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सेक्टर में बरसाती पानी निकासी को सड़क किनारे बनेंगी ड्रेन

Sun, 23 Oct 2016 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 23 Oct 2016 12:59 AM IST
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नाला - फोटो : अमर उजाला

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भिवानी में सेक्टर की मुख्य सड़कों को पानी से बचाने और जलभराव रोकने के लिए हुडा विभाग वर्षों पुराना तरीका अपनाने जा रहा है। विभाग सड़क किनारे ड्रेनेज बनाएगा। सेक्टर की मुख्य सड़कों के किनारे बनने वाली ड्रेनेज को रेन वाटर डिस्पोजल से मिलाया जाएगा। इसके लिए हुडा विभाग ने टेंडर आमंत्रित किए हैं और आगामी आठ माह में इस प्रोजेक्ट को पूरा किया जाना है।

हुडा के सेक्टर 13 व 23 में वर्षों से न बरसाती पानी निकासी की कोई व्यवस्था और सड़के भी बदहाल है। सड़कों का मुद्दा लोक अदालत तक पहुंचा। बरसाती पानी के लिए दो रेन वाटर डिस्पोजल बनाए गए है मगर उनका निर्माण के बाद से अब तक कनेक्शन ही नहीं किया है। बरसात के समय में सेक्टर की सड़कों पर पानी जमा होता है। इस वजह से सारी सड़कें खस्ताहाल है।
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हुडा अधिकारियों ने अब सड़कों को बरसाती पानी से बचाने का प्लान किया है। योजना के तहत सेक्टर 13 व 23 की मुख्य सड़कों के किनारे ड्रेनें बनाई जाएंगी। सभी विभाग सड़कों, मुख्य सड़कों के किनारे ड्रेन बनाई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य रहेगा कि
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सड़कों पर पानी जमा न हो और न ही जलभराव हो।
शुरूआती चरण में सेक्टर 13, 23 की विभाजक सड़कों और मुख्य मार्गों को शामिल किया गया है। जिनके किनारे ड्रेन बनाई जाएगी। ड्रेनेज बनाने की प्रक्रिया आरंभ हो गई है और टेंडर आमंत्रित किए गए है। करीब 68 लाख से ड्रेन बनाई जाएंगी। सबसे पहले सेक्टर 13, 23 के बीच बने फोरलेन रोड के किनारे ड्रेनेज बनाई जाएंगी। ड्रेनेज को सीधे सेक्टर के अंत में रेन वाटर डिस्पोजल में मिलाया जाएगा। ड्रेनेज निर्माण की समयावधि आठ माह रखी गई है यानी आठ माह में सड़क किनारे ड्रेनेज सिस्टम बनकर तैयार हो जाएगा। ड्रेनेज के तहत तीन सौ एमएम आरसीसी पाइप का प्रावधान किया जाएगा।

सड़कें है बदहाल हैं, इनकी भी सुध लो
साहब, पिछले लंबे समय से सड़के बदहाल है। गड्ढे ही गड्ढे है। बरसाती मौसम में जलभराव होता हैऔर गड्ढे नजर नहीं आते। जिस कारण हादसे होते है। इनकी भी सुध ले लो। यह गुहार सेक्टर वासी हुडा विभाग के अधिकारियों से लगा रहे है। सेक्टर की मुख्य सड़कों के किनारे बरसाती पानी निकासी के ड्रेनेज सिस्टम बनाने की तैयारी तो हो गई मगर खस्ताहाल सड़कों को सुधारने की कोई प्लानिंग नहीं। सेक्टर 13 की सड़के बनाने के प्रपोजल को मंजूरी नहीं मिली तो सेक्टर 23 की सड़कों 195 लाख मंजूर हुए। मगर सड़क के लेवल को लेकर सेक्टर वासियों के विवाद के कारण सड़क निर्माण का मामला लटक गया। सेक्टर वासियों से बातचीत के बाद स्थानीय अधिकारियों ने पुरानी सड़क पर दो इंच की बीएम कारपेट और एक इंच की प्री-मिक्सर कारपेट बिछाने का निर्णय लिया है। इसका प्रपोजल बनाकर अधिकारियों के पास भेजा गया है मगर अब इसे मंजूरी का इंतजार है। सेक्टर 13 व 23 दोनों की सड़के बदहाल है और सेक्टर वासी सेक्टर की खस्ताहाल सड़कों के लिए विभा अधिकारियों को कोस रहे है।

अधिकारी थे तो मंजूर हुई शिक्षा बोर्ड की सड़कें
अमूमन प्रशासनिक अधिकारियों के पास ही शिक्षा बोर्ड का चार्ज रहा है, इसलिए यहां की सड़कों की भी सुध ली गई है। हुडा ने शिक्षा बोर्ड की सड़कों की हालत सुधारने के लिए भी 20 लाख का बजट मंजूर किया है। जिसके तहत बोर्ड की सड़कों की विशेष मरम्मत की जाएगी। 20 मोटे प्रीमिक्स कारपेड बिछाई जाएगी। साथ ही इसके रखरखाव का भी तीन साल का ठेका दिया जाएगा।


सेक्टर 13, 23 की विभाग मुख्य सड़कों के किनारे ड्रेनेज सिस्टम बनाया जाएगा। ताकि सड़कों का सारा बरसाती पानी ड्रेन के माध्यम से रेन वाटर डिस्पोजल में चला जाएगा। जल्द टेंडर छोड़ निर्माण करवाया जाएगा। सेक्टर की सड़कों के निर्माण की फाइल मुख्यालय में अटकी है। वहां से प्रपोजल मंजूर होने के बाद ही सड़क निर्माण करवाया जा सकता है।
नरेश शर्मा, एसडीओ, हुडा विभाग
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