जेपी के मंत्री बनते ही 15 साल बाद खत्म हुआ राजनीतिक सूखा, भिवानी में जगी विकास की आस
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पिछले 15 साल से राजनीतिक रूप से सूखा झेल रहे लोहारू क्षेत्र में मंत्री पद मिलने के बाद एक बार फिर से विकास की नई उम्मीद जगी है। मनोहर मंत्रिमंडल के पहले विस्तार में वीरवार को लोहारू के विधायक जेपी दलाल को केबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई गई है। लोहारू विधानसभा क्षेत्र से जेपी दलाल ऐसे तीसरे विधायक हैं जिनको मंत्री पद मिला है।
लोहारू क्षेत्र को पहली बार प्रदेश के मंत्रिमंडल में हीरानंद आर्य के रूप में मंत्री पद नसीब हुआ था। वे एक बार वित्त और दूसरी बार शिक्षा मंत्री बने थे। दोनों ही बार वे देवीलाल मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री बने थे। हालांकि, वर्ष 1999 से 2004 तक इनेलो शासन में बहादुर सिंह ने शिक्षा मंत्री के रूप हलके का प्रतिनिधित्व किया था। लेकिन, वे राज्य मंत्री बने थे।
ऐसे में बतौर कैबिनेट मंत्री जेपी दलाल लोहारू विधानसभा का प्रतिनिधित्व करने वाले दूसरे मंत्री है। कारण कि हीरानंद आर्य के बाद जेपी दलाल को ही अब कैबिनेट का दर्जा मिला है। लेकिन, मंत्री पद की बात की जाए तो वे हीरानंद आर्य व बहादुर सिंह के बाद तीसरे ऐसे नेता है, जिनको मंत्री पद मिला है। बहादुर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के मंत्रिमंडल में शिक्षा राज्य मंत्री बने थे।
वहीं, वे वर्ष 1967 के बाद विधानसभा में चुनकर जाने वाले सातवें विधायक बने हैं। उनसे पहले वर्ष 1967, 77, 82, 87 में हीरानंद (कांग्रेस, जनता पार्टी, लोकदल), 1972, 91 में चंद्रावती देवी (कांग्रेस व जनता दल), 1996, 2005 में सोमवीर सिंह (हरियाणा विकास पार्टी व कांग्रेस) के अलावा वर्ष 2009 में धर्मपाल ओबरा (इनेलो), 2014 में ओमप्रकाश बड़वा (इनेलो) विधायक बने थे।
अब वर्ष 2019 के हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा के जेपी दलाल कांग्रेस के सोमवीर सिंह को 18000 मतों से पराजित कर विधानसभा पहुंचे हैं। उनको पहली बार में विधायक बनने व पहले ही मंत्रिमंडल विस्तार में मंत्री पद मिला है।
जेई की नौकरी छोड़ अपनाई राजनीति, पहली बार जीत बने केबिनेट मंत्री : पूर्व कृषि मंत्री सुरेंद्र सिंह के बेहद नजदीकी दोस्त रहे जेपी दलाल ने पूर्व मंत्री के कहने पर ही जेई की नौकरी छोड़ राजनीति में कदम रखा। वे सुरेंद्र सिंह के इतने नजदीकी थे कि हरियाणा विकास पार्टी में उनका अहम रोल रहा।
राजनीतिक करियर की शुरूआत 2009 के चुनाव से हुई जब उन्होंने बतौर निर्दलीय लोहारू से चुनाव लड़ा। यहां उन्हें हार झेलनी पड़ी। फिर भाजपा का दामन थामा और 2014 का चुनाव भाजपा उम्मीदवार के रूप में लड़ा। यहां भी किस्मत ने साथ नहीं दिया और मामूली अंतर से हार हुई।
बावजूद इसके हौंसला नहीं छोड़ा। इस दौरान वे भाजपा की प्रदेश कार्यकारिणी में प्रदेश उपाध्यक्ष बनाए गए। 2019 में भाजपा की सीट पर ही चुनाव लड़ा और 18 हजार मतों से जीत हासिल की। विधानसभा चुनाव में पहली जीत के साथ ही कैबिनेट मंत्री बने।
नाम : जयप्रकाश दलाल
शिक्षा : बीए और डिप्लोमा इन सिविल इंजीनियर