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मणिपुर में बीएसएफ का जवान शहीद: भिवानी के लालावास में नरेंद्र का हुआ अंतिम संस्कार, अधिकारियों ने दी सलामी

Wed, 31 May 2023 12:51 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Wed, 31 May 2023 12:51 PM IST
सार

भिवानी के गांव लालावास निवासी नरेंद्र कुमार बीएएसएफ में 2013 में भर्ती हुआ था। 2015 में नरेंद्र की शादी हिसार निवासी नीतू के साथ हुई थी। उसका एक सात साल का बेटा हितार्थ है। 2019 से नरेंद्र मणिपुर  में तैनात था। मणिपुर हिंसा के दौरान उग्रवादियों से लड़ाई में कांस्टेबल नरेंद्र को गोली लगी।

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BSF jawan martyred in Manipur, Narendra last rites performed at Lalawas in Bhiwani
शहीद का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भिवानी के गांव लालावास में बीएसएफ कांस्टेबल नरेंद्र कुमार का बुधवार को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। नरेंद्र कुमार मणिपुर में उग्रवादियों से लड़ाई के दौरान गोली लगने से शहीद हो गया था। बुधवार को गांव के शमशान घाट में शहीद सैनिक को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जुटी वहीं बीएसएफ सैन्य अधिकारियों की एक टुकड़ी भी शहीद की देह को लेकर यहां पहुंची। सैनिक सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया। इस मौके पर राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों के अलावा प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

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गांव के बेटे को अंतिम विदाई देने जुटी ग्रामीणों की भीड़
गांव लालावास निवासी नरेंद्र कुमार बीएएसएफ में 2013 में भर्ती हुआ था।  2015 में नरेंद्र की शादी हिसार निवासी नीतू के साथ हुई थी। उसका एक सात साल का बेटा हितार्थ है। 2019 से नरेंद्र मणिपुर  में तैनात था। मणिपुर हिंसा के दौरान उग्रवादियों से लड़ाई में कांस्टेबल नरेंद्र को गोली लगी। गंभीर हालत में उसे बीएएसएफ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने उसकी सहादत की पुष्टि कर दी। जिसके बाद उसे दिल्ली स्थित बीएएसएफ के मुख्यालय लाया गया।
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बेटे की शहादत पर पिता का कहना
जहां से बुधवार सुबह बीएएसएफ सैन्य अधिकारियों की एक टुकड़ी शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर गांव लालावास पहुंची। शहीद कांस्टेबल के पिता किरोड़ीमल राजमिस्त्री हैं जबकि माता शकुंतला गृहणी हैं। बेटे की शहादत पर पिता का कहना है कि उसे अपने बेटे पर गर्व है। उसका बेटा देश के काम आया। वहीं शहीद को अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों ग्रामीण भी शमशान घाट में जुटे।

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