जा रहे तैयार

Tue, 16 Feb 2021 01:08 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Feb 2021 01:08 AM IST
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calf farm, bhiwani, gokul mishan
भिवानी पहुंचे पर हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. कल्पना सिंह का स्वागत करते ? - फोटो : Bhiwani
भिवानी। केंद्र सरकार के पशुपालन मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत अब भिवानी के कटड़ा फॉर्म में 500 मुर्राह नस्ल व हरियाणा नस्ल के कटड़ों व बछड़ों (कॉफ) को तैयार किया जा रहा है, जो उच्च गुणवत्ता व अधिक दुग्ध उत्पादन वाली नस्लों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे। राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत देश में 13 स्थानों पर उच्च गुणवत्ता वाले कटड़ों व बछड़ों को अधिक दुग्ध उत्पादन क्षमता के सीमन के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें से हरियाणा में भिवानी का कटड़ा फॉर्म को भी राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत चुना गया है। हरियाणा दुग्ध उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है। जहां देश में 204 ग्राम दुग्ध प्रति व्यक्ति है, वही हरियाणा की दुग्ध उपलब्धता 704 ग्राम प्रति व्यक्ति है, जो हरियाणा को दूध-दही के राज्य के रूप में चरितार्थ करती है।
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25 करोड़ रुपये आएगी लागत
सोमवार को हरियाणा पशुधन विकास बोर्ड की मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. कल्पना सिंह ने मुर्राह बुल फॉर्म का दौरा किया। मुर्राह बुल फॉर्म के सहायक निदेशक डॉ. जयपाल घणघस व उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून ने उनका स्वागत किया। प्रोजेक्ट के हरियाणा कोऑर्डिनेटर डॉ. ओपी यादव व मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. कल्पना सिंह ने बताया कि हरियाणा का काला सोना कही जाने वाली मुर्राह भैंस व हरियाणा गाय की नस्ल के 500 कटड़ों व बछड़ों को यहां तैयार किया जा रहा है। इनको तैयार करने के दौरान उनकी अनुवांशिकी गुणवत्ता को जांचा जा रहा है। इन बछड़ों व कटड़ों में टीबी, जोनीडिसीज, बुरसोलॉसिस व अन्य ट्रांसमिट होने वाली बीमारियों का डाटा इनकी गुणवत्ता व खुराक सभी को ध्यान में रखते हुए छंटनी के आधार पर 500 कटड़ों व बछड़ों को तैयार किया जाएगा। जिस पर 25 करोड़ रुपये लागत आएगी। पांच वर्ष में इस प्रोजेक्ट को पूरा कर दिया जाएगा। जिसके बाद तैयार हुए कॉफ को केंद्रीय पशुपालन मंत्रालय की कमेटी द्वारा चयन करके देश के दुग्ध उत्पादक राज्यों व जिलों तक भेजा जाएगा। जहां पर इस कॉफ का सीमन तैयार कर बेहतर गुणवत्ता व अधिक दूध देने वाली पीढ़ियों को तैयार किया जाएगा। इस अवसर पर उपनिदेशक डॉ. जसवंत जून, सहायक निदेशक डॉ. जयपाल घणघस, डॉ. अमित, डॉ. राजकुमार, डॉ. आईएस कादयान, डॉ. महताब सिंह, डॉ. विजय सनसनवाल, अनिल सांगवान, दिलबाग बुढ़ेड़ा, सतबीर कौशिक, विरेंद्र बाजिया, विरेंद्र श्योराण, अरविंद भालोठिया, सुभाष, रतनपाल, डॉ. राज सिंह चहल, सीमन बैंक ऑफिसर डॉ. आरएस गर्ग आदि उपस्थित रहे।
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